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संस्कृति

गौ संरक्षण खोल रहा है रोजगार के नए दरवाज़े

योगी सरकार के गौ संरक्षण अभियान के चलते अब तक प्रदेश के 11.84 लाख निराश्रित गोवंशों में से अब तक 5 लाख 21 हजार गोवंशों को संरक्षित किया गया है। शहरों में कान्हा गोशाला तथा कान्हा उपवन के नाम से 400 गौ-संरक्षण केंद्र स्थापित किए गए हैं।

योगी सरकार ने अब तक 5 लाख 21 हजार गोवंशों को संरक्षित किया गया है। (सांकेतिक चित्र, Pixabay)

उत्तर प्रदेश (यूपी) में गाय का गोबर रोजगार का जरिया बनता जा रहा है। गोबर सिर्फ उपले, खाद या बॉयोगैस बनाने के ही काम नहीं आता, बल्कि इसी गोबर से रोजमर्रा के लिए उपयोगी कई वस्तुएं भी बन सकती हैं।

योगी सरकार के गौ संरक्षण अभियान के चलते अब तक प्रदेश के 11.84 लाख निराश्रित गोवंशों में से अब तक 5 लाख 21 हजार गोवंशों को संरक्षित किया गया है। सरकार द्वारा 4500 अस्थायी निराश्रित गोवंश आश्रय स्थल संचालित हैं।


ग्रामीण इलाकों में 187 बृहद गौ-संरक्षण केंद्र बनाए गए हैं। शहरी इलाकों में कान्हा गोशाला तथा कान्हा उपवन के नाम से 400 गौ-संरक्षण केंद्र स्थापित किए गए हैं। इसी योजना के तहत यूपी के प्रयागराज जिले स्थित कौड़िहार ब्लॉक के श्रींगवेरपुर के बायोवेद कृषि प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान शोध संस्थान में गोबर से बने उत्पादों को बनाने का प्रशिक्षण दिया जाता है।

यह भी पढ़ें: कामधेनु दीपावली अभियान : गाय के गोबर से बनेगी भगवान गणेश की मूर्ति

यूपी समेत अन्य प्रदेशों के के कई लोग इसका प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं। संस्थान में गोबर की लकड़ी भी बनाई जाती है, जिसे गोकाष्ठ कहते हैं। इसमें लैकमड मिलाया गया है, इससे ये ज्यादा समय तक जलती है। लकड़ी की जगह अब गो-काष्ठ का इस्तेमाल जनपद आगरा की जिला जेल में बंद कैदी अन्य जनपदों के कैदियों के लिए उदाहरण बने हुए हैं।

फिरोजाबाद के स्वर्ग आश्रम में भी इसी गोकाष्ठ का प्रयोग हो रहा है। लोगों की माने तो इस काष्ठ के प्रयोग से जहां दाह संस्कार में खर्च कम होता है वहीं पेड़ों को कटना भी नहीं पड़ता। इस गोकाष्ठ को लकड़ी के बुरादे, बेकार हो चुका भूसा और गाय के गोबर से तैयार किया जाता है।

जनपद उन्नाव के कल्याणी मोहल्ला निवासी किसान व पर्यावरण प्रेमी रमाकांत दुबे ने भी इस ओर पहल की है। रमाकांत दूबे का 75 हजार से एक लाख रुपये लागत वाला प्लांट रोज दो क्विंटल गो-काष्ठ तैयार करता है। इसके लिए गौ आश्रय स्थलों से गोबर खरीदा जाता है, इस आमदनी से गौ आश्रय स्थलों में गौ-सेवा सम्भव होगी।

गाय का गोबर रोज़गार के लिए नया जरिया बनकर सामने आया है। (Pixabay)

राजस्थान से मिली प्रेरणा राजस्थान यात्रा के दौरान रमाकांत ने गो-काष्ठ मशीन देखी और लोगों को गो-काष्ठ इस्तेमाल करते देखा, तो उन्हें अपने जनपद में प्लांट लगाने की प्रेरणा मिली। चार मशीनें लगाने के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री रोजगार योजना के तहत आवेदन किया और उनका गोकाष्ठ का प्लान प्रशासन के सामने रखा, प्रशासन को उनका प्लान अच्छा लगा जिसे त्वरित मंजूरी भी मिल गई।

लकड़ी के धुएं से कार्बन डाईआक्साइड गैस निकलती है जो पर्यावरण व इंसानों के लिए नुकसानदेह है, जबकि गो-काष्ठ जलाने से 40 फीसदी आक्सीजन निकलती है जो पर्यावरण संरक्षण में मददगार होगी। लकड़ी से पांच गुना कम खर्च एक अंत्येष्टि में लगभग 7 से 11 मन यानि पौने तीन से साढ़े चार क्विंटल लकड़ी लगती है। वातावरण की शुद्धता के लिए 200 कंडे भी लगाए जाते हैं। यह एक किलो लकड़ी की कीमत से करीब 60 फीसदी सस्ता है।

