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मनोरंजन

न्यू नॉर्मल के बीच लाइव स्टैंड-अप कॉमेडी का होना कोई मजाक नहीं

न्यू नॉर्मल में अब शोज को शुरू किए जाने की इजाजत मिल चुकी है, लेकिन बस्सी को लगता है सब कुछ पूरी तरह से स्वाभाविक होने में कुछ वक्त लग सकता है।

अनलॉक के साथ ही लाइव स्टैंड-अप कॉमेडी भी पटरी पर आ रही है। (Pixabay)

हंसी-मजाक के बिना क्या जिंदगी कोई मायने रखती है? महामारी की इस अनिश्चितकालीन समय में हम हंसने-मुस्कुराने को जिंदगी की एक खुराक के तौर पर ले सकते हैं। कोरोनाकाल में कॉमेडी क्लब्स, थिएटर्स और स्टूडियोज वगैरह बंद कर दिए गए, ऐसे में कई कॉमेडियनों ने ऑनलाइन का दामन थामा, लेकिन बात बनी नहीं।

देश में जैसे-जैसे अनलॉक की प्रक्रिया शुरू हुई, वैसे-वैसे स्टैंड-अप कॉमेडी इंडस्ट्री भी धीरे-धीरे पटरी पर आने लगी। इस न्यू नॉर्मल में बेशक जमीनी स्तर पर कई नियम-कानून होंगे, ऐसे में कॉमेडियंस भी इन्हें आत्मसात करने के लिए बिल्कुल तैयार हैं।


मशहूर कॉमेडियन अनुभव सिंह बस्सी ने आईएएनएस को बताया, “मैं कहीं भी परफॉर्म करने के लिए तैयार हूं। ऐसा नहीं है कि मैंने आउडडोर परफॉर्म किया ही नहीं है। कई कॉपोर्रेट शोज आउटडोर्स ही होते हैं, जहां केवल परिवार के लोग ही शामिल रहते हैं। यहां तक कि प्राइवेट शोज, शादियां, पार्टी और उत्सव में आयोजित होने वाले समारोह, ये भी आउटडोर होते हैं। मैंने इनमें अपनी परफॉर्मेंस दी है। ऐसा नहीं है कि मैं आउटडोर परफॉर्म नहीं कर सकता हूं।”

कॉमेडियन अनुभव सिंह बस्सी (Social Media)

वह आगे कहते हैं, “हां, खुली हवा में चीजें काफी अलग रहती हैं। साउंड सिस्टम सहित अन्य चीजों की सही व्यवस्था होनी चाहिए, बाकी तो ये भी काफी मजेदार होते हैं। अब चूंकि दर्शक इनमें कुछ दूरी पर बैठे रहते हैं इसलिए स्टेज के मुकाबले हंसने-गुदगुदाने का वह प्रभाव कुछ हद तक कम रहता है।”

न्यू नॉर्मल में अब शोज को शुरू किए जाने की इजाजत मिल चुकी है, लेकिन बस्सी को लगता है सब कुछ पूरी तरह से स्वाभाविक होने में कुछ वक्त लग सकता है।

इसे लेकर वह कहते हैं, “भीड़ को अपनी ओर आकर्षित करने में काफी वक्त लगेगा। बच्चे सहित परिवार के लोग इस वक्त समारोह वगैरह में शामिल होने से कतरा रहे हैं, लेकिन नौजवान जो या तो अकेले रहते हैं या अपने परिवार के साथ रहते हैं, उनमें इनमें शामिल रहने की इच्छा हो सकती है। यह मुश्किल होने वाला है और हम भी अभी भीड़ की उम्मीद नहीं लगा रहे हैं। आशा है कि शोज को अच्छी प्रतिक्रियाएं मिले और हम फिर से लाइव शोज करना शुरू कर पाए।”

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कॉमेडियन जसप्रीत सिंह जल्द ही दिल्ली और चंडीगढ़ में आयोजित होने वाले कॉमेडी शोज में परफॉर्म करने वाले हैं और उनका भी यही मानना है कि दर्शकों की बड़ी भीड़ को लाने में अभी कुछ इंतजार करना पड़ सकता है।

उन्होंने कहा, “मैं एक छोटे से कमरे में सोशल डिस्टेंसिंग के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए परफॉर्म करने के लिए बिल्कुल तैयार हूं क्योंकि मुझे अपने साथ-साथ दर्शकों की भी फिक्र है। मुझे लगता है कि अभी ज्यादा की संख्या में दर्शकों के आने में वक्त लगेगा, लेकिन हमें भी तो कहीं न कहीं से शुरू करना होगा।”(आईएएनएस)

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अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी (Wikimedia Commons)

