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राजनीति

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ओवैसी के गढ़ हैदराबाद में चुनौती देने पहुंचे

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मोर्चे पर हैं। आदित्यनाथ के हैदराबाद में चुनाव प्रचार को एआईएमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी को सीधी चुनौती देने के रूप में देखा जा रहा है।

बिहार विधानसभा में मिली जीत से उत्साहित भाजपा की नजरें अब तेलंगाना तथा पश्चिम बंगाल पर भी हैं। इसके लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मोर्चे पर हैं। आदित्यनाथ के हैदराबाद में चुनाव प्रचार को एआईएमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी को सीधी चुनौती देने के रूप में देखा जा रहा है।

शनिवार को तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में निकाय चुनाव (ग्रेटर हैदराबाद म्युनिसिपिल कॉरपोरेशन) में मलकजगिरी इलाके में योगी ने भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशियों के पक्ष में सभा के साथ एक रोड शो किया। जिसमें भारी भीड़ उमड़ी।


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रोड शो के दौरान आया आया शेर आया , राम लक्ष्मण जानकी, जय बोलो हनुमान की, योगी-योगी , जय श्री राम, भारत माता की जय और वंदे मातरम के गगनभेदी नारे लगे। योगी को देखने के लिए लोग इतने उत्साहित थे कि सड़कों, घरों की छतों और खिड़कियों पर जमा थे। वहीं से हाथ हिलाकर उनका अभिवादन कर रहे थे।

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मुख्यमंत्री योगी का जबरदस्त स्वागत

तेलंगाना के हैदराबाद में एआईएमआईएम के अध्यक्ष ओवैसी के गढ़ में मुख्यमंत्री योगी का जबरदस्त स्वागत हुआ। भाजपा के प्रत्याशियों के पक्ष में रोड शो किया। रोड शो के दौरान राष्ट्रवादी नारे गूंजते रहे और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर लोग घरों की छतों से फूलों की बारिश भी कर रहे थे। भाजपा कार्यकर्ता पूरे जोश से लबरेज चेंज हैदराबाद के पैंपलेट हाथों में लिए थे। इस दौरान जिधर भी नजर डालें, हर तरफ भगवा ही भगवा नजर आ रहा था। मुख्यमंत्री योगी ने रोड शो से पहले संविधान निर्माता बाबा साहेब भीम राव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद वह रोड शो के लिए बस पर सवार हुए। इस दौरान योगी ने विक्ट्री साइन बनाकर और हाथ जोड़कर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया।

ग्रेटर हैदराबाद म्युनिसिपिल कॉरपोरेशन का चुनाव भाजपा पहली बार लड़ रही है। यहां चुनाव भाजपा और टीआरएस के बीच माना जा रहा है। ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम करीब 24 विधानसभा सीट में फैला है और इसका सालाना बजट करीब साढ़े पांच हजार करोड़ है। तेलंगाना की जीडीपी का बड़ा हिस्सा यहीं से आता है।

इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की चुनावों में मांग देश के अलग-अलग राज्यों से आती रही है। वह अभी तक केरल, कर्नाटक, त्रिपुरा, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, मणिपुर, मध्य प्रदेश के साथ बिहार और दिल्ली के विधानसभा चुनावों में भी भाजपा प्रत्याशियों के पक्ष में प्रचार कर चुके हैं। (आईएएनएस )

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भारत के तमिलनाडु राज्य में बसा कन्याकुमारी स्थल (wikimedia commons)

कुमारी देवी मंदिर :

