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दुनिया

डेल्टा वैरिएंट सब-लाइनेज को आधिकारिक नाम वीयूआई-01 दिया गया

अभी तक यह साफ़ नहीं हो पाया है कि यह वैरिएंट अधिक गंभीर बीमारी का कारण बनता है या वर्तमान में मौजूदा टीकों को कम प्रभावी बनाता है।

डेल्टा वैरिएंट सब-लाइनेज को आधिकारिक नाम वीयूआई-01 दिया गया (Pixabay)

यूके हेल्थ सिक्योरिटी एजेंसी (यूकेएचएसए) ने पुष्टि की है कि डेल्टा वैरिएंट सब-लाइनेज (डेल्टा एवाई.4.2) को 20 अक्टूबर को वैरिएंट अंडर इन्वेस्टिगेशन (वीयूआई) नामित किया गया था और 21अक्टूबर को इसे आधिकारिक नाम वीयूआई-01 दिया गया है।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, यूकेएचएसए ने कहा कि यह पदनाम इस आधार पर बनाया गया था कि यह हाल के महीनों में देश में सामान्य हो गया है। चेताया जा रहा है की डेल्टा की तुलना में ब्रिटेन में इसकी वृद्धि दर बढ़ सकती है।


20 अक्टूबर तक, इंग्लैंड में इसके 15,120 पुष्ट मामले थे। यहां पहली बार जुलाई में इसका पता चला था।

पिछले सप्ताह सभी मामलों में यह लगभग 6 प्रतिशत था। इंग्लैंड के सभी नौ क्षेत्रों में पूरे जीनोम अनुक्रमण के माध्यम से मामलों की पुष्टि की गई है।

यूकेएचएसए ने कहा कि वह इसकी बारीकी से निगरानी कर रहा है। हालांकि मूल डेल्टा वैरिएंट देश में 'अत्यधिक प्रभावी' है, जो कुल मामलों का लगभग 99.8 प्रतिशत है।

अभी तक यह साफ़ नहीं हो पाया है कि यह वैरिएंट अधिक गंभीर बीमारी का कारण बनता है या वर्तमान में मौजूदा टीकों को कम प्रभावी बनाता है।

Coronavirus Delta Variant , covid 19 यूकेएचएसए ने कहा कि डेल्टा वैरिएंट देश में 'अत्यधिक प्रभावी' है। (Pixabay)

यह भी पढ़ें : भारत ने छुआ वैक्सीनेशन का शतक का आंकड़ा, प्रधानमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ने दी बधाई

यूकेएचएसए के मुख्य कार्यकारी जेनी हैरिस ने कहा, "वायरस अक्सर अपनी मर्जी से फैलते हैं और यह अप्रत्याशित नहीं है कि महामारी के चलते नए वैरिएंट पैदा होते रहेंगे, खासकर जब मामले की दर अधिक रहती है।"

नए आंकड़ों बताते हैं कि ब्रिटेन में 12 वर्ष और उससे अधिक आयु के 86 प्रतिशत से अधिक लोगों को टीके की पहली खुराक मिली है और लगभग 79 प्रतिशत को दोनों खुराक मिल चुकी है। (आईएएनएस)

Input: IANS ; Edited By: Manisha Singh

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Credit- Wikimedia Commons

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