Never miss a story

Get subscribed to our newsletter


×
दुनिया

“वर्क फ्रॉम होम” करने वाले लोगों के साथ साइबर अपराध में वृद्धि : रिपोर्ट

एक रिपोर्ट से पता चला कि, कोरोनावायरस महामारी के कारण घर से काम (वर्क फ्रॉम होम) करने वाले ज्यादातर लोगों के साथ साइबर अपराध में वृद्धि हुई है।

लोगों के साथ साइबर (Cyber Crime) अपराध में वृद्धि हुई है। (Pixabay)

कोरोनावायरस (Corona Virus) महामारी के कारण घर से काम (वर्क फ्रॉम होम) (Work From Home) करने वाले ज्यादातर लोगों के साथ साइबर (Cyber Crime) अपराध में वृद्धि हुई है।

गुरुवार को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2021 में दुनिया भर में 5,258 डेटा उल्लंघन दर्ज किए गए, जो पिछले साल की तुलना में अधिक है।


अमेरिका-आधारित वेरिजॉन बिजनेस द्वारा डेटा ब्रीच इन्वेस्टिगेशंस रिपोर्ट (2021 डीबीआईआर) के 14वें संस्करण में कुल 29,207 सुरक्षा संबंधी घटनाओं का विश्लेषण किया गया। इस दौरान 88 देशों, 12 उद्योगों और तीन विश्व क्षेत्रों में फैले पीड़ितों के साथ 83 योगदानकतार्ओं द्वारा एकत्र डेटा का उपयोग किया गया।

रिपोर्ट से पता चला कि अभूतपूर्व रूप से काम करने वाले लोगों की संख्या में क्रमश: फिशिंग और रैंसमवेयर के हमलों में क्रमश: 11 प्रतिशत और 6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि पिछले साल की तुलना में मिसरिप्रजेंटेशन के मामलों में 15 गुना की वृद्धि हुई है।

महामारी के कारण घर से काम (वर्क फ्रॉम होम) (Work From Home)| (Pixabay)

इसके अतिरिक्त डेटा से पता चला है कि 61 प्रतिशत उल्लंघनों में क्रेडेंशियल डेटा शामिल रहे हैं। क्रेडेंशियल स्टफिंग हमलों से पीड़ित लगभग 95 प्रतिशत संगठनों ने वर्ष के दौरान 637 और 3.3 अरब दुर्भावनापूर्ण लॉगिन प्रयासों का सामना किया।

वेरिजॉन बिजनेस के सीईओ टैमी इरविन ने एक बयान में कहा, कोविड-19 महामारी का वर्तमान में कई सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहे संगठनों पर गहरा असर पड़ा है।

यह भी पढ़ें :- क्या आप किसी ऐसे इंसान को डेट करेंगे जिस ने कोविड-19 का टीका नहीं लिया हो?

इरविन ने कहा कि जिस तरह से बिजनेस-क्रिटिकल फंक्शन को क्लाउड पर स्विच करने वाली कंपनियों की संख्या बढ़ती है, उनके संचालन के लिए संभावित खतरा अधिक स्पष्ट हो सकता है, क्योंकि सुरक्षा में सेंधमारी करने वाले हेकर्स मानवीय कमजोरियों का फायदा उठाने और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्च र पर बढ़ती निर्भरता का लाभ उठाते हुए प्रतीत होते हैं। (आईएएनएस-SM)

Popular

प्री-एक्लेमप्सिया गर्भावस्था के 20वें सप्ताह के बाद रक्तचाप में अचानक वृद्धि है। (Unsplash)

एक नए अध्ययन के अनुसार, जो महिलाएं गर्भावस्था के दौरान कोविड संकमित होती हैं, उनमें प्री-एक्लेमप्सिया विकसित होने का काफी अधिक जोखिम होता है। यह बीमारी दुनिया भर में मातृ और शिशु मृत्यु का प्रमुख कारण है। प्री-एक्लेमप्सिया गर्भावस्था के 20वें सप्ताह के बाद रक्तचाप में अचानक वृद्धि है। अमेरिकन जर्नल ऑफ ऑब्सटेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी में प्रकाशित अध्ययन से पता चला है कि गर्भावस्था के दौरान सॉर्स कोव2 संक्रमण वाली महिलाओं में गर्भावस्था के दौरान संक्रमण के बिना प्रीक्लेम्पसिया विकसित होने की संभावना 62 प्रतिशत अधिक होती है।

