Never miss a story

Get subscribed to our newsletter


×
दुनिया

चीन का दावा, कोरोना मुक्त होगी दुनिया

चीन का कहना है कि अब चीन के टीकों के अनुसंधान में बड़ी प्रगति हासिल हुई है, जिससे महामारी की वजह से छायी हुई धुंध छट सकती है।

दुनिया में कोविड-19 के पुष्ट मामलों की संख्या 3 करोड़ से अधिक हो चुकी है। (Pixabay)

कोरोना वायरस का संक्रमण मजबूत है, लेकिन मृत्यु दर ज्यादा ऊंची नहीं है, इसलिए कोरोना वायरस अभी भी पूरी दुनिया में फैल रहा है।

अब दुनिया में कोविड-19 के पुष्ट मामलों की संख्या 3 करोड़ से अधिक हो चुकी है। 


महामारी फैलने के बाद से रोकथाम के अलावा, टीके का अनुसंधान करना प्राथमिकता है। टीका दुनिया की आशा माना जा रहा है। टीका लगाना महामारी की रोकथाम के लिए सबसे कारगर उपाय है। बहुत देशों के वैज्ञानिक इसमें लगे हुए हैं। 

इसी बीच चीन का कहना है कि अब चीन के टीकों के अनुसंधान में बड़ी प्रगति हासिल हुई है, जिससे महामारी की वजह से छायी हुई धुंध छट सकती है।

चीन : नवंबर तक वैक्सीन उपलब्ध करा दी जाएगी। (Pixabay)

रिपोर्ट के अनुसार अब तक चीन के 11 कोरोना टीकों का क्लिनिकल परीक्षण शुरू हो चुका है, जिनमें 4 का क्लिनिकल परीक्षण तीसरे चरण में है। चीन की वैक्सीन कंपनियों ने कई देशों के संगठनों के साथ सहयोग समझौता संपन्न किया है। और वैक्सीन का तीसरे चरण का क्लिनिकल परीक्षण कानून और नियम के अनुसार किया जा रहा है।

मध्य-पूर्व क्षेत्रों के 35,000 लोगों ने चार में से एक चीनी टीका लगाया। अब सभी लोगों की स्थिति अच्छी है, प्रतिकूल प्रतिक्रिया नहीं आई। एक अन्य टीके का तीसरे चरण का क्लिनिकल परीक्षण दक्षिण अमेरिका और दक्षिण-पूर्वी एशिया के संबंधित देशों में सुचारु रूप से हो रहा है, स्थिति भी अच्छी है।

यह भी पढ़ें – महामारी में, व्यायाम और पौष्टिक खानपान कितना जरूरी ?

चाइना मीडिया ग्रुप का दावा है कि चीनी वैक्सीन का अनुसंधान दुनिया में पहले स्थान पर है। चीनी वैक्सीन सुरक्षित और कारगर है, इसकी उत्पादन क्षमता की भी श्रेष्ठता है।

अनुमान है कि इस साल के अंत तक चीनी टीकों की सालाना उत्पादन क्षमता 61 करोड़ होगी, जबकि वर्ष 2021 में 1 अरब तक जा पहुंचेगी। ये वैक्सीन नैदानिक परीक्षण के अंतिम चरण को पास होकर बाजार में प्रवेश होंगी।

चीन ने वचन दिया है कि चीनी टीके का अनुसंधान पूरा होने और प्रयोग में लाने के बाद इसे वैश्विक सार्वजनिक उत्पाद बनाया जाएगा, ताकि विकासशील देशों में टीका उपलब्ध कराने में चीन का योगदान किया जा सके। 

विश्वास है कि दुनिया एकजुट होकर सहयोग करे, तो जरूर महामारी पर जीत हासिल की जा सकेगी। (आईएएनएस)

Popular

अब अयोध्या के संतो में जागने लगी चुनाव राजनीति में आने की जिज्ञासा। (Wikimedia Commons)

अयोध्या(Ayodhya) के कुछ संत तीर्थ नगरी से यूपी चुनाव लड़ना चाहते हैं। अयोध्या (सदर)(Ayodhya Sadar) उनका पसंदीदा विधानसभा क्षेत्र है जहां से वे यूपी चुनाव में उतरना चाहते हैं। राम जन्मभूमि, जहां एक भव्य राम मंदिर(Ram Temple) निर्माणाधीन है, इसी निर्वाचन क्षेत्र में आता है। लेकिन अयोध्या में संतों का एक और वर्ग राजनीति में अपनी बिरादरी की सक्रिय भागीदारी के खिलाफ है।

हनुमान गढ़ी मंदिर के पुजारियों में से एक राजू दास और तपस्वी जी की छावनी के परमहंस दास उन प्रमुख संतों में शामिल हैं जो अयोध्या (सदर) विधानसभा सीट से चुनाव लड़ना चाहते हैं। वीआईपी विधानसभा क्षेत्र माने जाने वाले अयोध्या सदर से बीजेपी के टिकट के दावेदारों में राजू दास भी शामिल हैं. इसी सीट से बीजेपी के मौजूदा विधायक वेद प्रकाश गुप्ता भी इसी सीट के दावेदार हैं.

Keep Reading Show less

बेंगलुरु से हिंदू बनकर रह रही बांग्लादेशी महिला गिरफ्तार। (IANS)

कर्नाटक पुलिस(Karnataka Police) ने एक 27 वर्षीय बांग्लादेशी अप्रवासी महिला को गिरफ्तार किया है, जो बेंगलुरु(Bengaluru) के बाहरी इलाके में फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफ इंडिया (FRFO) के इनपुट के आधार पर भारत में 15 साल तक हिंदू के रूप में रही, पुलिस ने शुक्रवार को यह भी कहा।

गिरफ्तार बांग्लादेशी महिला की पहचान रोनी बेगम के रूप में हुई है। उसने अपना नाम पायल घोष के रूप में बदल लिया और मंगलुरु के एक डिलीवरी एक्जीक्यूटिव नितिन कुमार से शादी कर ली। पुलिस ने फरार नितिन की तलाश शुरू कर दी है।

Keep Reading Show less

बीते दिनों 'ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल' ने 'करप्शन परेसेप्शन इंडेक्स'(Corruption Perception Index) जारी किया, जिसमें 180 देशों को शामिल किया गया था। आपको बता दें की इस रिपोर्ट के मुताबिक इन 180 देशों में भारत(India) देश का स्थान 85वें स्थान पर है। भारत(India) की स्थिति में पिछले वर्ष के मुकाबले न तो सुधार आया है और न ही स्थिति बिगड़ी है।

इसके साथ भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान(Pakistan) की हालत बद से बद्तर हो गई है। पाकिस्तान सीपीआई(Corruption Perception Index) की लिस्ट में 124 से गिरकर अब 140वें स्थान पर पहुंच गया है। पाकिस्तान के जैसी ही स्थिति म्यांमार की भी बनी हुई है। आपको बता दें कि पाकिस्तान से भी बुरी हालत बांग्लादेश की है। सबसे खराब श्रेणी की बात करें तो सबसे खराब हाल 180वें स्थान पर दक्षिणी सूडान का है, उससे पहले सीरिया, सोमालिया, वेनेजुएला और यमन का है।

Keep reading... Show less