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व्यवसाय

उपभोक्ता बाजार में पहली तिमाही में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

घर से काम करने और रिमोट लर्निंग के कारण पीसी की बढ़ती प्रासंगिकता के लिए आंतरिक एसएसडी बाजार में बढ़ोतरी को काफी हद तक जिम्मेदार ठहराया गया है।

उपभोक्ता आंतरिक एसएसडी बाजार शिपमेंट ने 2021 की पहली तिमाही में 34 प्रतिशत की बढ़ोतरी।(Pixabay)

उपभोक्ता आंतरिक एसएसडी बाजार शिपमेंट ने 2021 की पहली तिमाही में 34 प्रतिशत की बढ़ोतरी (तिमाही पर तिमाही) दर्ज की। वार्षिक आधार पर, समग्र बाजार ने वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में 172 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की। इसकी जानकारी मंगलवार को एक रिपोर्ट के जरिये सामने आई। मार्केट रिसर्च फर्म सीएमआर की ‘इंडिया हार्ड ड्राइव मार्केट रिव्यू फॉर क्यू1 सीवाई2021’ के अनुसार, पीसीआई/एनवीएमई एसएसडी शिपमेंट्स ने छोटे आधार पर 433 फीसदी (वर्ष-दर-वर्ष) बढ़ोतरी दर्ज की, जबकि पोर्टेबल एसएसडी मार्केट शिपमेंट्स में साल की पहली तिमाही में 64 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

समग्र उपभोक्ता आंतरिक एसएसडी बाजार में, डब्ल्यूडी ने 14 प्रतिशत की बाजार हिस्सेदारी पर कब्जा किया, उसके बाद एडाटा ने 13 प्रतिशत और क्रूसियल ने 12 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ तीसरे स्थान पर है।


विश्लेषक, उद्योग खुफिया समूह (आईआईजी), सीएमआर की शिप्रा सिन्हा ने कहा, “घर से काम करने और रिमोट लनिर्ंग के कारण पीसी की बढ़ती प्रासंगिकता के लिए आंतरिक एसएसडी बाजार में बढ़ोतरी को काफी हद तक जिम्मेदार ठहराया गया है। पारंपरिक एचडीडी पर एसएसडी की सर्वोच्च विशेषताओं के बारे में जागरूकता बढ़ने से अतिरिक्त बढ़ावा मिला है।”

सिन्हा ने कहा, “एसएसडी के प्रति उपभोक्ताओं का झुकाव स्पष्ट रूप से पर्याप्त विकास के अवसर दे रहा था। कम जानने वाले ब्रांडों द्वारा एक महत्वपूर्ण योगदान देखा गया, जिससे समग्र आंतरिक एसएसडी आधार बढ़ गया।”

बाहरी एसएसडी बाजार में, सैमसंग 51 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी के साथ शीर्ष स्थान पर रहा और उसके बाद डब्ल्यूडी 41 प्रतिशत पर रहा।

सैमसंग 51 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी के साथ शीर्ष स्थान पर रहा।(Pixabay)

डब्ल्यूडी शिपमेंट में साल-दर-साल 32 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जबकि सैमसंग के शिपमेंट में सालाना आधार पर 109 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।

सीएमआर रिपोर्ट में कहा गया है कि सीगेट ने 6 फीसदी बाजार हिस्सेदारी के साथ तीसरा स्थान हासिल किया।

यह भी पढ़ें: कोविड के कहर की वापसी से वित्तवर्ष 2022 का आईपीओ सीजन प्रभावित होगा

सीएमआर का अनुमान है कि एसएसडी अपनाने और पैठ बढ़ने के कारण सीवाई 2021 के आखिर तक आंतरिक एसएसडी बाजार 25-30 प्रतिशत (वर्ष-दर-वर्ष) बढ़ेगा, जिससे यह एक मुख्यधारा का उत्पाद बन जाएगा।

पोर्टेबल एसएसडी के भी छोटे आधार पर सालाना 50 फीसदी बढ़ने की उम्मीद है।

सिन्हा ने कहा, “डेटा में लगातार बढ़ोतरी और डेटा प्रबंधन में बढ़ती जटिलता पोर्टेबल एसएसडी भविष्य के विकास को बढ़ावा देगी।”(आईएएनएस-SHM)

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प्री-एक्लेमप्सिया गर्भावस्था के 20वें सप्ताह के बाद रक्तचाप में अचानक वृद्धि है। (Unsplash)

एक नए अध्ययन के अनुसार, जो महिलाएं गर्भावस्था के दौरान कोविड संकमित होती हैं, उनमें प्री-एक्लेमप्सिया विकसित होने का काफी अधिक जोखिम होता है। यह बीमारी दुनिया भर में मातृ और शिशु मृत्यु का प्रमुख कारण है। प्री-एक्लेमप्सिया गर्भावस्था के 20वें सप्ताह के बाद रक्तचाप में अचानक वृद्धि है। अमेरिकन जर्नल ऑफ ऑब्सटेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी में प्रकाशित अध्ययन से पता चला है कि गर्भावस्था के दौरान सॉर्स कोव2 संक्रमण वाली महिलाओं में गर्भावस्था के दौरान संक्रमण के बिना प्रीक्लेम्पसिया विकसित होने की संभावना 62 प्रतिशत अधिक होती है।

वेन स्टेट यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन में आणविक प्रसूति और आनुवंशिकी के प्रोफेसर रॉबटरे रोमेरो ने कहा कि यह जुड़ाव सभी पूर्वनिर्धारित उपसमूहों में उल्लेखनीय रूप से सुसंगत था। इसके अलावा, गर्भावस्था के दौरान सॉर्स कोव 2 संक्रमण गंभीर विशेषताओं, एक्लम्पसिया और एचईएलएलपी सिंड्रोम के साथ प्री-एक्लेमप्सिया की बाधाओं में उल्लेखनीय वृद्धि के साथ जुड़ा है। एचईएलएलपी सिंड्रोम गंभीर प्री-एक्लेमप्सिया का एक रूप है जिसमें हेमोलिसिस (लाल रक्त कोशिकाओं का टूटना), ऊंचा लिवर एंजाइम और कम प्लेटलेट काउंट शामिल हैं। टीम ने पिछले 28 अध्ययनों की समीक्षा के बाद अपने निष्कर्ष प्रकाशित किए, जिसमें 790,954 गर्भवती महिलाएं शामिल थीं, जिनमें 15,524 कोविड -19 संक्रमण का निदान किया गया था।

गर्भावस्था के दौरान संक्रमण के बिना प्रीक्लेम्पसिया विकसित होने की संभावना 62 प्रतिशत अधिक होती है। (Unsplash)

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राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने बुधवार को दोहराया कि भारत सामूहिक स्वास्थ्य और आर्थिक कल्याण सुनिश्चित करने के लिए Covid-19 महामारी के खिलाफ एक निर्णायक और समन्वित प्रतिक्रिया देने के वैश्विक प्रयासों में सबसे आगे रहा है। कोविंद ने यह भी कहा कि दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान के तहत भारतीयों को अब तक 80 करोड़ से अधिक खुराक मिल चुकी है।

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इस अवसर पर अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने इन सभी राजदूतों को उनकी नियुक्ति पर बधाई दी और उन्हें भारत में एक सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भारत के इन सभी पांच देशों के साथ घनिष्ठ संबंध हैं और भारत इनके साथ शांति, समृद्धि का एक समन्वित दृष्टिकोण साझा करता है।

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