वेन स्टेट यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन में आणविक प्रसूति और आनुवंशिकी के प्रोफेसर रॉबटरे रोमेरो ने कहा कि यह जुड़ाव सभी पूर्वनिर्धारित उपसमूहों में उल्लेखनीय रूप से सुसंगत था। इसके अलावा, गर्भावस्था के दौरान सॉर्स कोव 2 संक्रमण गंभीर विशेषताओं, एक्लम्पसिया और एचईएलएलपी सिंड्रोम के साथ प्री-एक्लेमप्सिया की बाधाओं में उल्लेखनीय वृद्धि के साथ जुड़ा है। एचईएलएलपी सिंड्रोम गंभीर प्री-एक्लेमप्सिया का एक रूप है जिसमें हेमोलिसिस (लाल रक्त कोशिकाओं का टूटना), ऊंचा लिवर एंजाइम और कम प्लेटलेट काउंट शामिल हैं। टीम ने पिछले 28 अध्ययनों की समीक्षा के बाद अपने निष्कर्ष प्रकाशित किए, जिसमें 790,954 गर्भवती महिलाएं शामिल थीं, जिनमें 15,524 कोविड -19 संक्रमण का निदान किया गया था।

गर्भावस्था के दौरान संक्रमण के बिना प्रीक्लेम्पसिया विकसित होने की संभावना 62 प्रतिशत अधिक होती है। (Unsplash)

Keep Reading Show less
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद।(PIB)

राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने बुधवार को दोहराया कि भारत सामूहिक स्वास्थ्य और आर्थिक कल्याण सुनिश्चित करने के लिए Covid-19 महामारी के खिलाफ एक निर्णायक और समन्वित प्रतिक्रिया देने के वैश्विक प्रयासों में सबसे आगे रहा है। कोविंद ने यह भी कहा कि दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान के तहत भारतीयों को अब तक 80 करोड़ से अधिक खुराक मिल चुकी है।

राष्ट्रपति भवन से एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बुधवार को एक आभासी समारोह में आइसलैंड, गाम्बिया गणराज्य, स्पेन, ब्रुनेई दारुस्सलाम और श्रीलंका के लोकतांत्रिक गणराज्य के राजदूतों/उच्चायुक्तों से परिचय पत्र स्वीकार किए।

अपना परिचय पत्र प्रस्तुत करने वाले राजदूत निम्न हैं : महामहिम गुडनी ब्रैगसन, आइसलैंड के राजदूत, महामहिम मुस्तफा जवारा, गाम्बिया गणराज्य के उच्चायुक्त, महामहिम जोस मारिया रिडाओ डोमिंगुएज, स्पेन के राजदूत, महामहिम दातो अलैहुद्दीन मोहम्मद ताहा, ब्रुनेई दारुस्सलाम के उच्चायुक्त, महामहिम अशोक मिलिंडा मोरागोडा, श्रीलंका के लोकतांत्रिक समाजवादी गणराज्य के उच्चायुक्त।


इस अवसर पर अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने इन सभी राजदूतों को उनकी नियुक्ति पर बधाई दी और उन्हें भारत में एक सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भारत के इन सभी पांच देशों के साथ घनिष्ठ संबंध हैं और भारत इनके साथ शांति, समृद्धि का एक समन्वित दृष्टिकोण साझा करता है।

Keep Reading Show less

देश भर से जमा की गई 2 लाख से अधिक ईंटें। (IANS)

राम भक्तों द्वारा दी गई और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) (Vishwa Hindu Parishad) द्वारा तीन दशक लंबे मंदिर आंदोलन के दौरान देश भर से जमा की गई 2 लाख से अधिक ईंटों का इस्तेमाल अब राम जन्मभूमि स्थल पर भव्य मंदिर का निर्माण के लिए किया जाएगा।

मंदिर ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने कहा, "1989 के 'शिलान्यास' के दौरान कारसेवकों द्वारा राम जन्मभूमि पर एक लाख पत्थर रखे गए थे। कम से कम, 2 लाख पुरानी कार्यशाला में रह गए हैं, जिन्हें अब निर्माण स्थल पर स्थानांतरित कर दिया जाएगा। ईंटों पर भगवान राम का नाम लिखा है और यह करोड़ों भारतीयों की आस्था का प्रमाण है।

Keep reading... Show less