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ओपिनियन

कोरोना महामारी का 1 साल पूरा ,अब भी हालत गंभीर, वैक्सीन की प्रतीक्षा

विश्व भर में देखा जाए तो लगभग 5.7 करोड़ से ज्यादा इस वायरस के मामले सामने आ चुके हैं जो कि सबसे चौंकाने वाली बात है । जब बात की जाए कि कितने लोगों ने इसे अपनी जान गवाई है तो वह कुल 13.6 लाख के पार ।

कोरोना वायरस । (Unsplash )

शीर्षक पढ़कर आप लोग समझ ही गए होंगे की कोरोना महामारी का 1 साल लगभग पूरा हो चुका है और आज भी परिस्थितियां दिन प्रतिदिन बिगड़ती ही जा रही है। विश्व भर में लगभग 5.8 करोड़ से ज्यादा इस वायरस के मामले सामने आ चुके हैं , जो कि सबसे चौंकाने वाली बात है। जब बात की जाए कि कितने लोगों ने अपनी जान गवाई है तो वह संख्या 13.6 लाख के पार है। हमारा देश कोरोना वायरस के मामले में विश्व भर की सूची में दूसरे स्थान पर है ,पहले पर अमेरिका आता है जहां हर दिन लाख से ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं।

वैक्सीन अभी परिक्षण में है । (Unsplash )


सबसे चौंका देने वाली खबर यह है कि ऐसी परिस्थितियों में स्कूल कॉलेज खोलने की भी बात हो रही है , जो की चिंता का विषय है ,हाल ही में आंध्र प्रदेश में स्कूल कॉलेज खोले गए लेकिन उसका अंजाम कुछ ज्यादा ही खतरनाक साबित हुआ। जब 700 से ज्यादा अध्यापक एवं बच्चे इस वायरस के शिकार हो गए। दिल्ली में भी हालत कुछ ठीक नहीं है। यहां पर भी हर दिन लगभग 5000 से ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं, जोकि आने वाले दिनों में बढ़ भी सकता है क्योंकि दिवाली के दिनों में ज्यादातर लोग बाहर अपने रिश्तेदारों से मिलने गए और स्थिति गंभीर हो गई जिसके कारण आज भी लोग हर दिन कोरोना से संक्रमित होते जा रहे हैं और वायरस संक्रमण से बचाव के लिए बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर सतर्कता बढ़ाते हुए, दिल्ली पुलिस ने मास्क नहीं पहनने पर कई लोगों पर जुर्माना ठोका है ताकि लोग वापस समझे की हालात अभी ठीक नहीं है

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किस दिन और कहां आया था पहला कोरना का मामला ?

17 नवंबर 2019 यानी इसी महीने को कोरोना वायरस का पहला मामला वुहान, चीन में आया था जो आज विश्व के हर कोने में फैल चुका है। यह वायरस इतना ज़्यादा सक्षम है कि बड़ी आसानी से फैल सकता है। कोरोना वायरस पहले बिल्ली, चमगादड़ को संक्रमित करता था लेकिन अब ये इंसानों में भी पाया जा रहा है। अमेरिका में कुछ जानवरों में इसके लक्षण भी देखे गए हैं । पूरा विश्व अगर देखा जाए तो चीन से काफी ज्यादा नाराज है और नाखुश भी क्योंकि चीन ही वह ऐसा देश है जिसने वायरस के संक्रमण को बताने में काफी देर कर दी थी।

महामारी के दौर में खुलेंगे स्कूल, चिंतित हैं माता-पिता

कोरोना महामारी के कारण देश में लगभग 7 महीने से ज़्यादा स्कूल और कॉलेज बंद हैं और यही कारण है कि आज देशभर में तमाम स्टूडेंट्स घर बैठकर अपनी पढ़ाई ऑनलाइन क्लास के माध्यम से कर रहे हैं। हाल ही में केंद्र सरकार ने इस बात की तो घोषणा की कि सिनेमा हॉल खोले जाएंगे लेकिन स्कूल खोलने के बात अभी भी  प्रक्रिया में चल रही है।  हालांकि अगर स्कूल या कॉलेज खुलते भी हैं, तो बच्चों के माता-पिता से पूछा जाएगा कि क्या वे अपने बच्चों को स्कूल भेजेंगे ?

एक बार फिर हो रही है लॉकडाउन की वापसी

कोरोना संक्रमण जैसे फैल रहा है आने वाले दिनों में लॉकडाउन जैसी परिस्थितियां वापस आ रही है , उदाहरण के तौर पर अहमदाबाद में एक दिन लॉकडाउन हुआ एवं आशंका भी जताई जा रही है कि महाराष्ट्र सरकार कोरोना पर पूरी तरह नियंत्रण पाने के लिए दोबारा कुछ दिन के लिए लॉकडाउन की घोषणा कर सकती है। राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने कहा, ‘हम पूरे हालात पर नजर बनाए हुए हैं।” यहां तक की ईरान में तो दो हफ्तों का लॉकडाउन में वापस भी लगाया जा रहा है। राजस्थान सरकार ने कोविड-19 के बढ़ते मामलों पर अंकुश लगाने के लिए आठ जिलों में रात का कर्फ्यू लगाने की घोषणा भी की है।

लॉकडाउन के लाभ तो वह अनेक है , उदहारण के तौर पर जिस समस्या का समाधान मानव जाति ना जाने कब से ढूंढ रही थी वह प्रकृति ने खुद ही कर दिया, लॉकडाउन के दौरान दिल्ली एनसीआर का लगभग 57.64 प्रतिशत प्रदूषण कम हुआ जिससे दिल्ली के लोगों को साफ हवा का आनंद मिला।

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भविष्य की स्थिति

हर इंसान को सिर्फ एक ही चीज की तलाश है , तो वो है वैक्सीन लेकिन डब्ल्यूएचओ चीफ़ का यह मानना है कि हम महामारी को वैक्सीन से नहीं हरा पाएंगे जो कि एक बहुत ही नकारात्मकता की सोच बयां करता है । आखिर में हम सबको उम्मीद करनी चाहिए कि जल्द से जल्द यह महामारी खत्म हो जाए और ताकि फिर से स्थिति सारी सामान्य हो और लोग फिर से मास्क के बिना जिंदगी जीना शुरु कर दे ।

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