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शिक्षा

12वीं रिजल्ट फार्मूला, व्यापक परामर्श के बाद अपनाई गई यह नीति : शिक्षा मंत्री निशंक

सीबीएसई ने बारहवीं कक्षा के रिजल्ट के लिए फार्मूला तय कर दिया है। कई संस्थानों ने सीबीएसई के इस फार्मूले का स्वागत किया है तो कुछ शिक्षा विशेषज्ञों ने इसमें आंशिक सुधार की मांग की है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक। (फाइल फोटो, PIB)

सीबीएसई ने बारहवीं कक्षा का रिजल्ट जारी करने के लिए फार्मूला तय कर दिया है। कई संस्थानों ने सीबीएसई के इस फार्मूले का स्वागत किया है तो कुछ शिक्षा विशेषज्ञों ने इसमें आंशिक सुधार की मांग की है। निर्मल भारतीया स्कूल के प्रमुख जुगनू सिंह ने कहा कि सीबीएसई ने बारहवीं के परिणाम देने के लिए कक्षा 10 और 11 के परिणामों को शामिल कर मूल्यांकन का बहुत व्यापक मानक देने की कोशिश की है। हालांकि यह ध्यान रखना होगा कि कक्षा 10 और 11 के छात्रों की मानसिकता और अध्ययन का स्तर बहुत अलग होता है। कक्षा 10 और 11 के लिए 30 प्रतिशत का वेटेज बहुत अधिक लगता है जो शायद उन्हें बहुत अच्छा नहीं लगे। उन्होने कहा कि स्कूल और बोर्ड परीक्षा के परिणामों को मिलाना भी उचित नहीं है। दरअसल कक्षा 11 के छात्रों में उतनी गंभीरता भी नहीं आती यह भी ध्यान में रखना होगा। इसके बाद 12वीं बोर्ड की तैयारी शुरू करने के साथ वे गंभीर हो जाते हैं। हम कक्षा के 10 सीबीएसई परिणामों के समान मानक बना सकते थे। सेठ आनंदराम जयपुरिया स्कूल की प्रिंसिपल एवं निदेशक मंजू राणा ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सीबीएसई ने 30, 30, 40 फॉर्मूले पर बारहवीं बोर्ड परीक्षाओं के मूल्यांकन का प्रस्ताव दिया है जो सराहनीय है। पिछला पूरा साल कोविड का संकट देखते हुए केवल गत एक साल के प्रदर्शन पर विचार करने के बजाय दसवीं, ग्यारहवीं और बारहवीं कक्षा में विद्यार्थी के शैक्षिक प्रदर्शन पर विचार करने का निर्णय मूल्यांकन का निष्पक्ष और विश्वसनीय आधार लगता है।

मंजू राणा के मुताबिक सीबीएसई का यह निर्णय भी स्वागत योग्य है कि जो विद्यार्थी इस परिणाम से संतुष्ट नहीं होंगे निकट भविष्य में जब और जैसे परीक्षा होगी, उसमें शामिल हो सकते हैं। बोर्ड परीक्षाओं के रद्द होने से आए ठहराव का अंत देख कर मैं बहुत प्रसन्न हूं। आगामी 31 जुलाई तक परिणाम घोषित हो जाएंगे और विद्यार्थी समय से कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में दाखिले के आवेदन कर सकेंगे। अभिभावकों ने भी इस पर अपनी स्पष्ट राय दी। ऐसी ही एक अभिभावक नलिनी रामदास ने कहा कि पहली बात तो यह कि उच्चतर माध्यमिक के छात्र ग्यारहवीं की तैयारी करते समय बोर्ड परीक्षा के साथ विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी दोनों पर ध्यान केंद्रित करते हैं। दसवीं बोर्ड के अंकों पर विचार करना भी सही रहेगा। वही केंद्रीय विद्यालय में 12वीं कक्षा की छात्रा श्रेया गोयल ने कहा कि महीनों के मानसिक तनाव के उपरांत अब सीबीएसई का यह फार्मूला सचमुच काफी राहत देने वाला है। इस फार्मूले में किसी एक कक्षा या तरीके पर जोर नहीं दिया गया है। छात्रों के समग्र प्रदर्शन के आधार पर 12वीं का रिजल्ट तैयार होगा जो हमारे लिए काफी संतोषजनक है।


इस वर्ष महामारी के कारण 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को स्थगित कर दिया गया था।(Wikimedia Commons)

