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मनोरंजन

अध्ययन सुमन : एआर रहमान मेरे लिए एक बड़ी प्रेरणा

अभिनेता-गायक अध्ययन सुमन ने बुधवार को अपना नया सिंगल ट्रैक जब से देखा रिलीज किया। अभिनेता शेखर सुमन के बेटे, अध्ययन ने इससे पहले दो रिक्रिएशन और एक मूल गाना - 'सोनियो 2.0', 'आया ना तू 2.0' और 'पेग दरिया' गाया है।

अभिनेता-गायक अध्ययन सुमन ने बुधवार को अपना नया सिंगल ट्रैक जब से देखा रिलीज किया। अभिनेता शेखर सुमन के बेटे, अध्ययन ने इससे पहले दो रिक्रिएशन और एक मूल गाना – ‘सोनियो 2.0’, ‘आया ना तू 2.0’ और ‘पेग दरिया’ गाया है।

अपने मूल गीत जो प्यार और आकर्षण की बात करता है, की प्रेरणा के बारे में बात करते हुए अध्ययन ने आईएएनएस से कहा, “मेरे नए सिंगल (एकल) के पीछे प्रेरणा प्यार और आकर्षण है। यह कुछ ऐसा है, जो हम सभी ने अपनी यात्रा के किसी न किसी बिंदु पर महसूस किया है, हम हमेशा कुछ लोगों से मिले हैं और जब वे अजनबी होते हैं तो आकर्षित महसूस करते हैं, उनके बारे में और जानने की उत्सुकता हमेशा बनी रहती है।”


अभिनेता को आखिरी बार वेब सीरीज ‘आश्रम सीजन-1’ और ‘सीजन-2’ में देखा गया था। सीरीज में उनके सह-अभिनेता बॉबी देओल ने ट्रैक के बारे में साझा किया। बॉबी देओल ने कहा, अध्ययन के नए गाने जब से देखा की वाइब शानदार है। यह रोमांस का सही राग है और आपको अच्छे समय के बारे में सोचने पर मजबूर करता है। अध्ययन ने इस गाने को गाकर और निर्देशित करके बहुत अच्छा काम किया है।

33 वर्षीय अध्ययन ने गायन में तब कदम रखा, जब उन्हें एक अभिनेता के रूप में पर्याप्त अवसर नहीं मिल रहे थे। उन्होंने कहा, “दो चीजों ने मुझे गायन की ओर अग्रसर किया। एक, मैं अपने जीवन के उस मोड़ पर था जब मुझे एक अभिनेता के रूप में सही अवसर नहीं मिल रहे थे। जब मैं अपना समय बर्बाद कर रहा था, मैंने सोचा कि मैं संगीत के लिए अपने जुनून का पीछा कर सकता हूं।”

उन्होंने आगे कहा, “दूसरा कारण कि मैंने गायन क्यों शुरू किया, वह इसलिए, क्योंकि मेरे अंदर कुछ भावनाएं थीं और मुझे लगता था कि मुझे गाना चाहिए। 2014-15 में मेरा जो दिल टूटा था, उसके लिए मैं इसका बहुत आभारी हूं। संगीत मेरे लिए एक बहुत ही भावनात्मक चीज है और यह खुद को ठीक करने का एक तरीका है।”


अध्ययन को संगीत की प्रेरणा दिग्गज ए. आर. रहमान से मिला है। वह जस्टिन बीबर और अरिजीत सिंह से भी प्रेरणा लेते हैं। उन्होंने साझा किया, “मैं जस्टिन बीबर का अनुसरण करता हूं। उनका सफर मुझे प्रेरित करता है। एक बच्चे से एक सुपरस्टार तक, जिसके करियर में भारी गिरावट आई, लेकिन फिर वह खड़ा हो गया और अब बहुत अच्छा कर रहा है।”

उन्होंने कहा, “एआर रहमान सर एक बहुत बड़ी प्रेरणा हैं। जो बात मुझे सबसे ज्यादा प्रेरित करती है, वह यह है कि ये गायक अपने-अपने करियर में इतना कुछ हासिल करने के बाद भी कितने जमीनी स्तर पर हैं।”

यह भी पढ़े : नेहा कक्कड़ : गायिका बनने के लिए कभी भी बुरा समय नहीं होता .

अभिनेता ने साझा किया कि उनके पास लगभग 14 वेब शो और कुछ फिल्में पाइपलाइन में हैं। उन्होंने कहा, “मैं जानता हूं कि एक समय था जब मेरे हाथ में कुछ भी नहीं था। पिछले 5-6 साल कठिन रहे हैं, लेकिन आश्रम के बाद सब कुछ बदल गया है, मैं अभी आभारी भी हूं।”(आईएएनएस-PS)

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आईपीएल में रॉयल चेलेंजर्स बेंगलोर (आरसीबी) का एक मैच (wikimedia commons)

भारत के क्रिकेट टीम के कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली ने एक के बाद टीम से अपनी कप्तानी छोड़ने का जैसे ऐलान किया वैसे हि , उनके चाहने वाले , प्रशंसकों और साथी खिलाडियों ने अपनीं प्रतिक्रिया देना शुरू कर दी । इसी बीच दक्षिण अफ्रीका के पूर्व तेज गेंदबाज डेल स्टेन का कहना है कि आईपीएल की टीम का नेतृत्व करने का दबाव और युवा परिवार का होना रॉयल चेलेंजर्स बेंगलोर (आरसीबी) के कप्तान विराट कोहली के इस आईपीएल के बाद टीम की कप्तानी छोड़ने के फैसले का कारण हो सकता है। आरसीबी की टीम की और से रविवार की देर रात यह घोषणा की गई , कि विराट कोहली आईपीएल 2021 सीजन के बाद टीम की कप्तानी छोड़ देंगे । इस के पहले कोहली ने कुछ दिन पहले ही टी20 विश्व कप के बाद भारतीय टीम के टी20 प्रारूप की कप्तानी छोड़ने का भी फैसला किया था।


