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देश

प्रदेश में रोजाना दो किमी हाईवे का हो रहा निर्माण : योगी आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2014 के बाद अगर हम प्रतिदिन प्रदेश के अंदर हाईवे निर्माण की स्पीड देखेंगे, तो औसतन लगभग दो किमी हाईवे का निर्माण रोजाना हुआ है।

 उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2014 के बाद अगर हम प्रतिदिन प्रदेश के अंदर हाईवे निर्माण की स्पीड देखेंगे, तो औसतन लगभग दो किमी हाईवे का निर्माण रोजाना हुआ है। यह विकास की नई कथा को देश के अंदर लिखे जाने की एक नई व्यवस्था है। मुख्यमंत्री ने सोमवार को वाराणसी के खजूरी में वाराणसी-प्रयागराज (एनएच-19) सिक्स लेन चौड़ीकरण परियोजना के लोकार्पण के अवसर पर ये बात कही। यह परियोजना 2,447 करोड़ की लागत से उच्च तकनीक से बने भारत का पहला राजमार्ग है और इसकी लंबाई 73 किमी है।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज भारत को दुनिया के सामने जिस मजबूती के साथ रखा है, हम सब देख रहे हैं चाहे,की भारत की सुरक्षा का मामला हो, भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्थानीय उत्पाद को प्रमुखता के साथ आगे बढ़ाने का हो, या फिर विकास की योजनाओं का लाभ एक-एक नागरिक तक पहुंचाने का हो, पूरी प्रतिबद्धता और ईमानदारी के साथ यह कार्यक्रम आगे बढ़ रहे हैं।


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उन्होंने कहा कि काशी अपनी पुरातन काया और नए कलेवर के साथ वैश्विक मंच पर एक बार फिर से जगमगा रही है और यह हम सब अहसास कर सकते हैं कि पिछले छह वर्षों के दौरान, करीब 18 हजार करोड़ की परियोजनाएं या तो लोकार्पित हुई हैं या शिलान्यास हुआ है और वर्तमान में ढेर सारी परियोजनाओं पर युद्ध स्तर पर कार्य भी चल रहा है। यह काशी की उस विकास गाथा को आगे बढ़ाने की कहानी है, जिसके लिए काशी का प्रत्येक नागरिक वर्षों से, सदियों से उतावला था।

कोरोना महामारी के बाद भी कम है मामले

योगी ने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना से देश की 135 करोड़ की आबादी को ना केवल सुरक्षित रखना, बल्कि एक-एक गरीब के घर तक उसकी जरूरत के हिसाब से, उसकी आवश्यकताओं के लिए हर प्रकार की सुविधा और सुरक्षा उपलब्ध कराना, गरीब कल्याण पैकेज के माध्यम से एक लाख 76 हजार करोड़ रुपए की हर गरीब की जरूरत को पूरा करने की योजना हो, आत्मनिर्भर भारत के लिए 20 लाख करोड़ रुपए की, देश की युवाओं के लिए, समाज के विभिन्न तबके के लिए पैकेज की घोषणा के साथ ही उसे सफलता पूर्वक क्रियान्वयन किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के अंदर हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्च र को पूरी मजबूती के साथ आगे बढ़ाने, अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय व्यस्तताओं के साथ काशी के बारे में हर पल, हर क्षण, हर जानकारी रखने और यहां के लोगों की, यहां के विकास की, यहां की आध्यात्मिक परंपरा को आगे बढ़ाने की, निरंतर एक जुड़ाव के साथ आज दुनिया की दो प्राचीन नगरियों को जोड़ने के लिए प्रधानमंत्री का आगमन देव दीपावली के शुभ अवसर पर अपनी पवित्र काशी में हुआ है। (आईएएनएस)

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अल्जाइमर रोग एक मानसिक विकार है। (unsplash)

ऑस्ट्रेलिया के शोधकर्ताओं ने एक अभूतपूर्व अध्ययन में 'ब्लड-टू-ब्रेन पाथवे' की पहचान की है जो अल्जाइमर रोग का कारण बन सकता है। कर्टिन विश्वविद्यालय जो कि ऑस्ट्रेलिया के पर्थ शहर में है, वहाँ माउस मॉडल पर परीक्षण किया गया था, इससे पता चला कि अल्जाइमर रोग का एक संभावित कारण विषाक्त प्रोटीन को ले जाने वाले वसा वाले कणों के रक्त से मस्तिष्क में रिसाव था।

कर्टिन हेल्थ इनोवेशन रिसर्च इंस्टीट्यूट के निदेशक प्रमुख जांचकर्ता प्रोफेसर जॉन मामो ने कहा "जबकि हम पहले जानते थे कि अल्जाइमर रोग से पीड़ित लोगों की पहचान विशेषता बीटा-एमिलॉयड नामक मस्तिष्क के भीतर जहरीले प्रोटीन जमा का प्रगतिशील संचय था, शोधकर्ताओं को यह नहीं पता था कि एमिलॉयड कहां से उत्पन्न हुआ, या यह मस्तिष्क में क्यों जमा हुआ," शोध से पता चलता है कि अल्जाइमर रोग से पीड़ित लोगों के दिमाग में जहरीले प्रोटीन बनते हैं, जो रक्त में वसा ले जाने वाले कणों से मस्तिष्क में रिसाव की संभावना रखते हैं। इसे लिपोप्रोटीन कहा जाता है।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Wikimedia Commons)

शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) सम्मेलन को संम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चरमपंथ और कट्टरपंथ की चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए एससीओ द्वारा एक खाका विकसित करने का आह्वान किया। 21वीं बैठक को संम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मध्य एशिया में अमन के लिए सबसे बड़ी चुनौती है विश्वास की कमी।

इसके अलावा, पीएम मोदी ने विश्व के नेताओं से यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि मानवीय सहायता अफगानिस्तान तक निर्बाध रूप से पहुंचे। मोदी ने कहा, "अगर हम इतिहास में पीछे मुड़कर देखें, तो हम पाएंगे कि मध्य एशिया उदारवादी, प्रगतिशील संस्कृतियों और मूल्यों का केंद्र रहा है।
"भारत इन देशों के साथ अपनी कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और हम मानते हैं कि भूमि से घिरे मध्य एशियाई देश भारत के विशाल बाजार से जुड़कर अत्यधिक लाभ उठा सकते हैं"

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क्रांतिकारी दुर्गावती देवी (wikimedia commons)

हिंदुस्तान की भूमि पर कई साहसी और निडर लोगों का जन्म हुआ जिन्होने भारत की आजादी में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया था। लेकिन दुःख की बात यह है कि इनका नाम इतिहास के पन्नों में इतनी बार दर्ज नहीं हुआ जितना होना चाहिए था। ऐसी ही एक वीरांगना का नाम है दुर्गावती देवी। इन्हें दुर्गा भाभी के नाम से भी जाना जाता है। यह उन महिलाओं में से एक थी जिन्होंने ब्रिटिश राज के खिलाफ क्रांति में भाग लिया था।

दुर्गा भाभी का जन्म 7 अक्टूबर 1907 में उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में हुआ था। इनका जन्म छोटी उम्र में ही भगवती वोहरा जी के साथ हुआ। भगवती वोहरा का परिवार लाहौर का प्रतिष्ठित परिवार था। दुर्गावती के पति भी क्रांति में पुरजोर तरीके से भाग लेना चाहते थे। लेकिन पिता के दबाव के कारण ऐसा कर नहीं पा रहे थे। पिता का देहांत होने के बाद भगवती जी ने भी क्रांति में भाग लिया था।

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