Never miss a story

Get subscribed to our newsletter


×
देश

केंद्रीय सरकार ने कहा, सभी वैक्सीन निर्माताओं के साथ चल रही बातचीत

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को जानकारी दी कि केंद्र सभी वैक्सीन निर्माताओं से बातचीत कर रहा है, जिसमें विदेशी निर्माता भी शामिल है।

सभी वैक्सीन निर्माताओं के साथ चल रही बातचीत (Wikimedia commons)

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को जानकारी दी कि केंद्र सभी वैक्सीन निर्माताओं से बातचीत कर रहा है, जिसमें विदेशी निर्माता भी शामिल है। मंत्रालय ने एक संवाददाता सम्मेलन में यह खुलासा किया, जब पूछा गया कि क्या भारत अपने कोविड वैक्सीन कैंडिडेट के लिए अमेरिका-आधारित फार्मा कंपनी फाइजर इंक के साथ गठजोड़ करने पर विचार कर रहा है।

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राकेश भूषण ने कहा, “कोविड-19 वैक्सीन प्रशासन को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर विशेषज्ञों का समूह घरेलू और विदेशी निर्माताओं सहित सभी वैक्सीन निर्माताओं के साथ बातचीत कर रहा है।”


स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव ने कहा कि इस बातचीत में हम वैक्सीन के विकास कार्यों को देखते हैं। साथ ही नियामक संस्थाओं की ओर से मिले अप्रूवल भी वैक्सीन की स्थिति को बताते हैं।

कोविड वैक्सीन के भंडारण पर उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों का समूह इस बात पर भी विचार करता है कि वैक्सीन को शून्य से 90 डिग्री नीचे के (माइनस 90 डिग्री) तापमान पर स्टोर के लिए लॉजिस्टिक जरूरतें क्या होंगी।

यह भी पढ़े : क्या स्टोन ऐज में महिलाएं भी बड़े जानवरों का शिकार करती थीं?

भूषण ने कहा, “हम न केवल वृद्धि और मजबूती की स्थिति में हैं, बल्कि हम हमारी कोल्ड चेन क्षमताओं को भी जोड़ रहे हैं। हालांकि, इस समय हमारे पास साझा करने के लिए कोई संख्या नहीं है। ऐसे बड़े पैमाने पर टीकाकरण के लिए कोल्ड चेन प्वाइंट्स में पर्याप्त वृद्धि की आवश्यकता होगी।”

एक दिन पहले ही फाइजर इंक और जर्मन बायोटेक कंपनी बायोएनटेक ने घोषणा की थी कि उनकी कोविड वैक्सीन कैंडिडेट, बीएनटी162बी2 परीक्षण में 90 फीसदी कारगर साबित हुई है।

वैक्सीन निर्माता ने यह भी कहा था कि वे 2020 में विश्व स्तर पर पांच करोड़ वैक्सीन खुराक और 2021 में 1.3 अरब खुराक तक उत्पादन करने की उम्मीद कर रहे हैं। इसके अलावा कोविड-19 के लिए दुनियाभर में कई वैक्सीन कैंडिडेट पहले से ही अंतिम चरण के परीक्षण में हैं।(आईएएनएस )

Popular

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Wikimedia Commons)

शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) सम्मेलन को संम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चरमपंथ और कट्टरपंथ की चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए एससीओ द्वारा एक खाका विकसित करने का आह्वान किया। 21वीं बैठक को संम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मध्य एशिया में अमन के लिए सबसे बड़ी चुनौती है विश्वास की कमी।

इसके अलावा, पीएम मोदी ने विश्व के नेताओं से यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि मानवीय सहायता अफगानिस्तान तक निर्बाध रूप से पहुंचे। मोदी ने कहा, "अगर हम इतिहास में पीछे मुड़कर देखें, तो हम पाएंगे कि मध्य एशिया उदारवादी, प्रगतिशील संस्कृतियों और मूल्यों का केंद्र रहा है।
"भारत इन देशों के साथ अपनी कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और हम मानते हैं कि भूमि से घिरे मध्य एशियाई देश भारत के विशाल बाजार से जुड़कर अत्यधिक लाभ उठा सकते हैं"

Keep Reading Show less

ओला इलेक्ट्रिक के स्कूटर।(IANS)

