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आईआईटी का कमाल, बोतल में डाली जिंदगी !

कोरोना की दूसरी लहर में इस बार ऑक्सीजन की कमी ने लोगों को काफी दिक्कत में डाला है। इसी समस्या को देखते हुए आईआईटी कानपुर ने 'स्वासा' ऑक्सीराइज बनाया है।

(IANS)

कोरोना की दूसरी लहर में इस बार ऑक्सीजन की कमी ने लोगों को काफी दिक्कत में डाला है। इसी समस्या को देखते हुए आईआईटी कानपुर ने ‘स्वासा’ ऑक्सीराइज बनाया है। यह शरीर के आक्सीजन लेवल को बढ़ाता है। यह एक बोतलनुमा उपकरण है। जिसे कहीं भी बड़े आराम से ले जाया जा सकता है और इमरजेंसी में ऑक्सीजन की जरूरत को पूरा कर सकते हैं। इसे आईआईटी कानपुर इंक्यूबेशन सेंटर में बनाया गया है। यह पोर्टेबल ऑक्सीजन कैनेस्टर है।

आईआईटी कानपुर के पूर्व छात्र और ई स्पिन नैनोटेक के निदेशक डॉ. संदीप पाटिल ने आईएएनएस को बताया कि, “देश में कोरोना संकट को देखते हुए ई स्पिन नैनोटेक ने श्वासा ऑक्सीराइज बनाया है। यह बॉडी के अंदर के ऑक्सीजन को बढ़ाता है। दूसरी लहर में बहुत ज्यादा ऑक्सीजन की जरूरत को देखते हुए इसे बनाया है। इसे आईआईटी कानपुर इंक्यूबेशन सेंटर में बनाया गया है। ई स्पिन और जैसोलैब ने मिलकर महामारी के दौरान इसे बनाया गया है। यह मेडिकल इमरजेन्सी में काफी कारगर साबित हो सकता है। लेकिन अति गंभीर मामले में इसका प्रयोग नहीं हो सकता है।”


उन्होंने बताया कि, “फास्र्ट एड बॉक्स के साथ एक और प्रोडक्ट रख सकते हैं। इसे कोरोना काल के लिए रख सकते हैं। यह समाज की जरूरत है। यह कोरोना के अलावा अस्थमा मरीजों, ऊंची जगहों पर तैनात सेना के जवानों के लिए काफी कारगर है। इसे मेडिकल किट में बहुत आसानी से रखा जा सकता है। अचानक से यदि किसी का ऑक्सीजन लेवल कम होने लगता है, तो यह अस्पताल ले जाने में काफी सहायक हो सकता है। इसे मास्क के अंदर स्प्रे करके ऑक्सीजन ले सकते हैं। यह ज्यादा समय तक टिका रहेगा। यह आक्सीजन को बूस्ट करेगा। यह बहुत अच्छा पोर्टेबल कनेस्टर है।”

आईआईटी कानपुर ने ‘स्वासा’ ऑक्सीराइज बनाया है। यह शरीर के आक्सीजन लेवल को बढ़ाता है [facebook]

उन्होंने बताया कि 180 ग्राम की बोतल में 10 लीटर ऑक्सीजन कंप्रेस की गयी है। एक बोतल में ऑक्सीजन के 200 सौ शाट लिए जा सकते हैं। यह बोतल महज 499 में रुपए में उपलब्ध है।

डॉ. संदीप ने बताया कि कोरोना की दूसरी लहर में इतनी जाने गयी की मन कचोट गया, तभी इस विकल्प को तैयार करने की पहल की गयी है। यह पोर्टेबल और इमरजेंसी में काफी काम आने वाला उत्पाद है। यह प्रतिदिन 500-600 के बीच में तैयार किया जा रहा है। इसकी मांग पूरे देश से आ रही है। इसकी बिक्री कंपनी की बेवसाइट स्वासा डॉट इन ने भी शुरू कर दी है।

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ज्ञात हो कि अयोध्या में राम मंदिर के भूमि-पूजन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आईआईटी कानपुर द्वारा बनाए हुए मास्क को पहना था। इस मास्क को आईआईटी कानपुर में इनक्यूबेटेड कंपनी ई-स्पिन ने बनाया था।

