टेक कंसोर्टियम ने पाकिस्तान के नए इंटरनेट प्रतिबंधों पर चिंता जताई

टेक कंसोर्टियम ने पाकिस्तान के नए इंटरनेट प्रतिबंधों पर चिंता जताई
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान । (Twitter )

By: हमजा अमीर

पाकिस्तान सरकार की ओर से इलेक्ट्रॉनिक अपराधों की रोकथाम अधिनियम (पीईसीए) 2016 के तहत नए नियमों की घोषणा करते हुए, गैरकानूनी ऑनलाइन सामग्री (प्रक्रिया की निगरानी और सुरक्षा) नियम 2020 को हटाने और अवरुद्ध करने के फैसले के साथ इंटरनेट के उपयोग पर अधिक प्रतिबंध लगाए हैं। इस बीच एक तकनीकी संघ (टेक कंसोर्टियम) ने पाकिस्तान से अपनी सेवाओं की संभावित वापसी के संकेत दिए हैं।

फेसबुक, गूगल, ट्विटर और याहू सहित विभिन्न कंपनियों के अंतर्राष्ट्रीय टेक कंसोर्टियम द एशिया इंटरनेट संघ (एआईसी) ने ऑनलाइन सामग्री के लिए पाकिस्तान सरकार के नवीनतम नियमों पर चिंता व्यक्त करते हुए एक बयान जारी किया है।

अलग अलग तरह के सोशल मीडिया माध्यम । (Pixabay )

एआईसी के बयान में कहा गया है, "नए नियमों के दायरे से एआईसी चिंतित है, जो इंटरनेट कंपनियों, साथ ही सेवा प्रदाताओं और ऐसे व्यक्तिगत उपयोगकर्ताओं को लक्षित करते हैं, जो अपमानजनक सामग्री पोस्ट या साझा कर सकते हैं।"

जाने किस पर जताई चिंता एआईसी ने

एआईसी ने इस बात पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की है और इसे सरकार की अपारदर्शी प्रक्रिया करार दिया है, जिसके माध्यम से इन नियमों को विकसित किया गया है।आईसी ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि स्टेकहोल्डर परामर्श प्रक्रिया, जिसके लिए फरवरी में पाकिस्तान सरकार ने वादा किया था, वह अभी तक सिरे नहीं चढ़ सकी है।एआईसी के बयान में कहा गया है कि इस फैसले से लोगों को फ्री और खुले इंटरनेट का उपयोग करने से वंचित किया जा रहा है और दुनिया के बाकी हिस्सों से पाकिस्तान की डिजिटल अर्थव्यवस्था ठप पड़ जाएगी।

बता दें कि पाकिस्तान के सूचना तकनीक मंत्रालय ने रिमूवल एंड ब्लॉकिंग ऑफ अनलाफुल ऑनलाइन कंटेंट रूल्स 2020 जारी किया है। यह नियमावली पाकिस्तान के इलेक्ट्रॉनिक अपराध रोकथाम अधिनियम 2016 के अंतर्गत है। नए नियम सभी इंटरनेट सर्विस प्रदाता कंपनियों और इंटरनेट मीडिया कंपनियों पर लागू होंगे। इस नियम के अनुसार सभी कंपनियों को नौ महीने के भीतर पाकिस्तान में अपने पंजीकृत कार्यालय स्थापित करने होंगे।नई नियमावली के अनुसार, कंपनियों को पाकिस्तान में एक जिम्मेदार अधिकारी की नियुक्ति भी करनी होगी, जिससे जरूरत पड़ने पर उसे तलब किया जा सकेगा और गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकेगा। इंटरनेट मीडिया का कार्यालय और अधिकारी आतंकवाद, अतिवाद, घृणास्पद बयान, अश्लील सामग्री, हिंसा को बढ़ावा देने वाले तथा राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने वाली सामग्री के लिए जिम्मेदार होंगे।

इमरान खान को लिखे गए पत्र के बारे में याद दिलाते हुए, एआईसी ने दोहराया, "अगर पाकिस्तान वास्तव में प्रौद्योगिकी निवेश के लिए एक आकर्षक गंतव्य बनना चाहता है और डिजिटल परिवर्तन के अपने लक्ष्य को महसूस करता है, तो उसे व्यावहारिक, स्पष्ट नियमों पर उद्योग को वापस खींचने और काम करने की आवश्यकता है, जो इंटरनेट के लाभों की रक्षा करता है और लोगों को नुकसान से सुरक्षित रखता है।" (आईएएनएस)

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