उदित नारायण का वह गीत जिसे केजरीवाल ने किया दबाने का प्रयास

उदित नारायण का वह गीत जिसे केजरीवाल ने किया दबाने का प्रयास
Transparency: Pardarshita web series

"कितना चंदा जेब में आया कितना बांटा कितना खाया" यह गीत एक वक्त मीडिया से लेकर सोशल मीडिया तक चर्चा में बना हुआ था। आज हम लोग इसी गीत के विषय में विस्तृत रूप से चर्चा करेंगे की आखिर क्या कारण है कि यह गीत इतना प्रसिद्ध हुआ जिसने दिल्ली सरकार और आम आदमी पार्टी के लोगों को बेचैन कर दिया था।

यह गीत डॉ. मुनीश रायजादा द्वारा निर्देशित वेब सीरीज "ट्रांसपेरेंसी: पारदर्शिता" (Transparency: Pardarshita) का है। इस गीत को समझने के लिए आप लोगों को यह वेब सीरीज जरूर देखनी चाहिए। यह वेब सीरीज ट्रांसपेरेंसी: पारदर्शिता की वेबसाइट पर उपलब्ध है। यह वेब सीरीज आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) और इंडिया अगेंस्ट करप्शन (India Against Corruption) के चौंकाने वाले तथ्यों के विषय में बात करती है। एक ऐसी राजनीतिक पार्टी जिसने इस मकसद से सत्ता में कदम रखा की भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म कर देंगे उस पार्टी ने कैसे मासूम जनता की उम्मीदों का गला घोंटा है, यह सीरीज ऐसे कई झकझोर देने वाले सच को बयां करती है|

अब बात करते हैं इस गीत की, यह गीत जाने – माने संगीतकार उदित नारायण (Udit Narayan) जी द्वारा अपनी गाया गया है। गाने को प्रवेश मल्लिक (Pravesh Mallik) द्वारा कंपोज और अन्नू रिज़वी द्वारा लिखा गया है। इस गीत में डॉ. मुनीश रायजादा उदित नारायण की आवाज के माध्यम से केजरीवाल से पूछते हैं कि कितना चंदा आपके पास आया है और कितना चंदा आपने अपने सहयोगियों के साथ मिल बांट के खा लिया है, उसका हिसाब आपको जनता को देना पड़ेगा क्योंकि यह चंदे का पैसा आपको जनता ने ही दिया था जोकि आपने अपने और अपने साथियों की निजी स्वार्थ में लगा दिया।

आपको बात दें की इस गीत को जनता तक पहुंचाना कोई आसान बात नहीं थी क्योंकि इस गीत में केजरीवाल द्वारा किए गए चंदा घोटाला को उजागर किया गया है। 2016 में अरविंद केजरीवाल द्वारा आम आदमी पार्टी की वेबसाइट से चंदा देने वाले लोगों के नाम की सूची गायब कर दी गई जबकि आम आदमी पार्टी ने अपने मूल सिद्धांतों में यह बात कही थी कि "चंदे में पारदर्शिता" हम दृढ़ता पूर्वक रखेंगे, लेकिन वो अपने सिद्धांतों पर कायम नहीं रह पाए।

इस चंदा घोटाला के खिलाफ आवाज बुलंद करने में सबसे बड़ा नाम डॉक्टर मुनीश रायजादा का है जो कि एक अमरीकी डॉक्टर है। डॉ. मुनीश जब आम आदमी पार्टी से जुड़े थे, तब उन्हें पार्टी के NRI सेल का सह-संयोजक नियुक्त किया गया था। लेकिन चंदे घोटाले के विरुद्ध आवाज उठाने के कारण उन्हें पार्टी से निकाल दिया गया था। इसके बाद डॉ मुनीश ने केजरीवाल को चिट्ठी लिख कर जवाब मांगा लेकिन उसके लिए केजरीवाल के पास सामर्थ्य चाहिए था जो कि नहीं था। इसके अलावा अन्ना हजारे ने भी केजरीवाल को चिट्ठी लिखकर चंदा घोटाला पर प्रश्न पूछा था जिसका जवाब अभी तक नहीं मिला है।

खैर, इसके बाद डॉ. मुनीश रायजादा ने पार्टी के खिलाफ चंदा बंद सत्याग्रह का अभियान शुरू किया था। डॉ. मुनीश सहित अन्य सभी स्वयंसेवक और सहभागियों ने नई दिल्ली के राजघाट पर जमीनी स्तर पर सत्याग्रह शुरू किया था। इस अभियान के तहत उस समय एकल बिंदु प्रश्नावली शुरू की गई थी, ताकि जनता की राय को भी दर्ज किया जा सके। उस समय चंदा बंद सत्याग्रह के सत्याग्रहियों ने बैनर और तख्तियों के साथ दिल्ली में सार्वजनिक स्थानों पर खड़े होते हुए यह संदेश जनता तक पहुंचाया की आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) को तब तक दान न करने का संकल्प लें, जब तक वह अपनी राजनीतिक फंडिंग को सार्वजनिक नहीं कर देते।

साथ ही साथ आपको यह भी बता दें कि इस गीत को केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के लोग जनता तक नहीं पहुंचाना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने भरसक प्रयास किया, उदित नारायण से संपर्क करके गीत ना गाने की विनती भी करी लेकिन ऐसा ना हो पाया। आज भी यह गीत उदित नारायण की आवाज के माध्यम से आम आदमी पार्टी से चंदे का हिसाब मांगती है। जिसका हिसाब आज तक पार्टी ने नहीं दिया या यूं कहें की जनता का पैसा डकार आज पार्टी ने चुप्पी साध ली है।



Arvind Kejriwal Exposed By Udit Narayan | उदित नारायण केजरीवाल से, कितना चंदा जेब में आया?

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