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उत्तर प्रदेश ( Uttar Pradesh ) के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ( Yogi Adityanath ) ने बुजुर्ग और विपन्न लोक कलाकारों को बड़ी सौगात दी है। योगी के प्रयासों से प्रदेश के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि केंद्र सरकार की ओर से 65 कलाकारों को न सिर्फ हर महीने चार हजार रुपए पेंशन, बल्कि उन्हें और उनके आश्रितों को एक करोड़ रुपए का स्वास्थ्य बीमा कवर भी स्वीकृत किया गया है। इतना ही नहीं, इस साल के अंत तक प्रदेश में ऐसे दो हजार और कलाकारों को पेंशन और बीमा का लाभ दिया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ( Yogi Adityanath ) लोक कला और लोक कलाकारों को बढ़ावा देने के लिए कई बार सार्वजनिक मंचों से कह चुके हैं। उनका लोक कला और लोक कलाकारों के उत्थान को लेकर प्रेम किसी से छिपा नहीं है। इसी के मद्देनजर लोक कला और लोक कलाकारों को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश स्तर पर कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इसके अलावा सीएम योगी ने ऐसे वृद्ध और विपन्न कलाकार, जिन्होंने अपना पूरा जीवन कला और संस्कृति की आराधना में लगा दिया है, लेकिन वृद्धावस्था और खराब स्वास्थ्य के कारण वह अपनी जीविका उपार्जन में असमर्थ हो गए हैं।

इस बारे में संस्कृति विभाग के निदेशक शिशिर का कहना है कि, “प्रदेश में अभी तक 376 वृद्ध और विपन्न कलाकारों को संस्कृति विभाग की ओर से पेंशन दी जा रही है। केंद्र सरकार की मदद से इस वर्ष इसे और बढ़ाकर ऐसे दो हजार कलाकारों को चार हजार रुपए प्रति माह पेंशन और एक करोड़ रुपए का स्वास्थ्य बीमा का कवर देंगे।”


मुख्यमंत्री योगी के प्रयास से पहली बार केंद्र सरकार ने प्रदेश के 65 बुजुर्ग और विपन्न कलाकारों को पेंशन और परिवार सहित एक करोड़ तक का स्वास्थ्य बीमा दिया है। संस्कृति मंत्रालय की ओर से ‘स्कीम फॉर पेंशन एंड मेडिकल एड टू आर्टिस्ट’ में ऐसे बुजुर्ग कलाकारों को पेंशन दिया जा रहा है, जिन्होंने कला और साहित्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, लेकिन वृद्धावस्था के कारण कठिनाई और गरीबी में जीवन यापन करना पड़ रहा है और उन्होंने तमिल नाडू  की रैली में कई बाते भी कही ।  
 

यह भी पढ़ें : दो मई के बाद टीएमसी के गुंडों को ढूंढ कर निकालेंगे और सजा देंगे : मुख्यमंत्री योगी

प्रदेश सरकार की ओर से बुजुर्ग और विपन्न 376 कलाकारों को दो हजार रुपए प्रति माह पेंशन के रूप में दिए जाते थे, लेकिन अब उन्हें केंद्र सरकार की योजना के कारण चार हजार रुपए प्रति माह मिलेंगे। साथ ही स्वास्थ्य बीमा का लाभ भी मिलेगा। ऐसा होने के कारण संस्कृति विभाग का पेंशन के रूप में खर्च होने वाला बजट बचेगा और अन्य कलाकारों को भी पेंशन दी जा सकेगी।

केंद्र सरकार की योजना का लाभ लेने के लिए केवल वे ही कलाकार पेंशन के लिए आवेदन कर सकते हैं, जिन्हें संबंधित राज्य से कम से कम पांच सौ रुपए पेंशन दी जा रही हो और उनके आवेदन पत्र संबंधित राज्य की ओर से केंद्र सरकार को भेजे गए हों। ( AK आईएएनएस )

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और गोरक्षनाथ पीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ (VOA)

बसपा प्रमुख मायावती(Mayawati) की रविवार को टिप्पणी, गोरखनाथ मंदिर की तुलना एक "बड़े बंगले" से करने पर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ(Yogi Adityanath) ने तत्काल प्रतिक्रिया दी, जिन्होंने उन्हें मंदिर जाने और शांति पाने के लिए आमंत्रित किया।

मुख्यमंत्री, जो मंदिर के महंत भी हैं, ने ट्विटर पर निशाना साधते हुए कहा - "बहन जी, बाबा गोरखनाथ ने गोरखपुर के गोरक्षपीठ में तपस्या की, जो ऋषियों, संतों और स्वतंत्रता सेनानियों की यादों से अंकित है। यह हिंदू देवी-देवताओं का मंदिर है। सामाजिक न्याय का यह केंद्र सबके कल्याण के लिए कार्य करता रहा है। कभी आओ, तुम्हें शांति मिलेगी, ”उन्होंने कहा।

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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया (Wikimedia Commons)

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री(Union Health Minister) मनसुख मंडाविया(Mansukh Mandaviya) ने सोमवार को 40 लाख से अधिक लाभार्थियों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं और टेली-परामर्श सुविधा तक आसान पहुंच प्रदान करने के उद्देश्य से एक नया सीजीएचएस वेबसाइट और मोबाइल ऐप लॉन्च किया।

टेली-परामर्श की नई प्रदान की गई सुविधा के साथ, केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना (Central Government Health Scheme) के लाभार्थी सीधे विशेषज्ञ की सलाह ले सकते हैं, उन्होंने कहा।

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झारखंड के खेतों में उपजायी जा रही फसलें और यहां के किसानों की सफलता की खुशबू अब देश-दुनिया तक पहुंच रही है (Wikimedia Commons)

झारखंड(Jharkhand) के खेतों में उपजायी जा रही फसलें और यहां के किसानों की सफलता की खुशबू अब देश-दुनिया तक पहुंच रही है। ये वही किसान हैं, जो कभी खेतों में सालों भर पसीने बहाकर और अपना खून सुखाकर भी फसलों को औने-पौने भाव में बेचने को मजबूर होते थे। तकनीक की समझ और इंटरनेट के जरिए घर बैठे देश-दुनिया के कोने-कोने में संपर्क साधने की सहुलियत गांवों तक पहुंची तो किसानों की जिंदगी भी बदल रही है। सबसे सुखद पहलू यह कि बदलाव और कामयाबी की इन नई कहानियों में महिलाओं का किरदार बेहद अहम है।

हजारीबाग(Hazaribag) जिले के उग्रवाद प्रभावित चुरचू प्रखंड की सात हजार महिला किसानों के एक समूह की कहानी किसी को भी चमत्कृत कर सकती है। 2017 में यहां की दस महिला किसानों ने एक समूह बनाया और एक साथ मिलकर खेती की शुरूआत की। धीरे-धीरे इस समूह से जुड़नेवाली महिला किसानों की संख्या बढ़ती गयी और इसके बाद 2018 में चुरचू नारी ऊर्जा फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड की शुरूआत हुई।

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