यूपी में मोदी V/S अखिलेश

यूपी में मोदी V/S अखिलेश
यूपी के चुनावी महाभारत में तेज हुए मोदी और अखिलेश के शब्दबाण। [IANS]

उत्तर प्रदेश में होने वाले चुनाव (UP Elections) को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) यूपी में जनसभा कर लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। ठीक उसी दिन समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) भी यात्राओं और जनसभाओं के जरिए पलटवार कर रहे है। मोदी जहां अपने मंच से विपक्षी पार्टियों पर निशाना साध रहे हैं, वहीं अखिलेश यादव भी सत्तारूढ़ दल की कमियां गिनवाने से पीछे नहीं रह रहे है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) दोबारा सत्ता पाने के लिए जी तोड़ मेहनत कर रही है। चुनाव के पहले सभी पार्टियां जनता का दिल जीतने में लगी हुई हैं। इसी क्रम में प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी (CM Yogi Adityanath) भी विकास की योजनाओं का शिलान्यास करके अपने एजेंडे को आगे बढ़ा रहे है।

प्रधानमंत्री मोदी (PM Narendra Modi) लगातार सपा पर निशाना साध रहे हैं। इसके जवाब में अखिलेश यादव भी जिस तिथि को प्रधानमंत्री की रैली हो रही है, उसी दिन अपनी रथयात्रा निकाल रहे है। भीड़ दिखाने की होड़ मची हुई है।

प्रधानमंत्री पूर्वांचल के कुशीनगर में जब एअरपोर्ट की सौगात जनता को दे रहे थे, तो वहीं अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ओमप्रकाश राजभर के साथ गठबंधन कर यूपी की सत्ता वापस पाने की तैयारी कर रहे थे।

25 अक्टूबर को जब प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री सिद्धार्थनगर में मेडिकल कॉलेजों का शिलान्यास कर रहे थे, सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव बसपा से निष्कासित लालजी वर्मा और रामअचल राजभर को पार्टी में शामिल कराकर आगे की रणनीति बना रहे थे। 16 नवम्बर को जब प्रधानमंत्री पूर्वांचल एक्सप्रेस वे का उद्घाटन कर रहे थे। वह भी गाजीपुर से यात्रा निकालना चाह रहे थे, लेकिन इजाजत नहीं मिली। फिर उन्होंने अगले दिन यात्रा निकाली थी।

25 नवंबर मोदी ने नोएडा में जेवर एयरपोर्ट का शिलान्यास किया, अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) उसी वक्त लखनऊ में जनवादी क्रांति पार्टी की रैली में आगे का खाका तैयार कर रहे थे। सात दिसम्बर को जब प्रधानमंत्री खाद कारखाने का और एम्स का लोकार्पण कर रहे थे, तो अखिलेश और जयंत ने मेरठ में सयुंक्त रैली करके गठबंधन की गांठे मजबूत करने में जुटे थे।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) का 21 दिसम्बर को प्रयागराज स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को सौगात दे रहे थे। तब अखिलेश यादव अपने गढ़ मैनपुरी एटा में विजय यात्रा के साथ जनसभा कर रहे थे। अब 23 दिसम्बर को प्रधानमंत्री अपने संसदीय क्षेत्र वााराणसी पहुंचेंगे। इस दौरान काशी को अमूल प्लांट समेत 2095.67 करोड़ की सौगात देंगे। जनसभा को भी संबोधित करेंगे जिसमें किसानों की अधिक भागीदारी होगी। बनारस से ही देश भर के लिए डेरी मार्क भी लांच करेंगे। वहीं किसान दिवस यानी पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चौधरी चरण सिंह की जयंती पर 23 दिसंबर को सपा प्रमुख अखिलेश यादव और रालोद मुखिया चौधरी जयंत सिंह अलीगढ़ के इगलास में मंच साझा कर अपनी ताकत दिखाएंगे। 28 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेट्रो का लोकार्पण करेंगे। पहले यात्री बनकर IIT से गीता नगर तक सफर भी करेंगे। वहीं अखिलेश यादव इसी दिन उन्नाव में समाजवादी विजय यात्रा के अगले चरण को आगे बढ़ाएंगे।

वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक पीएन द्विवेदी कहते हैं कि चुनावी माहौल है इस चुनाव में जो दल सीधे एक दूसरे के टक्कर में होते हैं। उसके प्रमुख नेता एक दूसरे पर वार पलटवार करते हैं। यह एक चुनावी समीकरण की स्वाभाविक प्रक्रिया है। (आईएएनएस)

Input: IANS ; Edited By: Manisha Singh

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