आईआईटी के इंक्यूबेटेड सेंटर में कई स्टार्टअप कंपनियां संचालित होती हैं। डॉ. संदीप ने बताया कि प्रधानमंत्री ने मन की बात कार्यक्रम में उनकी कंपनी के मास्क की प्रशंसा कर चुके हैं। राममंदिर शिलान्यास कार्यक्रम में भी प्रधानमंत्री पूरे समय स्वासा के मास्क को पहने रहे।(आईएएनएस PS)

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में बात करते हुए योगी ने तारीफ की (wikimedia commons )

हमारा देश भारत अनेकता में एकता वाला देश है । हमारे यंहा कई धर्म जाती के लोग एक साथ रहते है , जो इसे दुनिया में सबसे अलग श्रेणी में ला कर खड़ा करता है । योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं । उन्होंने एक बयान में कहा कि नई थ्योरी में पता चला है कि पूरे देश का डीएनए एक है। यहां आर्य-द्रविण का विवाद झूठा और बेबुनियाद रहा है। भारत का डीएनए एक है इसलिए भारत एक है। साथ ही उन्होंने कहा की दुनिया की तमाम जातियां अपने मूल में ही धीरे धीरे समाप्त होती जा रही हैं , जबकि हमारे भारत देश में फलफूल रही हैं। भारत ने ही पूरी दुनिया को वसुधैव कुटुंबकम का भाव दिया है इसलिए हमारा देश श्रेष्ठ है। आप को बता दे कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की व राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की पुण्यतिथि पर आयोजित एक श्रद्धांजलि समारोह का शुरुआत करने गये थे। आयोजन के पहले दिन मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी ऐसा भारतीय नहीं होगा जिसे अपने पवित्र ग्रन्थों वेद, पुराण, उपनिषद, रामायण, महाभारत आदि की जानकारी न हो। हर भारतीय परम्परागत रूप से इन कथाओं ,कहनियोंको सुनते हुए, समझते हए और उनसे प्रेरित होते हुए आगे बढ़ता है।

साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे यंहा के कोई भी वेद पुराण हो या ग्रंथ हो इनमे कही भी नहीं कहा गया की हम बहार से आये थे । हमारे ऐतिहासिक ग्रन्थों में जो आर्य शब्द है वह श्रेष्ठ के लिए और अनार्य शब्द का प्रयोग दुराचारी के लिए कहा गया है। मुख्यमंत्री योगी ने रामायण का उदाहरण भी दिया योगी ने कहा कि रामायण में माता सीता ने प्रभु श्रीराम की आर्यपुत्र कहकर संबोधित किया है। लेकिन , कुटिल अंग्रेजों ने और कई वामपंथी इतिहासकारों के माध्यम से हमारे इतिहास की किताबो में यह लिखवाया गया कि आर्य बाहर से आए थे । ऐसे ज्ञान से नागरिकों को सच केसे मालूम चलेगा और ईसका परिणाम देश लंबे समय से भुगतता रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में बात करते हुए योगी ने कहा कि , आज इसी वजह से मोदी जी को एक भारत-श्रेष्ठ भारत का आह्वान करना पड़ा। आज मोदी जी के विरोध के पीछे एक ही बात है। साथ ही वो विपक्ष पर जम के बरसे। उन्होंने मोदी जी के बारे में आगे कहा कि उनके नेतृत्व में अयोध्या में पांच सौ वर्ष पुराने विवाद का समाधान हुआ है। यह विवाद खत्म होने से जिनके खाने-कमाने का जरिया बंद हो गया है तो उन्हें अच्छा कैसे लगेगा।

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इसके अलावा, पीएम मोदी ने विश्व के नेताओं से यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि मानवीय सहायता अफगानिस्तान तक निर्बाध रूप से पहुंचे। मोदी ने कहा, "अगर हम इतिहास में पीछे मुड़कर देखें, तो हम पाएंगे कि मध्य एशिया उदारवादी, प्रगतिशील संस्कृतियों और मूल्यों का केंद्र रहा है।
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