राजनीति में क्यों नहीं आना चाहते सोनू सूद ?

अभिनेता सोनू सूद। (Wikimedia Commons)
अभिनेता सोनू सूद। (Wikimedia Commons)

By – सुकांत दीपक

महामारी के कारण लगे लॉकडाउन के दौरान किए जा रहे परोपकारी कार्यों से अभिनेता सोनू सूद काफी सुर्खियों में रहे हैं।

उन्होंने लॉकडाउन के शुरुआती दौर में प्रवासी श्रमिकों को अपने मूल स्थान तक पहुंचाने के लिए परिवहन की सुविधा उपलब्ध कराई थी। उसके बाद, किसी न किसी रूप में वो लोगों की सहायता करते नज़र आये हैं। हालांकि अभिनेता ने स्पष्ट कर दिया है कि उनकी राजनीति में प्रवेश करने की कोई योजना नहीं है।

उन्होंने आईएएनएस से कहा, "एक अभिनेता के रूप में मेरे हाथ भरे हुए हैं। इसके अलावा मैं बहुत से चैरिटी का काम कर रहा हूं, जिसमें बहुत ध्यान और समय लगता है। इसलिए, अभी राजनीति की जगह कहीं नहीं है। बेशक, मुझे इसकी जानकारी नहीं है कि आज से 10 साल बाद नियति ने मेरे लिए क्या लिखा है।"

अभिनेता के मन में प्रवासियों के लिए परिवहन की व्यवस्था करने का विचार तब आया, जब वह लॉकडाउन के दौरान कुछ दिनों तक प्रवासियों को भोजन के पैकेट वितरित कर रहे थे। भोजन बांटने के दौरान वह बच्चों वाले एक परिवार से मिले, जो 10 दिनों के लिए भोजन चाहते थे, क्योंकि वे सभी मूल निवास स्थान बेंगलुरु के लिए निकले हुए थे, तब सूद ने उन्हें बताया कि वह परिवहन के लिए अनुमति प्राप्त करने की कोशिश करेंगे, ताकि उन्हें चल कर इतनी दूर न जाना पड़े।

हर दिन सैकड़ो लोगों को अपने घरों तक वापस भेजने की व्यवस्था करने में कामयाब रहे सोनू ने कहा, "मैं उस समय 350 लोगों को भेजने का प्रबंधन कर सकता था। वह ट्रिगर पॉइंट था। मुझे एहसास हुआ कि मैं और अधिक लोगों को वापस भेज सकता हूं, जो परिवहन के अभाव में पैदल चलने की योजना बना रहे थे। उसके बाद मैंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।"

सोनू सूद के इसी उदार स्वभाव के कारण, लोगों का उनके प्रति स्नेह बढ़ता जा रहा है। नीचे दिखाई गयी तस्वीर उसी प्रेम और आदर की एक झलक है।

प्रशंसक द्वारा बनाई गयी तस्वीर। (twitter)

हालांकि जब वह इन महीनों में सामाजिक कार्यों में व्यस्त रहे हैं, स्क्रिप्ट्स उनकी टेबल पर जमा होती गई। और दिलचस्प बात यह है कि अब उन्हें जो भूमिकाएं दी जा रही हैं, वे उनकी उम्मीदों से अधिक हैं। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, "हां, जिस तरह से लोग मुझे देखना और चित्रित करना चाहते हैं, उसे लेकर पूरी धारणा बदल गई है। मैं बदलाव देख सकता हूं और अब सही स्क्रिप्ट चुनने की आवश्यकता हैं और कुछ जादुई होने वाला है।"

हालांकि जब बात फिल्मों की आती है तो अभिनेता जल्दबाजी में नजर नहीं आते हैं। उन्होंने अपने निर्माताओं से कहा है कि वे उन्हें कुछ और समय दें, ताकि वह चैरिटी के काम पर ध्यान केंद्रित कर सकें। उन्होंने कहा, "मेरा यकीन करें, जब मैं यह कहता हूं तो लोगों की मदद करने के लिए जिस तरह की असाधारण संतुष्टि मिलती है, वह उस व्यक्ति की तुलना में बहुत बड़ी होती है, जो 100 करोड़ की फिल्म का हिस्सा बन सकता है।"

सोनू सूद कई लोगों को मदद का हाथ बढ़ाते आये हैं। उनके ट्विटर हैंडल पर आपको कई दफा इस बात का प्रमाण देखने को मिल सकता है।

वर्तमान में वह दक्षिण की दो फिल्मों की शूटिंग कर रहे हैं और यशराज के साथ 'पृथ्वीराज' के साथ अगले सप्ताह शूटिंग शुरू करेंगे। सूद अब अधिक सशक्त भूमिकाएं तलाश रहे हैं।

ओटीटी प्लेटफार्मों पर जिस तरह के कंटेंट देखने को मिल रहे हैं, सूद उससे उत्साहित हैं और वह भी डिजिटल क्रांति का हिस्सा बनने के लिए सही कहानी और भूमिका का इंतजार कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, "कुछ बेहद बेहतरीन काम किए जा रहे हैं। 'कहानी' में बिल्कुल नया अवतार दिया गया है। मुझे पूरी तरह से नई ²ष्टि उभरती दिखाई दे रही है। ये रोमांचक समय है और दर्शकों को मनोरंजन के पूरी तरह से नए रुपांतरण देखने को मिल रहे हैं। जाहिर है, इसका मतलब यह भी है कि लेखकों, निर्देशकों और अभिनेताओं को अधिक काम मिल रहा है। मुझे खुशी है कि डिजिटल माध्यमों ने ऑडियो-विजुअल मनोरंजन को पूरी तरह से नया आयाम दिया है।"

बच्चों की चिकित्सकीय देखभाल और उपचार के लिए समर्थन बढ़ाने के लिए केटो के साथ मिलकर उनकी नवीनतम इलाज (आईएलएएजे) इंडिया पहल के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, "साल 2019 में देश में अनुमानित आठ लाख बच्चों की मृत्यु किसी भी अन्य देश की तुलना में अधिक थी। सरकारी अस्पतालों की अपर्याप्त संख्या और स्वास्थ्य बीमा की सीमित कवरेज, लोगों को निजी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाने के लिए भारी-भरकम खर्च करने को मजबूर करती है।"

उन्होंने आगे कहा कि इलाज इंडिया हेल्पलाइन नंबर रोगियों को उनके चिकित्सा उपचार और सर्जरी के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करेगा। जिन रोगियों को किसी भी चिकित्सा उपचार, प्रत्यारोपण, या महत्वपूर्ण सर्जरी से गुजरना है, वे एक मिस्ड कॉल (02067083686 पर) दे सकते हैं और केटो टीम अगले चरणों के लिए रोगियों तक पहुंच जाएगी।

यह पहल सभी के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य देखभाल सुलभ बनाने की दिशा में एक प्रयास के साथ शुरू की गई है। (आईएएनएस)

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