बायोवेद शोध संस्थान कई तरह के मूल्यवर्धित वस्तुओं के निर्माण का प्रशिक्षण देकर कई परिवारों को रोजगार के साथ अतिरिक्त आय का साधन उपलब्ध करा रहा है। जानवरों के गोबर, मूत्र में लाख के प्रयोग से कई मूल्यवर्धित वस्तुएं बनाई जा रही हैं। गोबर का गमला, लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति, कलमदान, कूड़ादान, मच्छर भगाने वाली अगरबत्ती, जैव रसायनों का निर्माण, मोमबत्ती एवं अगरबत्ती स्टैंड बन रहे हैं।(आईएएनएस)

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माइक्रोसॉफ्ट गेमिंग के सीईओ फिल स्पेंसर ने एक ट्वीट में कहा कि सोनी प्लेटफॉर्म पर सीओडी का भविष्य है। ( Pixabay )

माइक्रोसॉफ्ट ने आखिरकार शुक्रवार को पुष्टि की कि वह लोकप्रिय गेम कॉल ऑफ ड्यूटी (सीओडी) को सोनी प्लेस्टेशन पर बने रहने की अनुमति देगा, क्योंकि अमेरिकी टेक दिग्गज ने सीओडी निर्माता एक्टिविजन ब्लिजार्ड को 69 बिलियन डॉलर में खरीद लिया था। माइक्रोसॉफ्ट गेमिंग के सीईओ फिल स्पेंसर ने एक ट्वीट में कहा कि सोनी प्लेटफॉर्म पर सीओडी का भविष्य है।

स्पेंसर ने कहा, "सोनी में नेताओं के साथ इस सप्ताह अच्छी बातचीत हुई। मैंने एक्टिविजन ब्लिजार्ड के अधिग्रहण पर सभी मौजूदा समझौतों का सम्मान करने और सोनी प्लेस्टेशन पर कॉल ऑफ ड्यूटी रखने की हमारी इच्छा की पुष्टि की।" उन्होंने कहा, "सोनी हमारे उद्योग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और हम अपने रिश्ते को महत्व देते हैं।"
ऐसी चिंताएं थीं कि सीओडी माइक्रोसॉफ्ट एक्सबॉक्स एक्सक्लूसिव फ्रैंचाइजी बन सकता है।

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उत्तर प्रदेश में ठाकुरों ने योगी आदित्यनाथ के भाजपा सरकार की बागडोर संभालने के साथ जाति के गौरव का अनुभव किया है। ( wikimedia Commons )

लगभग तीन दशकों के बाद, उत्तर प्रदेश में ठाकुरों ने योगी आदित्यनाथ के भाजपा सरकार की बागडोर संभालने के साथ जाति के गौरव का अनुभव किया है। योगी आदित्यनाथ गोरक्ष पीठ के प्रमुख भी हैं, जो एक क्षत्रिय पीठ है, इसका एक अतिरिक्त फायदा है। उत्तर प्रदेश में ठाकुर, एक शक्तिशाली समुदाय होने के बावजूद, जिसका शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में प्रभाव है, 1988 में वीर बहादुर सिंह के शासन के अंत के बाद सत्ता के गलियारों में अपनी आवाज खोजने में विफल रहे हैं। हालांकि राजनाथ सिंह 2000-2002 में मुख्यमंत्री थे, लेकिन उन्होंने अपने कार्यकाल में जानबूझकर जाति के कोण को कम करके आंका था। ठाकुर राज्य की आबादी का केवल 8 प्रतिशत हैं, लेकिन वे लगभग 50 प्रतिशत भूमि के मालिक हैं।

2017 में योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने पर वह बहुत खुश थे। इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि ठाकुर समुदाय के अधिकारियों को अच्छी पोस्टिंग दी गई है, भले ही ब्राह्मण ही मुख्य सचिव जैसे उच्च पदों पर बने हुए हैं। विपक्ष ने योगी सरकार पर ठाकुर के हितों की रक्षा करने और ठाकुर अपराधियों को बचाने का आरोप लगाया है, लेकिन मुख्यमंत्री इसके बारे में अडिग हैं। योगी आदित्यनाथ, जिन्हें अधिकांश ठाकुर सम्मानपूर्वक महाराज के रूप में संबोधित करते हैं, उनको ठाकुर अधिकारों के संरक्षक के रूप में देखा जाता है।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी है दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता ( wikimedia Commons )

अमेरिकी डेटा इंटेलिजेंस फर्म ‘द मॉर्निंग कंसल्ट’ की एक सर्वे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अप्रूवल रेटिंग 71% दर्ज की गई है यह जानकारी 'द मॉर्निंग कंसल्ट' ने अपने ट्विटर हैंडल के जरिए साझा की है। 'द मॉर्निंग कंसल्ट' के सर्वे के मुताबिक अप्रूवल रेटिंग में प्रधानमंत्री मोदी ने अमरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन, ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन समेत दुनिया भर के 13 राष्ट्र प्रमुखों को पीछे छोड़ दिया है।

मॉर्निंग कंसल्ट’ दुनिया भर के टॉप लीडर्स की अप्रूवल रेटिंग ट्रैक करता है। मॉर्निंग कंसल्ट पॉलिटिकल इंटेलिजेंस वर्तमान में ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इटली, जापान, मैक्सिको, दक्षिण कोरिया, स्पेन, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका में नेताओं की रेटिंग पर नज़र रख रही है। रेटिंग पेज को सभी 13 देशों के नवीनतम डेटा के साथ साप्ताहिक रूप से अपडेट किया जाता है।

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