Never miss a story

Get subscribed to our newsletter


×
दुनिया

Charlie Habdo Cartoon: जब पैगम्बर से मन उठा, तब हिन्दु भगवानों पर तंज कसा जाने लगा!

शार्ली हेब्दो ने भारत पर, कोरोना महामारी द्वारा हो रही मौतों पर कटाक्ष करते हुए एक कार्टून निकाला जिसमें वह हिन्दू देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक सवाल कर बैठा।

(NewsGram Hindi, Logo: Wikimedia Commons)

फ्रांस की मशहूर साप्ताहिक कार्टून मैगजीन और दुनिया भर में विवाद में रहने वाली पत्रिका ‘शार्ली हेब्दो’ अब फिर एक बार चर्चा में हैं। शार्ली हेब्दो ने भारत पर, कोरोना महामारी द्वारा हो रही मौतों पर कटाक्ष करते हुए एक कार्टून निकाला जिस में लिखा था “भारत में 33 मिलियन देवी-देवता हैं, लेकिन कोई भी ऑक्सीजन का उत्पादन करने में सक्षम नहीं है।”

इस व्यंग ने देश के लिबरलधारी तबके के लिए एक अंधेरी गुफा में रौशनी का काम किया और इन लिबरलधारियों ने शार्ली हेब्दो के इस कार्टून को सही ठहराया। शार्ली हेब्दो कार्टून मैगजीन पहले भी धार्मिक टिप्पणियों के लिए चर्चा में रहा है। पैगंबर मोहम्मद पर बनाई गई कार्टून के लिए शार्ली हेब्दो के कार्यालय पर तीन बार आतंकी हमला भी हो चुका है और कई शीर्ष कार्टूनिस्ट मारे जा चुके हैं। किन्तु इससे उनके कार्टून और कटाक्ष पर कोई असर नहीं हुआ है।


हिन्दू मान्यता के अनुसार 33 करोड़ देवी-देवता उपस्थित हैं, और शार्ली हेब्दो ने इसी पर तंज कस्ते हुए यह कार्टून बनाया। जिसे भारतीय लोगों ने धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला बताया है। भारत के तमाम लोगों ने इस कार्टून की निंदा की है। केवल लिबरलधारियों को यह कार्टून जायज लग रहा है। इसी कड़ी में एक ट्वीटर यूजर ने शार्ली हेब्दो द्वारा बनाए कार्टून को साझा करते हुए लिखा कि “प्रिय शार्ली हेब्दो, हमारे पास वास्तव में 330 मिलियन देवता हैं जिन्होंने हमें कभी भी हार न मानने की शिक्षा दी है! हम हर फ्रांसीसी व्यक्ति का भी सम्मान करते हैं, वाइन और फ्राइज़ को यहाँ भी उतना ही पसंद किया जाएगा। निश्चिंत रहें, आपके कार्यालय या कर्मचारियों पर कोई हमला नहीं होगा। हर हर महादेव!”

यह भी पढ़ें: Israel-Palestine Violent Clashes: इजरायल पर हो रहे हमलों के बीच भारत दो गुटों में बटा!

हालांकि, हर बार की तरह इस बार भी शार्ली हेब्दो ने इस कार्टून को अभिव्यक्ति की आजादी बताया है। लेकिन हिन्दू धर्म से नाता रखने वाले भारतीय इस कृत्य से नाराज हैं और उनकी नाराजगी को सोशल मीडिया पर भी देखा जा सकता है। कई लोगों का मानना है कि यह कटाक्ष भारतीय स्वास्थ्य व्यवस्था पर कम और हिन्दू धर्म पर अधिक है।(SHM)

Popular

महिला बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी (Wikimedia Commons)

जैसा कि राष्ट्र ने 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस(National Girl Child Day) मनाया, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री(Union Minister of Women and Child Development) श्रीमती स्मृति जुबिन ईरानी(Smriti Zubin Irani) ने देशवासियों से देश की बेटियों की सराहना करने और उनकी उपलब्धियों का जश्न मनाकर उन्हें प्रोत्साहित करने और एक समावेशी निर्माण के लिए लिंग विभाजन को पाटने और समान समाज का संकल्प लेने का आह्वान किया।

"शिक्षित करें, प्रोत्साहित करें, सशक्त करें! आज का दिन हमारी लड़कियों को समान अवसर प्रदान करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता को नवीनीकृत करने का दिन है। राष्ट्रीय बालिका दिवस पर, जैसा कि हम अपनी बेटियों की उपलब्धियों का जश्न मनाते हैं, हम एक समावेशी और समान समाज के निर्माण के लिए लिंग भेद को पाटने का संकल्प लेते हैं”, ईरानी ने अपने ट्वीट संदेश में कहा।

Keep Reading Show less

नरेंद्र मोदी (Wikimedia Commons)

गणतंत्र दिवस समारोह(Republic Day Celebration) हमेशा संस्कृति का पर्याय होते हैं, क्योंकि इस दिन विभिन्न राज्यों की झांकियों को नई दिल्ली में राजपथ पर परेड के हिस्से के रूप में प्रदर्शित किया जाता है। दर्शकों का स्वागत रंग-बिरंगे छींटों और देश की विविधता के प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व के साथ किया जाता है।

इस वर्ष, भारतीय गणराज्य के 73वें वर्ष के अवसर पर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(Narendra Modi) को दो अलग-अलग कपड़ों में देखा गया - जो देश के दो अलग-अलग राज्यों से संबंधित हैं - जिनका पारंपरिक महत्व है।

Keep Reading Show less

डॉ. मुनीश रायजादा ने इस वेब सीरीज़ के माध्यम से आम आदमी पार्टी में हुए भ्रस्टाचार को सामने लाने का प्रयास किया है।

पंजाब(Punjab) में जहां एक तरफ आगामी चुनाव में आम आदमी पार्टी(Aam Aadmi Party) एक बड़ी जीत की उम्मीद कर रही है, तो वहीं दूसरी ओर इसी पार्टी के एक पूर्व सदस्य ने एक वेब सीरीज के ज़रिये इस पार्टी के भीतर छिपे काले सच को बाहर लाने की कोशिश की है। वेब सीरीज का नाम है ट्रांसपेरेंसी : पारदर्शिता(Transparency : Paardarshita) है, जोकि डॉ मुनीष रायजादा(Dr Munish Raizada द्वारा निर्देशित और निर्मित है। डॉ रायजादा शिकागो में एक डॉक्टर के तौर पर कार्यरत हैं और कुछ समय पहले तक आम आदमी पार्टी के लिए काम भी करते थे, पर जैसे ही उन्होंने यह देखा की आम आदमी पार्टी अपने मूल सिद्धांतो से भटक रही है तो उन्होंने इसके खिलाफ अपनी आवाज़ उठाई।

मीडिया एजेंसी IANS से फ़ोन पर बातचीत करते हुए डॉ रायजादा ने बताया, "पारदर्शिता एक राजनीतिक वेब सीरीज है, इसलिए हमने पहले इसके ज़्यादा प्रचार और प्रसार के बारे में नहीं सोचा, परंतु जब बात आई इसे समाज के हर तबके तक पहुंचाने की तो फिर हमें यूट्यूब का ख्याल आया।" पारदर्शिता वेब सीरीज का पहला एपिसोड 17 जनवरी को यूट्यूब पर रिलीज़ किया गया था।

Keep reading... Show less