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देश

भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह का संस्कारी रूप

उन्होंने कहा कि हाथरस जैसी घटनाओं को रोकने के लिए, बेटियों को अच्छे संस्कार देने की ज़रूरत।

सुरेंद्र सिंह ने हाथरस मामले में विवादित बयान दिया। (Pixabay)

बलिया के भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह का कहना है कि हाथरस में 19 वर्षीय दलित लड़की के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म जैसी घटनाओं को रोका जा सकता है। ऐसा तभी हो सकता है जब माता-पिता अपनी बेटियों को अच्छे संस्कार देंगे ।

बलिया में स्थानीय पत्रकारों से बात करते हुए, भाजपा विधायक ने कहा कि न तो शासन और न ही हथियारों का उपयोग ऐसे अपराधों को रोक सकता है।


उन्होंने न्यूज एजेंसी से कहा, ‘ना शासन से, ना तलवार से’, बल्कि बेटियों के अच्छे संस्कारों की मदद से इन घटनाओं को रोका जा सकता है। सभी माता-पिता को अपनी बेटियों को अच्छे संस्कार देने चाहिए। यह शासन और अच्छे संस्कारों का संयोजन है, जो देश को सुंदर बना सकता है।”

भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह (Twitter)

सुरेंद्र सिंह आए दिन विवादित बयान देते रहते हैं।

सिंह ने पहले सरकारी अधिकारियों की तुलना वेश्याओं से करके विवाद खड़ा कर दिया था। उन्होंने कहा था, “अधिकारियों की तुलना में वेश्याएं बेहतर हैं। वे पैसे लेती हैं और पूरी रात नाचती हैं। लेकिन ये अधिकारी जनता से पैसा लेने के बावजूद अपना काम नहीं करते हैं।”

वह विवादों में तब आए, जब उन्होंने कहा था कि “जिन मुस्लिमों की कई पत्नियां और कई बच्चे हैं, उनमें पशुता की प्रवृत्ति है।”

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भाजपा विधायक ने कहा था, “मुस्लिम धर्म में आप जानते हैं कि लोग 50 पत्नियां रखते हैं और 1,050 बच्चों को जन्म देते हैं। यह एक परंपरा नहीं, बल्कि एक पशुवादी प्रवृत्ति है। समाज में सिर्फ दो से चार बच्चों को जन्म देना सामान्य है।”

उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और बसपा अध्यक्ष मायावती पर भी आपत्तिजनक टिप्पणी की है। (आईएएनएस)

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इंडियन स्कूल ऑफ हॉस्पिटैलिटी (ISH) [IANS]

दुनिया की अग्रणी हॉस्पिटैलिटी और पाक कला शिक्षा दिग्गजों में से एक, सॉमेट एजुकेशन (Sommet Education) ने हाल ही में देश के प्रीमियम हॉस्पिटैलिटी संस्थान, इंडियन स्कूल ऑफ हॉस्पिटैलिटी (ISH) के साथ हाथ मिलाया है। इसके साथ सॉमेट एजुकेशन की अब आईएसएच (ISH) में 51 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जो पूर्व के विशाल वैश्विक नेटवर्क में एक महत्वपूर्ण एडिशन है। रणनीतिक साझेदारी सॉमेट एजुकेशन को भारत में अपने दो प्रतिष्ठित संस्थानों को स्थापित करने की अनुमति देती है। इनमें इकोले डुकासे शामिल है, जो पाक और पेस्ट्री कला में एक विश्वव्यापी शिक्षा संदर्भ के साथ है। दूसरा लेस रोचेस है, जो दुनिया के अग्रणी हॉस्पिटैलिटी बिजनेस स्कूलों में से एक है।

इस अकादमिक गठबंधन के साथ, इकोले डुकासे का अब भारत में अपना पहला परिसर आईएसएच (ISH) में होगा, और लेस रोचेस देश में अपने स्नातक और स्नातकोत्तर आतिथ्य प्रबंधन कार्यक्रम शुरू करेगा।

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Credit- Wikimedia Commons

भारतीय रेलवे (Wikimedia Commons)

पूर्व मध्य रेल ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देशों के बाद इसके अनुपालन में उल्लेखनीय प्रगति हासिल की है। इको स्मार्ट स्टेशन के रूप में विकसित करने के लिए पूर्व मध्य रेल के 52 चिन्हित स्टेशनों पर रेलवे बोर्ड द्वारा सुझाए गए 24 इंडिकेटर (पैरामीटर) लागू किए हैं। सभी 52 स्टेशनों ने पर्यावरण प्रबंधन के लिए एक प्रमाणन आईएसओ-14001:2015 प्राप्त किया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा निर्धारित पूर्व मध्य रेल के 52 नामांकित स्टेशनों में से 45 का संबंधित राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोडरें के लिए सहमति-से-स्थापित (सीटीई) प्रस्तावों की ऑनलाइन प्रस्तुतियां सुनिश्चित कीं।

पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी राजेष कुमार ने बताया कि पूर्व मध्य रेल के सभी 45 स्टेशनों के लिए स्थापना की सहमति के लिए एनओसी प्राप्त कर ली गई है और 32 स्टेशनों को कंसेंट-टू-ऑपरेट (सीटीओ) दी गई है। उन्होंने बताया कि इस प्रमाणीकरण ने पूर्व मध्य रेलवे को राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोडरें द्वारा निर्धारित पानी, वायु प्रदूषण नियंत्रण और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन मानदंडों की आवश्यकता को सुव्यवस्थित करने में मदद की है।

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वायरस जनित बीमारियों की विश्व स्तरीय जांच अब गोरखपुर में भी हो सकेगा। [IANS]

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में इंसेफेलाइटिस समेत अन्य वायरस जनित बीमारियों की विश्व स्तरीय जांच शुरू हो गई है। गोरखपुर (Gorakhpur) में यह इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR)की क्षेत्रीय इकाई रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर (RMRC) के जरिए संभव हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के प्रयास से शुरू इस आरएमआरसी में नौ अत्याधुनिक लैब्स बनकर तैयार हैं। बता दें कि मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) इसका उद्घाटन करेंगे।

राज्य सरकार की ओर से मिली जानकारी के अनुसार आरएमआरसी (RMRC) की इन लैब्स के जरिये न केवल बीमारियों के वायरस की पहचान होगी बल्कि बीमारी के कारण, इलाज और रोकथाम को लेकर व्यापक स्तर पर वल्र्ड क्लास अनुसंधान भी हो सकेगा। सबसे खास बात यह भी है कि अब गोरखपुर (Gorakhpur) में ही आने वाले समय में कोरोनाकाल के वर्तमान दौर की सबसे चर्चित और सबसे डिमांडिंग जीनोम सिक्वेंसिंग (Genome Sequencing) भी हो सकेगी। यह पता चल सकेगा कि कोरोना का कौन सा वेरिएंट (Covid variant) अधिक प्रभावित कर रहा है।

Narendra Modi , PM of India, ICMR मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस RMRC का उद्घाटन करेंगे। [Wikimedia Commons]

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