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मनोरंजन

बाइक को लेकर अपने जुनून पर बोलीं कीर्ति कुल्हारी- कुछ अनुभव करने के लिए हमें पुरुष होने की आवश्यकता नहीं

कीर्ति ने लड़कियों से अनकहे नियम तोड़ने का अनुरोध किया - जैसे स्कूटी जैसे गियरलेस वाहन लड़कियों के लिए होते हैं और बाइक जैसे गियर वाले भारी वाहन लड़कों के लिए होते हैं।

अभिनेत्री कीर्ति कुल्हारी (साभार : Instagram, Kriti Kulhari)

अभिनेत्री कीर्ति कुल्हारी ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर बाइक चलाने के अपने जुनून के बारे में बात की। कीर्ति ने कहा कि वह बाइक से मोहित हैं और उन्होंने लड़कियों से अनकहे नियम तोड़ने का अनुरोध किया – जैसे स्कूटी जैसे गियरलेस वाहन लड़कियों के लिए होते हैं और बाइक जैसे गियर वाले भारी वाहन लड़कों के लिए होते हैं।

इंस्टाग्राम पर कीर्ति ने बाइक चलाते हुए कुछ वीडियो शेयर किए। उन्होंने लिखा: “मैं बाइक से मोहित हूं, मैं पीछे नहीं हूं, लेकिन एक सवार के रूप में .. मुझे पता है कि यह उन लाखों अनकहे नियमों में से एक है जहां लड़कियों के लिए गियरलेस/आसान स्कूटी जैसी कोई चीज है और कुछ भारी/बाइक जैसे गियर लड़कों के लिए है। लेकिन क्या यह सिर्फ एक और कंडीशनिंग नहीं है?”


अभिनेत्री कीर्ति कुल्हारी (Instagram, Kriti Kulhari)

उन्होंने अनुरोध किया “मुझे लगता है कि बाइक की सवारी करना और हम जैसी महिला बनना बहुत अच्छा है . हमें जीवन में कुछ अनुभव करने के लिए पुरुष होने की आवश्यकता नहीं है .

चलो लड़कियों.. एक और शीशे की छत तोड़ो और बाइक को लड़कियों के लिए उतना ही होने दो जितना लड़कों के लिए है. और इस बार हम लड़कों को सवारी के लिए ले जाएं।”

अभिनेत्री ने अगले साल लद्दाख की बाइक यात्रा करने की अपनी इच्छा के बारे में भी बताया।

यह भी पढ़ें- श्रद्धा कपूर : अपने पिता को पर्दे पर देखकर बहुत एंजॉय करती थी छोटे से ही.

उन्होंने लिखा, “पी.एस. लद्दाख में हैशटैगबाइकट्रिप करना मेरी हैशटैगबकेट लिस्ट में बहुत बड़ा है और मैं इस दिशा में काम कर रही हूं। 2022 इसके लिए हैशटैगएक्सट्रीमएडवैंचर का साल होगा।”

काम के मोर्चे पर, कीर्ति ने हाल ही में रिलीज हुई डिजिटल फिल्म ‘शादीस्थान’ में अभिनय किया। (आईएएनएस-PS)

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देश भर से जमा की गई 2 लाख से अधिक ईंटें। (IANS)

राम भक्तों द्वारा दी गई और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) (Vishwa Hindu Parishad) द्वारा तीन दशक लंबे मंदिर आंदोलन के दौरान देश भर से जमा की गई 2 लाख से अधिक ईंटों का इस्तेमाल अब राम जन्मभूमि स्थल पर भव्य मंदिर का निर्माण के लिए किया जाएगा।

मंदिर ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने कहा, "1989 के 'शिलान्यास' के दौरान कारसेवकों द्वारा राम जन्मभूमि पर एक लाख पत्थर रखे गए थे। कम से कम, 2 लाख पुरानी कार्यशाला में रह गए हैं, जिन्हें अब निर्माण स्थल पर स्थानांतरित कर दिया जाएगा। ईंटों पर भगवान राम का नाम लिखा है और यह करोड़ों भारतीयों की आस्था का प्रमाण है।

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कर्नाटक राज्य में मंदिर विध्वंस अभियान पर विराम लगा दिया है। (wikimedia commons)

