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देश

दिल्ली बना प्रदूषण का घर , हवा खराब स्थिति गंभीर

प्रदूषण के स्तर के बढ़ने के कारण शनिवार की सुबह राष्ट्रीय राजधानी पर विषाक्त धुंध का एक मोटा आवरण नजर आया।

दिल्ली राजधानी पर विषाक्त धुंध का एक मोटा आवरण नजर आया ।(unsplash )

प्रदूषण के स्तर के बढ़ने के कारण शनिवार की सुबह राष्ट्रीय राजधानी पर विषाक्त धुंध का एक मोटा आवरण नजर आया। इसके साथ हवा का स्तर ‘बहुत खराब’ की श्रेणी में रहा और अब यह रात तक ‘गंभीर’ हो जाएगा। दिवाली की पिछली 5 रातों में फोड़े गए पटाखों ने हवा की गुणवत्ता को आपातकालीन स्तरों पर भेज दिया था। गुरुवार को पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने दावा किया था कि पीएम 2.5 (एक घातक प्रदूषक) का स्तर दीवाली के दौरान पटाखे न फोड़े जाने पर पिछले 4 सालों में सबसे कम होने की संभावना है।

इस बीच दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक दोपहर में 378 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा। मंत्रालय के सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (सफर) के अनुसार हवा की ओवरऑल गुणवत्ता खराब हो गई है और ‘बहुत खराब’ श्रेणी के उच्च स्तर पर है।


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शाम तक इसके और बिगड़कर गंभीर श्रेणी में पहुंचने का अनुमान है।इसमें कहा गया है, “एक्यूआई के मध्यम से उच्च तक बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि आज रात तक पीएम 2.5 का स्तर बहुत खराब होने के बाद भी इसके पिछले 4 सालों में दीवाली के समय के स्तर से बेहतर रहने की संभावना है।”

सफर ने अधिकारिक तौर पर एक्यूआई के दिवाली की रात को गंभीर रहने की भविष्यवाणी की है। इसमें अब 16 नवंबर की दोपहर के बाद से सुधार शुरू होने की संभावना है। (आईएएनएस)

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प्रधानमंत्री मोदी ने वाराणसी से आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना की शुरुआत की (twitter)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के दौरे पर थे। जहां से पीएम मोदी ने आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत मिशन की शुरुआत। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में सरकार की कई उपलब्धियों का गुणगान तो किया ही साथ में विपक्ष पर जमकर निशाना भी साधा।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आजादी के बाद के लंबे कालखंड में स्वास्थ्य सुविधाओं पर उतना ध्यान नहीं दिया गया, जितनी देश को जरूरत थी। देश में जिनकी लंबे समय तक सरकारें रहीं, उन्होंने देश के हेल्थकेयर सिस्टम के संपूर्ण विकास के बजाय, उसे सुविधाओं से वंचित रखा। यूपी में जिस तेजी के साथ नए मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं, उसका बहुत अच्छा प्रभाव मेडिकल की सीटों और डॉक्टरों की संख्या पर पड़ेगा। ज्यादा सीटें होने की वजह से अब गरीब माता-पिता का बच्चा भी डॉक्टर बनने का सपना देख सकेगा और उसे पूरा कर सकेगा।

मोदी ने कहा कि जो काम दशकों पहले हो जाने चाहिए, उसे अब किया जा रहा है। हम पिछले सात साल से लगातार सुधार कर रहे हैं। अब बहुत बड़े स्केल पर इस काम को करना है। इस तरह का हेल्थ सिस्टम बनता है तो रोजगार के अवसर भी पैदा होते हैं। यह मिशन आर्थिक आत्मनिर्भरता का भी माध्यम है। स्वास्थ्य सेवा पैसा कमाने का जरिया नहीं है। पहले जनता का पैसा घोटालों में जाता था। आज बड़े बड़े प्रोजेक्ट में पैसा लग रहा है। आजादी के बाद 70 साल में जितने डॉक्टर मेडिकल कॉलेज से पढ़कर निकले हैं उससे ज्यादा अगले दस साल में मिलने जा रहे हैं। जब ज्यादा डॉक्टर होंगे तो गांव गांव में डॉक्टर उपलब्ध होंगे। यही नया भारत है जहां आकांक्षाओं से बढ़ते हुए नए नए काम हो रहे हैं।

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फिशिंग ने काम और व्यक्तिगत ई-मेल से लेकर एसएमएस और सोशल मीडिया तक घुसपैठ कर लिया है। [ Pixabay]

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बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता और कॉमेडीयन परेश रावल(Paresh Rawal) काफी पोपुलर हैं । कॉमेडी शैली की बात करें तो परेश रावल ने हमेशा अपना अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन एक चीज है जिसके वह समर्थन में नहीं हैं और वह है अश्लील कॉमेडी या दूसरों को हंसाने के लिए किसी को नीचा दिखाना। 66 वर्षीय स्टार(Paresh Rawal) ने हिंदी सिनेमा में कॉमेडी की बदली हुई परिभाषा के बारे में भी बात की, आईएएनएस के साथ बातचीत करते हुए कहा ।

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