बॉलीवुड (Bollywood) के जाने माने अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी (Nawazuddin Siddiqui) अपने दमदार अभिनय के अलावा अक्सर पुरस्कारों और सम्मानों के साथ वैश्विक मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने को लेकर भी सुर्ख़ियों में रहते हैं। उन्हें मिलने वाले सम्मान उनका आत्मविश्वास बढ़ाते हैं। उसी के बारे में बात करते हुए, अभिनेता ने कहा, "मैं अपनी पहचान या पुरस्कारों पर नजर नहीं रखता, लेकिन यह निश्चित रूप से मुझे प्रेरित करते हैं और उस तरह की फिल्मों या पात्रों को चुनने में मदद करते है जिन्हें मैं करना चाहता हूं। पुरस्कार मुझे अपना काम चुनने में आत्मविश्वास देते हैं।"

नवाज ने हाल ही में अंतर्राष्ट्रीय एमी पुरस्कारों (International Emmy Awards) की अपनी यात्रा के साथ सुर्खियां बटोरीं, क्योंकि उन्हें सुधीर मिश्रा निर्देशित 'सीरियस मेन' में उनके काम के लिए एक अभिनेता श्रेणी द्वारा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन में नामांकित किया गया था। हालांकि, अभिनेता डेविड टेनेंट से हार गए, जो ड्रामा मिनिसरीज 'देस' में अपने प्रदर्शन के लिए ट्रॉफी लेकर चले गए।

पहले भी अभिनेता (Nawazuddin Siddiqui) ने कई अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त की है, क्योंकि वह दुनिया के एकमात्र ऐसे अभिनेता हैं जिनके पास कान्स फिल्म समारोह में आधिकारिक तौर पर चयनित और प्रदर्शित 8 फिल्में हैं।

उनकी फिल्म 'पतंग: द काइट' का प्रीमियर 2012 में बर्लिन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल और ट्रिबेका फिल्म फेस्टिवल में हुआ था।

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टोयोटा (Wikimedia Commons)

टोयोटा(Toyota) मोटर कॉर्प ने घोषणा की है कि वह अमेरिका में अपनी कुछ इलेक्ट्रिक वाहन(Electric Vehicles) आपूर्ति श्रृंखला लाने के प्रयास में उत्तरी कैरोलिना में एक नई 1.29 बिलियन डॉलर की लागत से बैटरी फैक्ट्री(Battery Factory) का निर्माण कर रही है।

एक समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, टोयोटा ने घोषणा की है कि वह अगले दशक में बैटरी तकनीक में करीब 13.6 अरब डॉलर का निवेश करेगी, उत्पादन में 9 अरब डॉलर का निवेश शामिल है। क्योंकि यह अपने वाहन लाइनअप को विद्युतीकृत करने का प्रयास करता है।

नया संयंत्र शुरू में सालाना 8 लाख वाहनों के लिए लिथियम-आयन बैटरी की आपूर्ति करने में सक्षम होगा। पहले वर्ष में, फर्म इलेक्ट्रिक वाहनों के आगामी लाइनअप के लिए 1.2 मिलियन बैटरी पैक का उत्पादन करने की योजना बना रही है।

उत्तरी अमेरिका में टोयोटा मोटर के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी क्रिस रेनॉल्ड्स की रिपोर्ट के हवाले से कहा गया है, "यह निवेश, जो मुझे लगता है कि उत्तरी कैरोलिना के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा निजी पूंजी निवेश है.. कम से कम 1,750 नई नौकरियां पैदा करेगा और हमें ऑटोमोटिव बैटरी उत्पादन को विकसित करने और स्थानीय बनाने में मदद करेगा जो यहां निर्मित बैटरी इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका में मार्ग प्रशस्त करेगा।"

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जेएनयू के कॉमरेड को अब बाबरी मस्जिद चाहिए (Image: Wikimedia Commons)

अपने हिंदू विरोधी कर्तव्य के लिए प्रसिद्ध साम्यवादी(communist) विचारधारा से ग्रसित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ(JNUSU) एक बार फिर से सुर्खियों में है। अबकी बार वह जिस वजह से सुर्खियों में है वह है बाबरी मस्जिद(Babri Masjid)। दरअसल, जेएनयूएसयू ने अयोध्या(ayodhya) में ध्वस्त बाबरी मस्जिद के पुनर्निर्माण की मांग को लेकर कैंपस के अंदर एक विरोध मार्च निकाला। विरोध मार्च चंद्रभागा छात्रावास में समाप्त हुआ, जहां छात्र नेताओं ने जमकर नारेबाजी और भाषण बाजी करी।

इसके अलावा एक जगह पर तख्तियां लिए हुए, नारेबाजी करते हुए जमा हो गए और बाद में उन्होंने परिसर के अंदर मार्च निकाला। छात्र नेताओं ने मस्जिद(Babri Masjid) के पुनर्निर्माण की मांग को लेकर भाषण भी दिया। जेएनयूएसयू(Janusu) के उपाध्यक्ष साकेत मून(Saket Moon) ने कहा कि बाबरी मस्जिद के पुनर्निर्माण से न्याय मिलेगा। उपाध्यक्ष जी न्याय दिलवाने की बात करके मस्जिद के निर्माण की बात कर रहे हैं, लेकिन शायद वह भूल गए कि राम मंदिर(Ram Mandir) आज सुप्रीम कोर्ट (supreme Court) द्वारा किए गए न्याय पर मिल रहा है।

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