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देश

जल्द ही भारत में आ सकती है कोरोना की लड़ाई के लिए अच्छी खबर, बस हरी झंडी का इंतज़ार

कुछ दिन पहले 'मेड इन इंडिया' वैक्सीन बनाने का प्रयास कर रहीं वैज्ञानिक टीमों से मेरी बातचीत हुई थी। भारत के वैज्ञानिक अपनी सफलता को लेकर बहुत ही आश्वस्त हैं: मोदी

प्रधानमंत्री मोदी की टीके के समीक्षा दौरे के वक्त की तस्वीर। (PIB)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को हुई सर्वदलीय बैठक में ‘मेड इन इंडिया’ कोरोना वैक्सीन के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अगले कुछ हफ्तों में कोरोना वैक्सीन तैयार होगी। वैज्ञानिकों की हरी झंडी मिलते ही देश में टीकाकरण अभियान शुरू होगा। प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष के नेताओं की कोरोना वैक्सीन को लेकर सभी जिज्ञासाओं का समाधान किया। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी, गुलाम नबी आजाद, बसपा से सतीश मिश्रा, समाजवादी पार्टी से रामगोपाल यादव सहित कई पार्टियों के विपक्ष के नेता इस वर्चुअल सर्वदलीय बैठक में शामिल हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, कुछ दिन पहले ‘मेड इन इंडिया’ वैक्सीन बनाने का प्रयास कर रहीं वैज्ञानिक टीमों से मेरी बातचीत हुई थी। भारत के वैज्ञानिक अपनी सफलता को लेकर बहुत ही आश्वस्त हैं। अभी अन्य देशों की कई वैक्सीनों के नाम बाजार में सुन रहे हैं। फिर भी दुनिया की नजर कम कीमत वाली सबसे सुरक्षित वैक्सीन पर है। स्वाभाविक है कि पूरी दुनिया की नजर भारत पर भी है। अहमदाबाद, पुणे और हैदराबाद जाकर मैने यह भी देखा है कि वैक्सीन मैन्युफैक्च रिंग को लेकर देश की तैयारियां कैसी है?

यह भी पढ़ें: सरकार का प्रत्येक व्यक्ति को कोविड-19 वैक्सीन देने का कोई इरादा नहीं


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि करीब आठ संभावित वैक्सीन भारत में अलग-अलग चरण में हैं। जिनकी मैन्युफैक्च रिंग भारत में होनी है। भारत की अपनी तीन अलग-अलग वैक्सीन का ट्रायल अलग-अलग चरणों में है। एक्सपर्ट मानकर चल रहे हैं कि ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अगले कुछ हफ्तों में कोरोना की वैक्सीन तैयार हो जाएगी। जैसे ही वैज्ञानिकों की हरी झंडी मिलेगी, भारत मे टीकाकरण अभियान शुरू कर दिया जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि पहले चरण में किसे वैक्सीन लगेगी, इसे लेकर राज्य सरकारों से मिले सुझावों के आधार पर केंद्र सरकार काम कर रही है। कोरोना के मरीजों के इलाज में जुटे हेल्थ वर्कर, फ्रंटलाइन वर्कर और पहले से बीमारी से जूझ रहे बुजुर्ग लोगों को सर्वप्रथम वैक्सीन दी जाएगी। वैक्सीन की वितरण व्यवस्था के लिए केंद्र और राज्य की टीमें मिलकर काम कर रहीं हैं।(आईएएनएस)

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Wikimedia Commons)

शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) सम्मेलन को संम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चरमपंथ और कट्टरपंथ की चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए एससीओ द्वारा एक खाका विकसित करने का आह्वान किया। 21वीं बैठक को संम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मध्य एशिया में अमन के लिए सबसे बड़ी चुनौती है विश्वास की कमी।

इसके अलावा, पीएम मोदी ने विश्व के नेताओं से यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि मानवीय सहायता अफगानिस्तान तक निर्बाध रूप से पहुंचे। मोदी ने कहा, "अगर हम इतिहास में पीछे मुड़कर देखें, तो हम पाएंगे कि मध्य एशिया उदारवादी, प्रगतिशील संस्कृतियों और मूल्यों का केंद्र रहा है।
"भारत इन देशों के साथ अपनी कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और हम मानते हैं कि भूमि से घिरे मध्य एशियाई देश भारत के विशाल बाजार से जुड़कर अत्यधिक लाभ उठा सकते हैं"

