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फेफड़ो के साथ दिल का दुश्मन भी है कोरोना

कोरोना की दूसरी लहर का वायरस फेफड़ो के साथ दिल का दुश्मन भी है क्योंकि फेफड़ो और दिल की दूरी कम होने से इसका असर जल्दी होने लगता है।

दिल की बीमारी वाले मरीज पर दूसरे लोगों के मुकाबले कोरोना वायरस का खतरा अधिक है| (Pexels)

कोरोना (Corona) की दूसरी लहर का वायरस फेफड़ो के साथ दिल का दुश्मन भी है क्योंकि फेफड़ो और दिल की दूरी कम होने से इसका असर जल्दी होने लगता है। जिसे दिल (Heart) की बीमारी पहले से हो, उस पर ज्यादा जल्दी से यह वार करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि कहीं हद तक सच है कि दिल की बीमारी वाले मरीज पर दूसरे लोगों के मुकाबले कोरोना वायरस का खतरा अधिक है और इसीलिए उन्हें सावधानी भी दूसरे लोगों से अधिक बरतने की जरुरत है ।

केजीएमयू के लारी कार्डियॉलजी (Cardiology) विभाग के प्रवक्ता और एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अक्षय प्रधान ने बताया ” जिन्हें पहले से हार्ट की बीमारी, शुगर और ब्लडप्रेशर की शिकायत है तो उन्हें कोरोना होने पर मृत्युदर बढ़ने के चांस बहुत ज्यादा होते हैं। ”


वायरस का एक फीचर मायोकार्डिटिस्ट (Myocarditist) भी है। (Pixabay)

उन्होंने बताया ” वायरस का एक फीचर मायोकार्डिटिस्ट (Myocarditist) भी है। इसके कारण मांसपेशियां कमजोर हो जाती है। 10 15 प्रतिशत लोगों में यह मिल सकता है। जिससे कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है। मरीज की सांस फूलने लगता है। हार्ट पर जो कोरोना का असर होता है। दो प्रकार से होता है वह हार्ट में क्लाट जमा सकता है। या फिर हार्ट की मांसपेशियों को कमजोर कर सकता है। इससे पम्पिंग कम होती है तो मरीज की सांसे फूलने लगती है। जब हार्ट कह मांसपेशियों को कमजोर करती है तो उसे मायोकार्डिटिस्ट कहते हैं। हार्ट ब्लड में थक्का जमाते हैं तो उसे हार्ट अटैक कहते हैं। इन दोनो कारणों से लोगों में मौत का खतरा बढ़ जाता है। कोरोना के रिएक्शन से खून की आपूर्ति में बाधा होंने से हार्ट अटैक हो जाता है। ”

यह भी पढ़ें :- एचआईवी पीड़ित को कोरोना से ज्यादा खतरा : रिपोर्ट

उन्होंने बताया कि हार्ट के रोगी घूमना फिरना बंद करें, घर पर रहें और वैक्सीन (Vaccine) जरूर लगाएं। इसका कोई दुष्प्रभाव नहीं है। समय से दवा जरूर खाएं। जिससे वह सुरक्षित रहें। यदि सर्दी, बुखार या खांसी जैसे लक्षण दिखें तो उसे इग्नोर न करें। (आईएएनएस-SM)

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कोहली ने आज ट्विटर के जरिए एक बयान में इसकी घोषणा की। (IANS)

वर्तमान में भारतीय क्रिकेट टीम के सबसे बड़े खिलाड़ी और कप्तान विराट कोहली ने गुरूवार को घोषणा की कि वह इस साल अक्टूबर-नवंबर में होने वाले टी20 विश्व कप के बाद टी20 प्रारूप की कप्तानी छोड़ेंगे। उनका ये एलान करोड़ो दिलो को धक्का देने वाला था क्योंकि कोहली को हर कोई कप्तान के रूप में देखना चाहता है । कई दिनों से चल रहे संशय पर विराम लगाते हुए कोहली ने आज ट्विटर के जरिए एक बयान में इसकी घोषणा की। कोहली ने बताया कि वह इस साल अक्टूबर-नवंबर में होने वाले टी20 विश्व कप के बाद टी20 के कप्तानी पद को छोड़ देंगे।

ट्वीट के जरिए उन्होंने इस यात्रा के दौरान उनका साथ देने के लिए सभी का धन्यवाद दिया। कोहली ने बताया कि उन्होंने यह फैसला अपने वर्कलोड को मैनेज करने के लिए लिया है। उनका वर्कलोड बढ़ गया था ।

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मंगल ग्रह की सतह (Wikimedia Commons)

मंगल ग्रह पर घर बनाने का सपना हकीकत में बदल सकता हैं। वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष यात्रियों के खून, पसीने और आँसुओ की मदद से कंक्रीट जैसी सामग्री बनाई है, जिसकी वजह से यह संभव हो सकता है। मंगल ग्रह पर छोटी सी निर्माण सामग्री लेकर जाना भी काफी महंगा साबित हो सकता है। इसलिए उन संसाधनों का उपयोग करना होगा जो कि साइट पर प्राप्त कर सकते हैं।

मैनचेस्टर विश्वविद्यालय के अध्ययन में यह पता लगा है कि मानव रक्त से एक प्रोटीन, मूत्र, पसीने या आँसू से एक यौगिक के साथ संयुक्त, नकली चंद्रमा या मंगल की मिट्टी को एक साथ चिपका सकता है ताकि साधारण कंक्रीट की तुलना में मजबूत सामग्री का उत्पादन किया जा सके, जो अतिरिक्त-स्थलीय वातावरण में निर्माण कार्य के लिए पूरी तरह से अनुकूल हो।

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भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली (instagram , virat kohali)

भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली और कोच रवि शास्त्री का लोहा इन दिनों हर जगह माना जा रहा है । इसी क्रम में ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान मार्क टेलर ने कहा है कि भारतीय कप्तान विराट कोहली और कोच रवि शास्त्री हाल के दिनों में टेस्ट क्रिकेट के महान समर्थक और प्रमोटर हैं। साथ ही उन्होंने कोहली की तारीफ भी की खेल को प्राथमिकता देते हुए वो वास्तव में टेस्ट क्रिकेट खेलना चाहते हैं।"
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान मार्क टेलर ने इस बात पर अपनी चिंता व्यक्त की ,कि भविष्य में टेस्ट क्रिकेट कब तक प्राथमिकता में रहेगा। उन्होंने कहा, "चिंता यह है कि यह कब तक जारी रहेगा। उनका यह भी कहना है किइसमें कोई संदेह नहीं है कि जैसे-जैसे हम बड़े होते जाते हैं और नई पीढ़ी आती है, मेरे जैसे लोगों को जिस तरह टेस्ट क्रिकेट से प्यार है यह कम हो सकता है और यह हमारी पुरानी पीढ़ी के लिए चिंता का विषय है।"

\u0930\u0935\u093f \u0936\u093e\u0938\u094d\u0924\u094d\u0930\u0940 भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी और वर्तमान कोच रवि शास्त्री (wikimedia commons)

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