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दुनिया

चीन का भारत से व्यापारिक संबंधों को वापस पटरी पर लाने का आग्रह

भारत द्वारा नवीनतम प्रतिबंध के तौर पर 43 चीनी मोबाइल एप्लिकेशन पर प्रतिबंध लगाए जाने से व्यथित चीन ने बुधवार को भारत सरकार से पारस्परिक हित में व्यापार संबंधों को बहाल करने का आग्रह किया है।

भारत सरकार ने हाल ही में 43 चीनी मोबाइल एप्लिकेशन पर प्रतिबंध लगा दिया था। (Pixabay)

भारत द्वारा नवीनतम प्रतिबंध के तौर पर 43 चीनी मोबाइल एप्लिकेशन पर प्रतिबंध लगाए जाने से व्यथित चीन ने बुधवार को भारत सरकार से पारस्परिक हित में व्यापार संबंधों को बहाल करने का आग्रह किया है। नई दिल्ली में चीनी दूतावास द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया, “चीन और भारत एक दूसरे के लिए खतरों के बजाय विकास के अवसर हैं। दोनों पक्षों को आपसी लाभ और बातचीत और संवाद के आधार पर द्विपक्षीय आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को वापस पटरी पर लाना चाहिए।”

अलीएक्सप्रेस, डिंगटॉक सहित चीन के 43 मोबाइल एप्लिकेशन पर प्रतिबंध लगाने के भारत सरकार के फैसले से संबंधित एक मीडिया सवाल का दूतावास का जवाब दे रहा था।


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बयान में कहा गया है कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी शासन “चीन के मोबाइल एप्लिकेशन पर प्रतिबंध लगाने के लिए भारतीय पक्ष द्वारा बार-बार बहाने के रूप में राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देने का कड़ाई से विरोध करता है।”

दूतावास ने आगे दावा किया कि चीनी सरकार ने हमेशा चीनी कंपनियों द्वारा अंतर्राष्ट्रीय नियमों का पालन करने, कानूनों और विनियमों के अनुपालन में काम करने और सार्वजनिक व्यवस्था और अच्छी नैतिकता के अनुरूप काम करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।

अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए – Climate Change Increases Risks of Diseases in Animals

दूतावास के प्रवक्ता जी रोंग ने कहा कि चीन को उम्मीद है कि भारत “चीन सहित विभिन्न देशों के सभी बाजारों के लिए निष्पक्ष, और गैर-भेदभावपूर्ण व्यापारिक वातावरण प्रदान करेगा और डब्ल्यूटीओ नियमों का उल्लंघन करने वाले भेदभावपूर्ण प्रथाओं में सुधार करेगा।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत और चीन के बीच जून से लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर गतिरोध है। भारत ने चीनी आक्रमण के प्रतिशोध में कई कूटनीतिक उपाय किए हैं, जिसमें कदम उठाए हैं जिसमें डेटा सुरक्षा मुद्दों पर चीनी एलिकेशंस पर प्रतिबंध लगाना भी शामिल है। (आईएएनएस)

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इंडियन स्कूल ऑफ हॉस्पिटैलिटी (ISH) [IANS]

दुनिया की अग्रणी हॉस्पिटैलिटी और पाक कला शिक्षा दिग्गजों में से एक, सॉमेट एजुकेशन (Sommet Education) ने हाल ही में देश के प्रीमियम हॉस्पिटैलिटी संस्थान, इंडियन स्कूल ऑफ हॉस्पिटैलिटी (ISH) के साथ हाथ मिलाया है। इसके साथ सॉमेट एजुकेशन की अब आईएसएच (ISH) में 51 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जो पूर्व के विशाल वैश्विक नेटवर्क में एक महत्वपूर्ण एडिशन है। रणनीतिक साझेदारी सॉमेट एजुकेशन को भारत में अपने दो प्रतिष्ठित संस्थानों को स्थापित करने की अनुमति देती है। इनमें इकोले डुकासे शामिल है, जो पाक और पेस्ट्री कला में एक विश्वव्यापी शिक्षा संदर्भ के साथ है। दूसरा लेस रोचेस है, जो दुनिया के अग्रणी हॉस्पिटैलिटी बिजनेस स्कूलों में से एक है।

इस अकादमिक गठबंधन के साथ, इकोले डुकासे का अब भारत में अपना पहला परिसर आईएसएच (ISH) में होगा, और लेस रोचेस देश में अपने स्नातक और स्नातकोत्तर आतिथ्य प्रबंधन कार्यक्रम शुरू करेगा।

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Credit- Wikimedia Commons

भारतीय रेलवे (Wikimedia Commons)

पूर्व मध्य रेल ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देशों के बाद इसके अनुपालन में उल्लेखनीय प्रगति हासिल की है। इको स्मार्ट स्टेशन के रूप में विकसित करने के लिए पूर्व मध्य रेल के 52 चिन्हित स्टेशनों पर रेलवे बोर्ड द्वारा सुझाए गए 24 इंडिकेटर (पैरामीटर) लागू किए हैं। सभी 52 स्टेशनों ने पर्यावरण प्रबंधन के लिए एक प्रमाणन आईएसओ-14001:2015 प्राप्त किया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा निर्धारित पूर्व मध्य रेल के 52 नामांकित स्टेशनों में से 45 का संबंधित राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोडरें के लिए सहमति-से-स्थापित (सीटीई) प्रस्तावों की ऑनलाइन प्रस्तुतियां सुनिश्चित कीं।

पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी राजेष कुमार ने बताया कि पूर्व मध्य रेल के सभी 45 स्टेशनों के लिए स्थापना की सहमति के लिए एनओसी प्राप्त कर ली गई है और 32 स्टेशनों को कंसेंट-टू-ऑपरेट (सीटीओ) दी गई है। उन्होंने बताया कि इस प्रमाणीकरण ने पूर्व मध्य रेलवे को राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोडरें द्वारा निर्धारित पानी, वायु प्रदूषण नियंत्रण और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन मानदंडों की आवश्यकता को सुव्यवस्थित करने में मदद की है।

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वायरस जनित बीमारियों की विश्व स्तरीय जांच अब गोरखपुर में भी हो सकेगा। [IANS]

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में इंसेफेलाइटिस समेत अन्य वायरस जनित बीमारियों की विश्व स्तरीय जांच शुरू हो गई है। गोरखपुर (Gorakhpur) में यह इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR)की क्षेत्रीय इकाई रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर (RMRC) के जरिए संभव हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के प्रयास से शुरू इस आरएमआरसी में नौ अत्याधुनिक लैब्स बनकर तैयार हैं। बता दें कि मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) इसका उद्घाटन करेंगे।

राज्य सरकार की ओर से मिली जानकारी के अनुसार आरएमआरसी (RMRC) की इन लैब्स के जरिये न केवल बीमारियों के वायरस की पहचान होगी बल्कि बीमारी के कारण, इलाज और रोकथाम को लेकर व्यापक स्तर पर वल्र्ड क्लास अनुसंधान भी हो सकेगा। सबसे खास बात यह भी है कि अब गोरखपुर (Gorakhpur) में ही आने वाले समय में कोरोनाकाल के वर्तमान दौर की सबसे चर्चित और सबसे डिमांडिंग जीनोम सिक्वेंसिंग (Genome Sequencing) भी हो सकेगी। यह पता चल सकेगा कि कोरोना का कौन सा वेरिएंट (Covid variant) अधिक प्रभावित कर रहा है।

Narendra Modi , PM of India, ICMR मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस RMRC का उद्घाटन करेंगे। [Wikimedia Commons]

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