मेरा राज्य प्रशासन से आग्रह है कि वो श्रमिकों का भरोसा जगाए रखें : नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, अर्थव्यवस्था और पारिस्थितिकी दोनों एक साथ चल सकते हैं| (PIB)
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, अर्थव्यवस्था और पारिस्थितिकी दोनों एक साथ चल सकते हैं| (PIB)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने मंगलवार को राष्ट्र के नाम संदेश के दौरान राज्य सरकारों से श्रमिकों का भरोसा जगाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रयास ये भी है कि आर्थिक गतिविधियां और आजीविका, कम से कम प्रभावित हों। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, मेरा राज्य प्रशासन से आग्रह है कि वो श्रमिकों (Migrant Labours) का भरोसा जगाए रखें, उनसे आग्रह करें कि वो जहां हैं, वहीं रहें। राज्यों द्वारा दिया गया ये भरोसा उनकी बहुत मदद करेगा कि वो जिस शहर में हैं वहीं पर अगले कुछ दिनों में वैक्सीन भी लगेगी और उनका काम भी बंद नहीं होगा। हम सभी का प्रयास, जीवन बचाने के लिए तो है ही, प्रयास ये भी है कि आर्थिक गतिविधियां और आजीविका, कम से कम प्रभावित हों।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, कल ही वैक्सीनेशन को लेकर एक और अहम फैसला लिया गया है। एक मई के बाद से, 18 वर्ष के ऊपर के किसी भी व्यक्ति को वैक्सीनेट किया जा सकेगा। अब भारत में जो वैक्सीन बनेगी, उसका आधा हिस्सा सीधे राज्यों और अस्पतालों को भी मिलेगा। वैक्सीनेशन को 18 वर्ष की आयु के ऊपर के लोगों के लिए ओपेन करने से शहरों में जो हमारी वर्कफोर्स है, उसे तेजी से वैक्सीन उपलब्ध होगी।

श्रमिकों का भरोसा जगाए रखें, उनसे आग्रह करें कि वो जहां हैं, वहीं रहें। (सांकेतिक चित्र। Wikimedia Commons)

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दुनिया में सबसे तेजी से भारत में पहले 10 करोड़, फिर 11 करोड़ और अब 12 करोड़ वैक्सीन के डोजेज दिए गए हैं। हमारे वैज्ञानिकों ने दिन-रात एक करके बहुत कम समय में देशवासियों के लिए वैक्सीन्स विकसित की हैं। आज दुनिया की सबसे सस्ती वैक्सीन भारत में है। भारत की कोल्ड चेन व्यवस्था के अनुकूल वैक्सीन हमारे पास है।

प्रधानमंत्री मोदी ने रमजान को अनुशासन का महीना बताते हुए लोगों से घरों से बाहर न निकलने की अपील की। उन्होंने कहा, रमजान के पवित्र महीने का आज सातवां दिन है। रमजान हमें धैर्य, आत्मसंयम और अनुशासन की सीख देता है। कोरोना के खिलाफ जंग जीतने के लिए अनुशासन की उतनी ही जरूरत है। जब जरूरी हो, तभी बाहर निकलें। कोविड अनुशासन का पूरा पालन करें। (आईएएनएस-SM)

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