ओला इलेक्ट्रिक ने घोषणा की है कि कंपनी ने 600 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के ओला एस1 स्कूटर बेचे हैं। ओला इलेक्ट्रिक का दावा है कि उसने पहले 24 घंटों में हर सेकेंड में 4 स्कूटर बेचने में कामयाबी हासिल की है। बेचे गए स्कूटरों का मूल्य पूरे 2डब्ल्यू उद्योग द्वारा एक दिन में बेचे जाने वाले मूल्य से अधिक होने का दावा किया जाता है।

कंपनी ने जुलाई में घोषणा की थी कि उसके इलेक्ट्रिक स्कूटर को पहले 24 घंटों के भीतर 100,000 बुकिंग प्राप्त हुए हैं, जो कि एक बहुत बड़ी सफलता है। 24 घंटे में इतनी ज्यादा बुकिंग मिलना चमत्कार से कम नहीं है। इसकी डिलीवरी अक्टूबर 2021 से शुरू होगी और खरीदारों को खरीद के 72 घंटों के भीतर अनुमानित डिलीवरी की तारीखों के बारे में सूचित किया जाएगा।

Keep Reading Show less

अमिताभ बच्चन के साथ बातचीत करते हुए, भारत के गोलकीपर पीआर श्रीजेश (IANS)

केबीसी यानि कोन बनेगा करोड़पति भारतीय टेलिविज़न का एक लोकप्रिय धारावाहिक है । यहा पर अक्सर ही कई सेलिब्रिटीज आते रहते है । इसी बीच केबीसी के मंच पर भारत की हॉकी टीम के गोलकीपर पीआर श्रीजेश पहुंचे । केबीसी 13' पर मेजबान अमिताभ बच्चन के साथ बातचीत करते हुए, भारत के गोलकीपर पीआर श्रीजेश 41 साल बाद हॉकी में ओलंपिक पदक जीतने को लेकर बात की। श्रीजेश ने साझा किया कि "हम इस पदक के लिए 41 साल से इंतजार कर रहे थे। साथ उन्होंने ये भी कहा की वो व्यक्तिगत रूप से, मैं 21 साल से हॉकी खेल रहे है। आगे श्रीजेश बोले मैंने साल 2000 में हॉकी खेलना शुरू किया था और तब से, मैं यह सुनकर बड़ा हुआ हूं कि हॉकी में बड़ा मुकाम हासिल किया, हॉकी में 8 गोल्ड मेडल मिले। इसलिए, हमने खेल के पीछे के इतिहास के कारण खेलना शुरू किया था। उसके बाद हॉकी एस्ट्रो टर्फ पर खेली गई, खेल बदल दिया गया और फिर हमारा पतन शुरू हो गया।"

जब अभिनेता अमिताभ बच्चन ने एस्ट्रो टर्फ के बारे में अधिक पूछा, तो उन्होंने खुल के बताया।"इस पर अमिताभ बच्चन ने एस्ट्रो टर्फ पर खेलते समय कठिनाई के स्तर को समझने की कोशिश की। इसे समझाते हुए श्रीजेश कहते हैं कि "हां, बहुत कुछ, क्योंकि एस्ट्रो टर्फ एक कृत्रिम घास है जिसमें हम पानी डालते हैं और खेलते हैं। प्राकृतिक घास पर खेलना खेल शैली से बिल्कुल अलग है। "

इस घास के बारे में आगे कहते हुए श्रीजेश ने यह भी कहा कि "पहले सभी खिलाड़ी केवल घास के मैदान पर खेलते थे, उस पर प्रशिक्षण लेते थे और यहां तक कि घास के मैदान पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी खेलते थे। आजकल यह हो गया है कि बच्चे घास के मैदान पर खेलना शुरू करते हैं और बाद में एस्ट्रो टर्फ पर हॉकी खेलनी पड़ती है। जिसके कारण बहुत समय लगता है। यहा पर एस्ट्रो टर्फ पर खेलने के लिए एक अलग तरह का प्रशिक्षण होता है, साथ ही इस्तेमाल की जाने वाली हॉकी स्टिक भी अलग होती है।" सब कुछ बदल जाता है ।

Keep reading... Show less