हिंदू संगठनों की ओर से आलोचना झेल रही कर्नाटक की भाजपा सरकार नें कर्नाटक में मंदिर विध्वंस के मुद्दे पर फिलहाल राज्य विधानसभा में एक कानून पारित कर पुरे कर्नाटक राज्य में मंदिर विध्वंस अभियान पर विराम लगा दिया है। सत्ताधारी पार्टी भाजपा और विपक्षी दल कांग्रेस इन दोनों के बीच मंगलवार को तीखी बहस के बीच प्रस्तावित कर्नाटक धार्मिक संरचना (संरक्षण) विधेयक 2021 को पारित कर दिया गया।

यह प्रस्तावित अधिनियम जिसका नाम 'कर्नाटक धार्मिक संरचना (संरक्षण) विधेयक-2021' है, इसका मुख्य उद्देश्य सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार राज्य में धार्मिक संरचनाओं के विध्वंस को रोकना है।

यह अधिनियम में कहा गया है कि 'कर्नाटक धार्मिक संरचना संरक्षण अधिनियम -2021' के लागू होने की तारीख से, कानूनों के कानूनी प्रावधान और अदालतों, न्यायशास्त्र और अधिकारियों के आदेशों या दिशानिदेशरें के बावजूद, सरकार धार्मिक केंद्रों की रक्षा करेगी।

सार्वजनिक संपत्तियों पर बने धार्मिक केंद्रों को खाली करने, स्थानांतरित करने और ध्वस्त करने की प्रक्रिया को रोक दिया जाएगा। इस अधिनियम के लागू होने और विधान परिषद में पारित होने के बाद से ही ।

इसी बीच विपक्ष के नेता सिद्धारमैया ने कर्नाटक सरकार पर आरोप लगाया कि हिंदू जागरण वेदिक और हिंदू महासभा की आलोचना का सामना करने के बाद भाजपा यह कानून लाई है। मैसूर में मंदिर तोड़े जाने के बाद बीजेपी पुनर्निर्माण के लिए नया कानून ला रही है, यह भी आरोप लगायें हैं उन्होंने भाजपा पार्टी के खिलाफ । इसके बाद कांग्रेस के एक और विधायक और पूर्व मंत्री औरयू.टी. खादर ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि छात्र पाठ्यपुस्तकों में पढ़ने जा रहे हैं कि भाजपा ने भारत में आक्रमणकारियों की तरह मंदिरों को ध्वस्त कर दिया।

\u0915\u0930\u094d\u0928\u093e\u091f\u0915 \u0930\u093e\u091c\u094d\u092f कर्नाटक राज्य का नक्शा सांकेतिक इमेज (wikimedia commons)

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डब्ल्यूएचओ यानीं विश्व स्वास्थ्य संगठन का मुख्यालय (wikimedia commons)

पूरी दुनिया एक बार फिर कोरोना वायरस अपना पांव पसार रहा है । डब्ल्यूएचओ यानीं विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि कोरोना वायरस का जो डेल्टा कोविड वैरिएंट संक्रामक वायरस का वर्तमान में प्रमुख प्रकार है, अब यह दुनिया भर में इसका फैलाव हो चूका है । इसकी मौजूदगी 185 देशों में दर्ज की गई है। मंगलवार को अपने साप्ताहिक महामारी विज्ञान अपडेट में वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसी ने कहा, डेल्टा वैरिएंट में अब सेम्पल इकट्ठा करने की डेट जो कि 15 जून -15 सितंबर, 2021 के बीच रहेंगीं । जीआईएसएआईडी, जो एवियन इन्फ्लुएंजा डेटा साझा करने पर वैश्विक पहल के लिए है, एक ओपन-एक्सेस डेटाबेस है।

मारिया वान केरखोव जो विश्व स्वास्थ्य संगठन में कोविड-19 पर तकनीकी के नेतृत्व प्रभारी हैं , उन्होंने डब्ल्यूएचओ सोशल मीडिया लाइव से बातचीत करते हुए कहा कि , वर्तमान में कोरोना के अलग अलग टाइप अल्फा, बीटा और गामा का प्रतिशत एक से भी कम चल रहा है। इसका मतलब यह है कि वास्तव में अब दुनिया भर में कोरोना का डेल्टा वैरिएंट ही चल रहा है।

\u0915\u094b\u0930\u094b\u0928\u093e \u0935\u093e\u092f\u0930\u0938 कोरोना का डेल्टा वैरिएंट हाल के दिनों में दुनियाभर में कहर बरपाया है (pixabay)

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