डेल स्टेन ने आगे कहा कि, " विराट कोहली आरसीबी टीम के साथ शुरू से जुड़े हैं। मुझे नहीं पता, जैसे-जैसे जीवन आगे बढ़ता है आप चीजों को प्राथमिकता देने लगते हैं। कोहली का नया यूवा परिवार है । उन्हें अपनी पर्शनल लाइफ भी देखना है ।
डेल ने यह भी कहा कि , "हो सकता है, उस जिम्मेदारी (कप्तानी) से थोड़ा सा त्याग करना और सिर्फ अपनी बल्लेबाजी पर ध्यान केंद्रित करने में सक्षम होना उनके करियर के लिए इस समय एक अच्छा निर्णय है।"

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दुनिया के सबसे बड़े ऑनलाइन रिटेलर अमेजन (wikimedia commons)

दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी में शुमार अमेजन को लेकर एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है । द मॉर्निग कॉन्टेक्स्ट की रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया के सबसे बड़े ऑनलाइन रिटेलर अमेजन ने भारत में अपने कानूनी प्रतिनिधियों के आचरण की जांच शुरू कर दी है। एक व्हिसलब्लोअर शिकायत के आधार पर यह जांच हुई है जिसमें आरोप लगाया गया है कि अमेजन द्वारा कानूनी शुल्क में भुगतान किए गए कुछ पैसे को उसके एक या अधिक कानूनी प्रतिनिधियों द्वारा घूस में बदल दिया गया है।

काम करने वाले दो लोगों ने जो कि अमेजन की इन-हाउस कानूनी टीम के साथ है , उन्होंने मिलकर पुष्टि की कि अमेजन के वरिष्ठ कॉर्पोरेट वकील राहुल सुंदरम को छुट्टी पर भेजा गया है। एक संदेश में उन्होंने कहा, "क्षमा करें, मैं प्रेस से बात नहीं कर सकता।" हम स्वतंत्र रूप से यह पता नहीं लगा सके कि आंतरिक जांच पूरी हो चुकी है या प्रगति पर है।

कई सवालों के एक विस्तृत सेट के जवाब में, अमेजन के प्रवक्ता ने कहा, "भ्रष्टाचार के लिए हमारे पास शून्य सहनशीलता है। हम अनुचित कार्यो के आरोपों को गंभीरता से लेते हैं, उनकी पूरी जांच करते हैं, और उचित कार्रवाई करते हैं। हम विशिष्ट आरोपों या किसी की स्थिति पर इस समय जांच या टिप्पणी नहीं कर रहे हैं इस समय जांच।"

\u0911\u0928\u0932\u093e\u0907\u0928 \u0930\u093f\u091f\u0947\u0932\u0930 \u0905\u092e\u0947\u091c\u0928 दुनिया की सबसे बड़े ऑनलाइन रिटेलर अमेजन कंपनी का लोगो (wikimedia commons)

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भारतीय जनता पार्टी भाजपा का चुनावी चिन्ह (wikimedia commons)

अभी-अभी भारत के पंजाब राज्य में एक बड़ी राजनेतिक घटना घटी जब वंहा का मुख्यमंत्री ने इस्तीफा दिया और सत्ता दल पार्टी ने राज्य ने नया मुख्यमंत्री बनाया । पंजाब में एक दलित को मुख्यमंत्री बना कर कांग्रेस ने एक बड़ी सियासी चाल खेल दी है। अब कांग्रेस इसका फायदा अगले साल होने जा रहे राज्यों के विधानसभा चुनाव में उठाने की रणनीति पर भी काम करने जा रही है । उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के सियासी पारे को गरम कर दिया है कांग्रेस की इस मंशा ने।

कांग्रेस नेता हरीश रावत जो कि पंजाब में दलित सीएम के नाम का ऐलान करने वाले वो उत्तराखंड से ही आते हैं, अतीत में प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं और आगे भविष्य में भी सीएम पद के दावेदार हैं, इसलिए बात पहले इस पहाड़ी राज्य के सियासी तापमान की करते हैं। साढ़े चार साल के कार्यकाल में भाजपा राज्य में अपने दो मुख्यमंत्री को हटा चुकी है और अब तीसरे मुख्यमंत्री के सहारे राज्य में चुनाव जीतकर दोबारा सरकार बनाना चाहती है। इसलिए भाजपा इस बात को बखूबी समझती है कि हरीश रावत उत्तराखंड में तो इस मुद्दें को भुनाएंगे ही।

बात करे उत्तराखंड राज्य कि तो यहा पर आमतौर पर ठाकुर और ब्राह्मण जाति ही सत्ता के केंद्र में रहती है, लेकिन अब समय बदल रहा है राजनीतिक दल भी दलितों को लुभाने का विशेष प्रयास कर रहे हैं। दरअसल, उत्तराखंड राज्य में 70 विधानसभा सीट आती है , जिसमें 13 सीट अनुसूचित जाति और 2 सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है। मसला सिर्फ 13 आरक्षित सीट भर का ही नहीं है। उत्तराखंड राज्य के 17 प्रतिशत से अधिक दलित मतदाता 22 विधानसभा सीटों पर जीत-हार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और इसके साथ ही कुल 36 सीटों पर जीत हासिल करने वाली पार्टी राज्य में सरकार बना लेती है।

brahmin in uttrakhand उत्तराखंड राज्य में 70 विधानसभा सीट आती है (wikimedia commons)

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