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ओला इलेक्ट्रिक के स्कूटर।(IANS)

ओला इलेक्ट्रिक ने घोषणा की है कि कंपनी ने 600 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के ओला एस1 स्कूटर बेचे हैं। ओला इलेक्ट्रिक का दावा है कि उसने पहले 24 घंटों में हर सेकेंड में 4 स्कूटर बेचने में कामयाबी हासिल की है। बेचे गए स्कूटरों का मूल्य पूरे 2डब्ल्यू उद्योग द्वारा एक दिन में बेचे जाने वाले मूल्य से अधिक होने का दावा किया जाता है।

कंपनी ने जुलाई में घोषणा की थी कि उसके इलेक्ट्रिक स्कूटर को पहले 24 घंटों के भीतर 100,000 बुकिंग प्राप्त हुए हैं, जो कि एक बहुत बड़ी सफलता है। 24 घंटे में इतनी ज्यादा बुकिंग मिलना चमत्कार से कम नहीं है। इसकी डिलीवरी अक्टूबर 2021 से शुरू होगी और खरीदारों को खरीद के 72 घंटों के भीतर अनुमानित डिलीवरी की तारीखों के बारे में सूचित किया जाएगा।

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अमिताभ बच्चन के साथ बातचीत करते हुए, भारत के गोलकीपर पीआर श्रीजेश (IANS)

केबीसी यानि कोन बनेगा करोड़पति भारतीय टेलिविज़न का एक लोकप्रिय धारावाहिक है । यहा पर अक्सर ही कई सेलिब्रिटीज आते रहते है । इसी बीच केबीसी के मंच पर भारत की हॉकी टीम के गोलकीपर पीआर श्रीजेश पहुंचे । केबीसी 13' पर मेजबान अमिताभ बच्चन के साथ बातचीत करते हुए, भारत के गोलकीपर पीआर श्रीजेश 41 साल बाद हॉकी में ओलंपिक पदक जीतने को लेकर बात की। श्रीजेश ने साझा किया कि "हम इस पदक के लिए 41 साल से इंतजार कर रहे थे। साथ उन्होंने ये भी कहा की वो व्यक्तिगत रूप से, मैं 21 साल से हॉकी खेल रहे है। आगे श्रीजेश बोले मैंने साल 2000 में हॉकी खेलना शुरू किया था और तब से, मैं यह सुनकर बड़ा हुआ हूं कि हॉकी में बड़ा मुकाम हासिल किया, हॉकी में 8 गोल्ड मेडल मिले। इसलिए, हमने खेल के पीछे के इतिहास के कारण खेलना शुरू किया था। उसके बाद हॉकी एस्ट्रो टर्फ पर खेली गई, खेल बदल दिया गया और फिर हमारा पतन शुरू हो गया।"

जब अभिनेता अमिताभ बच्चन ने एस्ट्रो टर्फ के बारे में अधिक पूछा, तो उन्होंने खुल के बताया।"इस पर अमिताभ बच्चन ने एस्ट्रो टर्फ पर खेलते समय कठिनाई के स्तर को समझने की कोशिश की। इसे समझाते हुए श्रीजेश कहते हैं कि "हां, बहुत कुछ, क्योंकि एस्ट्रो टर्फ एक कृत्रिम घास है जिसमें हम पानी डालते हैं और खेलते हैं। प्राकृतिक घास पर खेलना खेल शैली से बिल्कुल अलग है। "

इस घास के बारे में आगे कहते हुए श्रीजेश ने यह भी कहा कि "पहले सभी खिलाड़ी केवल घास के मैदान पर खेलते थे, उस पर प्रशिक्षण लेते थे और यहां तक कि घास के मैदान पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी खेलते थे। आजकल यह हो गया है कि बच्चे घास के मैदान पर खेलना शुरू करते हैं और बाद में एस्ट्रो टर्फ पर हॉकी खेलनी पड़ती है। जिसके कारण बहुत समय लगता है। यहा पर एस्ट्रो टर्फ पर खेलने के लिए एक अलग तरह का प्रशिक्षण होता है, साथ ही इस्तेमाल की जाने वाली हॉकी स्टिक भी अलग होती है।" सब कुछ बदल जाता है ।

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