Never miss a story

Get subscribed to our newsletter


×
देश

नक्सल, उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों के लिए CRPF की ‘रक्षिता’

By: रजनीश सिंह स्वदेशी रूप से विकसीत एक बाइक एम्बुलेंस ‘रक्षिता’ सोमवार से नक्सल प्रभावित राज्यों या उग्रवाद प्रभावित पूर्वोत्तर क्षेत्रों के दूरदराज और दुर्गम इलाकों में तैनात सीआरपीएफ कर्मियों के जीवन को बचाएगी। आपातकालीन निकासी की जरूरतों के लिए सावधानी से कस्टम बनाया गया है। ‘रक्षिता’ एक रॉयल एनफील्ड क्लासिक 350सीसी बाइक पर बनाया

By: रजनीश सिंह

स्वदेशी रूप से विकसीत एक बाइक एम्बुलेंस ‘रक्षिता’ सोमवार से नक्सल प्रभावित राज्यों या उग्रवाद प्रभावित पूर्वोत्तर क्षेत्रों के दूरदराज और दुर्गम इलाकों में तैनात सीआरपीएफ कर्मियों के जीवन को बचाएगी।


आपातकालीन निकासी की जरूरतों के लिए सावधानी से कस्टम बनाया गया है। ‘रक्षिता’ एक रॉयल एनफील्ड क्लासिक 350सीसी बाइक पर बनाया गया है।

यह एक त्वरित फिट और कैजुअल्टी निकासी सीट (सीएसई) के साथ आता है, जिसमें ड्राइवर के लिए निगरानी क्षमता और ऑटो चेतावनी प्रणाली के साथ कस्टमाइजिंग डिजाइन रीक्लाइनिंग, हैंड इमोबिलाइजर और हार्नेस जैकेट, फिजियोलॉजिकल पैरामीटर माप उपकरण होते हैं।

सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण मापदंडों, एयर स्प्लिंट मेडिकल और ऑक्सीजन किट, सैलाइन और ऑक्सीजन एडमिनिस्ट्रेशन जैसे महत्वपूर्ण पैरामीटर के लिए डैशबोर्ड माउंटेड एलसीडी आदि विशेषताओं से यह लैस है।

दुर्गम इलाकों में ‘रक्षिता’ बहुत कारगर साबित होगी।(आईएएनएस)

CRPF के उप महानिरीक्षक एम. दिनाकरन ने आईएएनएस को बताया कि ये उपकरण रक्षिता को ऑन स्पॉट मेडिकल केयर और इंजर्ड ट्रांसपोर्च सिस्टम बनाते हैं। जो न केवल स्वदेशी और लागत प्रभावी है, बल्कि संकरी गलियों, भीड़भाड़ और अनचाही सड़कों का पता लगाकर दुर्गम या दूरस्थ स्थानों तक भी पहुंच सकती है, जहां पारंपरिक चार पहिया वाले एंबुलेंस का पहुंचना मुश्किल होता है। बाइक एम्बुलेंस को रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) न्यूक्लियर मेडिसिन एंड अलाइड साइंसेज (इनमास) द्वारा केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के सहयोग से विकसित किया गया है।

यह भी पढ़ें: पढ़िए कैसे एक सेना के जवान ने ब्लड कैंसर के मरीज़ की बचाई जान

इसी तरह की 21 ‘रक्षिता’ बाइक एंबुलेंस को सोमवार को 3.5 लाख बल के सीआरपीएफ में शामिल किया गया। ये बाइक एम्बुलेंस सीआरपीएफ मुख्यालय में CRPF के महानिदेशक ए.पी. माहेश्वरी और ए.के. सिंह, डीएस और डीजी (एलएस), डीआरडीओ की मौजूदगी में लॉन्च किए गए।(आईएएनएस)

Popular

यूपी में आज होने वाली थी यूपी टीईटी की परीक्षा। (Wikimedia Commons)

उत्तर प्रदेश(Uttar Pradesh) के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ(Yogi Adityanath) ने रविवार को घोषणा की कि यूपी टीईटी-2021(UP TET-2021) पेपर-लीक में शामिल लोगों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट(Gangster Act) और एनएसए लगाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने देवरिया में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, जो लोग इस अपराध में शामिल हैं, उन्हें पता होना चाहिए कि उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। उनकी संपत्ति को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम लागू करने के साथ ही जब्त कर लिया जाएगा।

पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया को खराब करने वाले सभी लोगों को चेतावनी का एक नोट भेजते हुए, उन्होंने कहा, यदि कोई युवाओं के जीवन के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश कर रहा है, तो उसे परिणामों के बारे में पता होना चाहिए। चाहे वह नौकरी हो या कोई परीक्षा। अत्यधिक पारदर्शिता बनाए रखी जानी चाहिए।

आदित्यनाथ ने यह भी आश्वासन दिया कि एक महीने के भीतर परीक्षा फिर से पारदर्शी तरीके से आयोजित की जाएगी। किसी भी परीक्षार्थी से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा और सरकार यूपीएसआरटीसी की बसों के माध्यम से उनके मुक्त आवागमन की व्यवस्था करेगी।

Keep Reading Show less

उत्तर प्रदेश में कांग्रेस तीन दशक से सत्ता से बाहर है। (Wikimedia Commons)

उत्तर प्रदेश(Uttar Pradesh) में कांग्रेस(Congress) को अरसा हो गया है सत्ता में आए हुए। लगभग 3 दशक हो गए हैं और अब तक कांग्रेस सत्ता से बाहर है। इसके कई कारण है पर सबसे बड़ा कारण है राज्य में कांग्रेस का गठबंधनों पर निर्भर रहना।

कांग्रेस का गठबंधन(Alliance) का खेल साल 1989 ने शुरू हुआ जब राज्य में वो महज़ 94 सीटें जीत पाई और उसने तुरंत मुलायम सिंह यादव(Mulayam Singh Yadav) के नेतृत्व वाली जनता दल सरकार को समर्थन दे दिया था।

Keep Reading Show less

मोहम्मद खालिद (IANS)

मिलिए झारखंड(Jharkhand) के हजारीबाग निवासी मृतकों के अज्ञात मित्र मोहम्मद खालिद(Mohammad Khalid) से। करीब 20 साल पहले उनकी जिंदगी हमेशा के लिए बदल गई, जब उन्होंने सड़क किनारे एक मृत महिला को देखा। लोग गुजरते रहे लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया।

हजारीबाग में पैथोलॉजी सेंटर चलाने वाले खालिद लाश को क्षत-विक्षत देखकर बेचैन हो गए। उन्होंने एक गाड़ी का प्रबंधन किया, एक कफन खरीदा, मृत शरीर को उठाया और एक श्मशान में ले गए, बिल्कुल अकेले, और उसे एक सम्मानजनक अंतिम संस्कार(Last Rites) दिया। इस घटना ने उन्हें लावारिस शवों का एक अच्छा सामरी बना दिया, और तब से उन्होंने लावारिस शवों को निपटाने के लिए इसे अपने जीवन का एक मिशन बना लिया है।

Keep reading... Show less