क्रिप्टोकरेंसी को काबू करने के लिए मोदी सरकार ला रही है बिल

प्राइवेट क्रिप्टोकरेंसी पर शिकंजा कसेगी केंद्र की सरकार। (Wikimedia Commons)
प्राइवेट क्रिप्टोकरेंसी पर शिकंजा कसेगी केंद्र की सरकार। (Wikimedia Commons)

आज सुबह से सोशल मीडिया से लेकर मीडिया तक क्रिप्टोकरेंसी(Cryptocurrency) ही चल रहा है। कोई कह रहा है कि सरकार क्रिप्टो करेंसी बंद करने जा रही है, तो कोई कह रहा है कि सरकार खुद क्रिप्टोकरेंसी लाने वाली है। आखिर सच्चाई क्या है और होने क्या वाला है? इसी विषय पर आज हम अपको विस्तृत रूप से बताएंगे –

दरअसल केंद्र सरकार क्रिप्टोकरेंसी(Cryptocurrency) को काबू करने के लिए एक बिल आने वाली है जिसकी घोषणा मंगलवार को कर दी गई हैं। सरकार(Central government) की ओर से इस पर घोषणा आने के बाद ही भारत में क्रिप्टो बाजार धड़ाम हो गया है। लगभग हर बड़े क्रिप्टोकरेंसी में 15 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। सरकार ने यह साफ कर दिया है कि वो भारत में सभी प्राइवेट क्रिप्टोकरेंसी को बैन कर देगी और वह खुद की एक आधिकारिक क्रिप्टोकरेंसी लाएगी। यह क्रिप्टोकरेंसी बिल संसद के इसी शीतकालीन सत्र में पेश किया जाएगा, जो कि 29 नवंबर यानी अगले सोमवार से शुरू हो रहा है।

क्रिप्टोकरेंसी एवं आधिकारिक डिजिटल मुद्रा विनियमन विधेयक 2021(Twitter)

बता दें कि कल इस खबर के आने के बाद रात 11:45 बजे सभी बड़ी क्रिप्टोकरेंसी में 15 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखी गई। बिटकॉइन (Bitcoin) जहां 17 फीसदी तक गिर गया था, वहीं एंथरियम(Ethereum) में 15 फीसदी की गिरावट देखी जा रही है तो वही मार्केट कैप के लिहाज से तीसरा सबसे बड़ा क्रिप्टो टेथर (Tether) तो 18 फीसदी तक गिरावट दर्ज की गई।

सरकार क्रिप्टोकरेंसी पर शिकंजा कसने के लिए जो बिल ला रही है उसका नाम- क्रिप्टोकरेंसी एवं आधिकारिक डिजिटल मुद्रा विनियमन विधेयक 2021 (Cryptocurrency and Regulation of Official Digital Currency Bill, 2021) है। इस बिल के जरिए सरकार रिजर्व बैंक इंडिया(RBI) के तहत एक आधिकारिक क्रिप्टोकरेंसी जारी करने के लिए एक फ्रेमवर्क तैयार करना चाहती है। इस बिल के तहत ये प्रावधान लाया जाएगा, जिससे सारी प्राइवेट क्रिप्टोकरेंसी बैन हो जाएंगी! हालांकि, इसकी टेक्नोलॉजी और इस्तेमाल को प्रमोट करने के लिए कुछ अपवाद रखे जाएंगे।

अपको बता दें, क्रिप्टोकरेंसी के संबंध में करीब सात दिन पहले यानी 16 नवंबर को पहली बार संसदीय समिति की एक बैठक हुई थी। इसमें क्रिप्टो एक्सचेंज, ब्लॉकचेन. क्रिप्टो एसेट काउंसिल, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के अलावा अन्य पक्षों को लेकर क्रिप्टोकरेंसी के नियमन और प्रोत्साहन से जुड़े पहलुओं पर विचार किया गया था। इस मीटिंग में यह बात सामने आई थी कि क्रिप्टोकरेंसी को रोका नहीं जा सकता तो इसके नियमन की जरूरत है।

Input : Various Source; Edited by Lakshya Gupta

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