यह स्थान श्रीपद पराई के नाम से भी जाना जाता है। प्राचीन मान्यताओं की बात करे तो इसके अनुसार इस स्थान पर कभी कन्याकुमारी ने भी तपस्या की थी। इसलिए इस स्थान को कन्याकुमारी कहा जाता है। यहां कुमारी देवी के पैरों के निशान भी हैं। कन्याकुमारी के समुद्री तट पर ही कुमारी देवी का मंदिर है, जहां देवी पार्वती के कन्या रूप को पूजा जाता है। प्राचीन कथाओ में कहा गया है कि भगवान शिव ने एक असुर वाणासुर को वरदान दिया था कि कुंवारी कन्या के अलावा किसी के हाथों उसका वध नहीं होगा। प्राचीनकाल में कभी भारत पर शासन करने वाले राजा भरत की आठ पुत्री और एक पुत्र था। राजा भरत ने अपने साम्राज्य को नों बराबर हिस्सों में बांटकर अपनी संतानों को दे दिया था और दक्षिण का हिस्सा उनकी पुत्री कुमारी को मिला। कुमारी भगवान शिव की अनन्य भक्त थीं और भगवान शिव से विवाह करना चाहती थीं। कहा जाता हैं कि विवाह की तैयारियां होने लगीं लेकिन नारद मुनि यह चाहते थे कि वाणासुर नामक असुर का कुमारी के हाथों वध हो जाए। इस कारण शिव और देवी कुमारी का विवाह नहीं हो पाया। कुमारी को शक्ति देवी का अवतार माना जाने लगा और वाणासुर के वध के बाद कुमारी की याद में ही दक्षिण भारत के इस स्थान को 'कन्याकुमारी' कहा जाने लगा। यह भी कहा जाता है कि शहर का नाम देवी कन्या कुमारी के नाम पर पड़ा है । प्रचलित कथाओं में कुमारी देवी को भगवान श्रीकृष्ण की बहन भी माना गया है। प्रचलित कथा के अनुसार ऐसा कहा गया है कि देवी का विवाह संपन्न न हो पाने के कारण बचे हुए दाल-चावल बाद में कंकर बन गए। आश्चर्यजनक रूप से कन्याकुमारी के समुद्र तट की रेत में दाल और चावल के आकार और रंग-रूप के कंकर बड़ी मात्रा में देखे जा सकते हैं।

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यूएनडीपी का चिन्ह (Wikimedia Commons)

संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम संयुक्त राष्ट्र का वैश्विक विकास नेटवर्क है। संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) की स्थापना 22 नवंबर 1965 को हुई थी। यह राष्ट्रों के बीच तकनीकी और निवेश सहयोग को बढ़ावा देता है और देशों को ज्ञान, अनुभव और संसाधनों से जोड़ता है ताकि लोगों को अपने लिए बेहतर जीवन बनाने में मदद मिल सके। संयुक्त राष्ट्र की विकास एजेंसी के रूप में, यूएनडीपी सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने में देशों की मदद करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यूएनडीपी के कार्यक्रमों में गरीबी कम करने, विकासशील देशों में बीमारियों के प्रसार का इलाज और मुकाबला करने के लिए रणनीति विकसित करने पर ध्यान केंद्रित किया जाता है।

संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम लोगों के जीवन की गुणवत्ता को मापने के लिए हर साल मानव विकास सूचकांक रिपोर्ट प्रकाशित करता है। पहला मानव विकास रिपोर्ट 1990 में पाकिस्तानी अर्थशास्त्री महबूब उल हक और भारतीय नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन द्वारा लॉन्च किया गया था। तब से लेकर अब तक हर साल यह रिपोर्ट प्रकाशित की जाती है। मानव विकास सूचकांक प्रमुख क्षेत्रों में देश के प्रदर्शन के आधार पर सभी देशों को रैंक देता है। इन प्रमुख क्षेत्रों में शैक्षिक स्तर, स्वास्थ्य की स्थिति और एक सभ्य जीवन स्तर शामिल हैं। मानव विकास सूचकांक में 0 से 1.0 के पैमाने पर देश को रैंक किया जाता है, जिसमें 1.0 उच्चतम मानव विकास है।

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पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह (wikimedia commons)

हाल ही में कांग्रेस की पंजाब इकाई के प्रमुख के रूप में नियुक्त किए गए नवजोत सिंह सिद्धू के साथ जारी राजनीतिक खींचतान के बीच कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शनिवार को पंजाब के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। राजभवन के गेट पर 79 वर्षीय अमरिंदर सिंह ने कहा कि वह खुद को अपमानित महसूस कर रहे हैं। बात यह है कि यह एक महीने में तीसरी बार हो रहा है कि विधायकों को बैठक के लिए बुलाया जा रहा है, मेरे नेतृत्व पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

अमरिंदर सिंह का यह फैसला कांग्रेस के लिए मुसीबत बन सकता है क्योंकि पंजाब के चुनाव में 6 महीने से भी काम के समय रह गया है। अमरिंदर सिंह ने कहा कि "मैंने आज सुबह कांग्रेस अध्यक्ष (सोनिया गांधी) को फोन किया और उनसे कहा कि मैं इस्तीफा देने जा रहा हूं। उन्होंने कहा कि भविष्य की रणनीति उनके समर्थकों से चर्चा के बाद तय की जाएगी।

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