साथ ही, केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों का परिणाम तैयार करने के लिए सीबीएसई की नीति एवं प्रक्रिया को संस्तुति प्रदान करने हेतु सर्वोच्च न्यायालय का आभार व्यक्त किया। निशंक ने कहा कि सीबीएसई द्वारा सभी हितधारकों से व्यापक परामर्श के बाद यह नीति अपनाई गई है, जो विद्यार्थियों के हित में है। अंतिम परिणाम की गणना करते समय, कक्षा 10 के 3 सबसे अच्छे थ्योरी विषयों के अंकों का औसत, कक्षा 11 की थ्योरी के 30 फीसदी का वेटेज व कक्षा 12वीं की थ्योरी का 40 फीसदी वेटेज लिया जाएगा। प्रैक्टिकल में दिए गए अंक जैसे हैं, वैसे ही लिए जाएंगे। शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि जो विद्यार्थी इस प्रक्रिया के तहत अपने परिणाम से संतुष्ट नहीं हैं, उन्हें स्थितियां अनुकूल होने पर सीबीएसई द्वारा आयोजित की जाने वाली परीक्षा में बैठने का अवसर दिया जाएगा। हमारी सरकार प्रत्येक स्थिति में शिक्षा से जुड़े सभी हित धारकों के हितों एवं उज्‍जवल भविष्य के लिए प्रतिबद्ध है। देशभर के विभिन्न प्रतिष्ठित शिक्षा संस्थानों एवं प्रसिद्ध शिक्षाविदों ने सीबीएसई के इस फार्मूले का स्वागत किया है।

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हेरिटेज एक्सपिरिएंशियल लनिर्ंग स्कूल की निदेशक और प्रिंसिपल नीना कौल ने कहा कि मूल्यांकन का नया मानक लचीला और स्पष्ट है। स्कूलों को विद्यार्थियों के मूल्यांकन की स्पष्ट प्रक्रिया सुनिश्चित करने की सुविधा दी गई है। हालांकि कक्षा 10 और कक्षा 11 के विषय, संरचना और शैक्षिक दृष्टिकोण में बहुत अंतर होता है और कक्षा 10 के औसत अंकों का कक्षा 12 के अंकों पर भी प्रभाव पड़ेगा। दोनों कक्षाओं के विषय भिन्न हैं। हेरिटेज एक्सपिरिएंशियल में पहले से ही मूल्यांकन की मजबूत पद्धति है इसलिए बोर्ड के मानकों को लागू करना हमारे लिए कठिन नहीं होगा। सीबीएसई के 10वीं बोर्ड का रिजल्ट 20 जुलाई और बारहवीं कक्षा के छात्रों का परिणाम 31 जुलाई तक घोषित कर दिया जाएगा। सीबीएसई ने गुरुवार को यह आधिकारिक जानकारी साझा की। इसके साथ ही सीबीएसई ने 12वीं कक्षा के छात्रों का रिजल्ट तैयार करने का फार्मूला भी बताया है। बारहवीं कक्षा का रिजल्ट 10वीं, 11वीं कक्षा के रिजल्ट और बारहवीं कक्षा के प्रैक्टिकल एवं आंतरिक कक्षा के प्रैक्टिकल एवं आंतरिक परीक्षाओं के आधार पर तैयार किया जाएगा।(आईएएनएस-SHM)

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\u0915\u094b\u0930\u094b\u0928\u093e \u0935\u093e\u092f\u0930\u0938 कोरोना का डेल्टा वैरिएंट हाल के दिनों में दुनियाभर में कहर बरपाया है (pixabay)

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ऑस्ट्रेलिया की शार्क प्रजातियों पर एक खतरा आ गया है। वहाँ 10 प्रतिशत से अधिक शार्क प्रजाति विलुप्त होने ही वाली है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय पर्यावरण विज्ञान कार्यक्रम (एनईएसपी) समुद्री जैव विविधता हब ने सभी ऑस्ट्रेलियाई शार्क, किरणों और घोस्ट शार्क (चिमेरा) के विलुप्त होने का मूल्यांकन प्रकाशित किया है।


ऑस्ट्रेलिया दुनिया की कार्टिलाजिनस मछली प्रजातियों के एक चौथाई से अधिक का घर है, इसमें 182 शार्क, 132 किरणें और 14 चिमेरे ऑस्ट्रेलियाई जलमार्ग में हैं। पीटर काइन जो चार्ल्स डार्विन विश्वविद्यालय (सीडीयू) के एक वरिष्ठ शोधकर्ता है और रिपोर्ट के प्रमुख लेखक है उन्होंने कहा कि तुरंत कार्रवाई की जरूरत है। पीटर काइन कहा, "ऑस्ट्रेलिया का जोखिम 37 प्रतिशत के वैश्विक स्तर से काफी कम है। यह उन 39 ऑस्ट्रेलियाई प्रजातियों के लिए चिंता का विषय है, जिनके विलुप्त होने का खतरा बढ़ गया है।"

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आप को बता दे की यह योजना राज्य सरकार द्वारा यूके और आयरलैंड में उच्च अध्ययन करने हेतु अनुसूचित जनजातियों के छात्रों के लिए शुरू की गई है। छात्रवृत्ति के पुरस्कार प्राप्त करने वाले छात्रों को विविध खर्चो के साथ-साथ ट्यूशन फीस भी पूरी तरह मिलेगी । इस योजना के अनुसार झारखंड राज्य में हर साल अनुसूचित जनजाति से 10 छात्रों का चयन किया जाएगा।

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\u0938\u094d\u091f\u0942\u0921\u0947\u0902\u091f विश्वविद्यालय में पढ़ते हुए छात्र (pixabay)

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