कौन थे वो भारतीय क्रिकेटर जिन्होंने टूटे पांव के साथ ऑस्ट्रेलिया को घर में हराया

कौन थे वो भारतीय क्रिकेटर जिन्होंने टूटे पांव के साथ ऑस्ट्रेलिया को घर में हराया

By: Aaditya Kanchan 
वैसे तो इन दिनों भारतीय टीम की ऑस्ट्रेलिया में हुई एलन बॉर्डर – गावस्कर ट्रॉफी 2020-2021 की जीत पर चर्चा जारी है , जिसमें लगभग सभी भारतीय खिलाड़ियों में अपना सर्वश्रेष्ठ परफॉर्मेंस दिया था। जिसमें ज्यादातर खिलाड़ी नए थे और बहुत से खिलाड़ियों को पहले ही काफी इंजरी हो चुकी थी।  

इसी के साथ फिर से इतिहास के पन्नों में झाँकने का वक्त आगया है ।

एम सी जी टेस्ट 1981 

वर्ष 1981 की बात है उस समय भी भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर थी, तब भी भारतीय टीम की हालत कुछ ठीक नहीं थी। पहले मैच को ऑस्ट्रेलिया ने जीत लिया था और दूसरा मैच ड्रॉ रहा फिर बारी आई एम सी जी (MCG) यानी  Melbourne cricket ground टेस्ट मैच जिसमें भारत ने 182 रन पिछड़ने के बाद भी ऑस्ट्रेलिया को करारी हार&nbsnbsp;दी थी।  

मैन ऑफ द मैच चुने गए गुंडप्पा विश्वनाथ जिन्होंने पहली पारी में 100 रन बनाए थे और साथ ही कपिल देव की भी तारीफ करनी होगी जिन्होंने दूसरी पारी में 5 विकेट झटके। इस मैच के दौरान सबसे ज्यादा आश्चर्यचकित कर देने वाला बहादुरी का काम दिलीप दोषी ने कर दिखाया था। 

दिलीप ने मेलबर्न टेस्ट की पहली पारी में 3 और दूसरी पारी में 2 विकेट लिए थे। मतलब एक चौथाई विकेट उनके नाम रहे और सबसे महत्वपूर्ण बात कि उनके पैर में फ्रैक्चर हो रखा था जिसके बाद भी उन्होंने अपनी स्पिन गेंदबाजी से यह कमाल दिखाया। 

उन्होंने एक इंटरव्यू में यह भी बताया था कि "मेरे पांव में फ्रैक्चर था लेकिन मैंने कहा कि 'मैं खेलूंगा।' हर शाम मेरे पांव में इलेक्ट्रॉड लगाकर झटके दिए जाते थे। इन झटकों से काफी दर्द होता था लेकिन इससे सूजन कम रहती थी। अगली सुबह मुझे अपने पैर बर्फ से भरी बाल्टी में रखने पड़ते थे जिससे वो जूतों में फिट हो सकें।"

उन्होंने आगे बताया कि "बहुत कम लोग इस बात को समझ पाए कि मैंने वो क्यों किया। मैं वो इसलिए किया क्योंकि मुझे भरोसा था कि हम जीतने वाले हैं और मुझे इसमें योगदान देना होगा।"

वैसे दिलीप भारत के लिए मात्र 4 साल की खेल पाए क्योंकि 70 के दशक में भारत की गेंदबाजी की कमान बिशन सिंह बेदी, भागवत चंद्रशेखर के हाथ में थी। बता दें 30 साल के बाद डेब्यू करना और फिर अपने पहले ही मैच में 6 विकेट लेना बहुत ही बड़ी बात होती है और दिलीप ने यह कारनामा करके अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपना नाम कमाया था।  

गैरी सोबर्स की तारीफ

दिलीप का कैरियर भले ही भारत के लिए 100 टेस्ट मैच का ना रहा हो लेकिन उन्होंने डोमेस्टिक क्रिकेट ऑफ काउंटी क्रिकेट काफी खेला है। वेस्टइंडीज के महान दिग्गज खिलाड़ी गैरी सोबर्स ने उनकी जम के तारीफ की जब उन्होंने एक मैच में 7 विकेट भी लिए थे। जिसके बाद दिलीप को देखकर सोबर्स आए, उनसे हाथ मिलाया और बोले, 'बहुत अच्छे बेटे, तुम बेहतरीन हो'

BCCI से अनबन

दिलीप ने अपनी आत्मकथा 'Spin Pitch' में ऐसे कई किस्से लिखे हैं जिसमें उन्होंने बताया कि "भारतीय टीम को बस एक चीज का जुनून है वह है पैसा, यह बेहद घिनौना है, और BCCI तो सरकार के अंदर सरकार जैसी व्यवस्था है, जो किसी के प्रति उत्तरदायी नहीं है।" दिलीप का मानना था कि उनके पूरे करियर के दौरान विज्ञापन और प्रचार-प्रसार पूरी तरह से हद पार कर चुके थे। भले ही दिलीप का कैरियर भारतीय टीम के लिए मात्र 33 टेस्ट और 15 ओडीआई का था लेकिन उनके इस छोटे और यादगार कैरियर से युवा वर्ग के क्रिकेटर काफी कुछ सीख सकते हैं।

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