ब्रिक्स देशों के मीडिया संस्थाओं के बीच सहयोग बढ़ाया जाए

पांच देशों के मुख्य मीडिया संस्थाओं के जिम्मेदार व्यक्तियों ने वचन दिया कि एकजुट होकर फोरम का विकास और सुधार किया जाएगा। (Wikimedia Commons )
पांच देशों के मुख्य मीडिया संस्थाओं के जिम्मेदार व्यक्तियों ने वचन दिया कि एकजुट होकर फोरम का विकास और सुधार किया जाएगा। (Wikimedia Commons )

कोविड-19 महामारी फैलने के बाद ब्रिक्स देश एक दूसरे की सहायता कर रहे हैं। चीन, ब्राजील, रूस, भारत और दक्षिण अफ्रीका के मुख्य मीडिया संस्थाओं ने महामारी के जुड़े बहुत सारी रिपोर्टें कीं, जिससे महामारी को खत्म करने का संकल्प दिखाया गया है। हाल में ब्रिक्स मीडिया फोरम के अध्यक्ष मंडल की पांचवीं बैठक ऑनलाइन आयोजित हुई। इन पांच देशों के मुख्य मीडिया संस्थाओं के जिम्मेदार व्यक्तियों ने वचन दिया कि एकजुट होकर फोरम का विकास और सुधार किया जाएगा। इसके साथ महामारी के बाद के युग में ब्रिक्स देशों के मीडिया संस्थाओं में आदान-प्रदान और सहयोग मजबूत किया जाएगा।

ब्रिक्स सहयोग दूसरे दशक में प्रवेश कर चुका है। ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग व्यापक रूप से जारी हैं और उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल हुई हैं। यह पांच देशों के मीडिया संस्थाओं की भूमिका से अलग नहीं हो सकता। कुछ समय पहले ब्रिक्स देशों का 12वां शिखर सम्मेलन वीडियो के माध्यम से आयोजित हुआ। पांच देशों के नेताओं ने महामारी के खिलाफ सहयोग पर चर्चा की, ब्रिक्स के विकास की योजना बनायी और ब्रिक्स सहयोग व वर्तमान अंतर्राष्ट्रीय स्थिति पर गहन रूप से विचार-विमर्श किया और व्यापक सहमति बनायी।

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इस स्थिति में मीडिया संस्थाओं को ब्रिक्स देशों की शक्ति दिखानी चाहिए। ब्रिक्स देशों का प्रतिनिधित्व वाले विकासशील देशों की भावना का प्रचार करना चाहिए, ताकि ब्रिक्स देशों के लिए बेहतर अंतर्राष्ट्रीय वातावरण तैयार हो सके।

वैश्वीकरण विरोधी की विचारधारा, संरक्षणवाद और शीतयुद्ध की विचारधारा सक्रिय होने के मद्देनजर कुछ देशों और मीडिया संस्थाओं ने क्रमश: विकासशील देशों पर कालिख पोती। इस स्थिति में ब्रिक्स देशों के मीडिया संस्थाओं को बहुपक्षवाद पर कायम रहते हुए विकासशील देशों के बोलने का अधिकार बनाए रखना और उन्नत करना चाहिए और ब्रिक्स देशों के लोगों के बीच समझ और समर्थन मजबूत करना चाहिए।

आशा है कि विभिन्न पक्षों के समान प्रयास से ब्रिक्स देशों के मीडिया संस्थाओं के बीच सहयोग में अवश्य ही और अधिक उपलब्धियां हासिल होंगी और दुनिया को ब्रिक्स की जोरदार आवाज सुनाई जाएगी।

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