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देश

विज्ञापनों पर करोड़ों बहाने वाली केजरीवाल सरकार अब केंद्र से मांग रही पैसे, कपिल मिश्रा ने दिखाया आईना

विज्ञापनों पर ज़रूरत से ज़्यादा पैसे बहाए जाने को लेकर सवाल उठते रहे हैं, लेकिन केजरीवाल सरकार, इन सवालों को निरंतर नज़रअंदाज़ करती आई है।

मनीष सीसोदिया, उपमुख्यमंत्री, दिल्ली सरकार(Image Source: Wikimedia Commons)

आज दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सीसोदिया ने एक ट्वीट के ज़रिये जानकारी दी है की उन्होने केन्द्रीय वित्त मंत्री को चिट्ठी लिख कर, दिल्ली सरकार के लिए 5000 करोड़ रुपये की मदद मांगी है। मनीष सीसोदिया का कहना है की कोरोना  के कारण दिल्ली सरकार को मिलने वाले टैक्स में 85 फीसदी की गिरावट आई है, जिसके कारण दिल्ली सरकार आर्थिक मोर्चे पर कमजोर हो गयी है। इसके साथ उन्होने केंद्र पर आरोप भी लगाया है की आपदा राहत कोष में से भी केंद्र ने दिल्ली की कोई मदद नहीं की है। 

इस ट्वीट के जवाब में भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने तुरंत ही एक और ट्वीट कर दिल्ली सरकार द्वारा दिये जाने वाले विज्ञापनों को लेकर फिर से सवाल उठा दिया है। मनीष सीसोदिया के 5000 करोड़ की मांग पर कपिल मिश्रा ने सवाल उठाए हैं, की जब दिल्ली सरकार के पास पैसे नहीं हैं तो विज्ञापनों पर करोड़ों रुपये फूंकने की आखिर ज़रूरत क्या है। 

इससे पहले 29 मई को भी कपिल मिश्रा ने कई अखबारों में छपे दिल्ली सरकार के विज्ञापनों की तस्वीर ट्वीटर पर साझा की थी जिसमे उन्होने आरोप लगाते हुए कहा था की , इन विज्ञापनों के लिए दिल्ली सरकार ने 1 दिन में लगभग 3 करोड़ रुपये फूंके हैं। 

भाजपा नेता कपिल मिश्रा के साथ साथ सोशल मीडिया पर भी अक्सर केजरीवाल सरकार द्वारा दिये जाने वाले विज्ञापनों पर ज़रूरत से ज़्यादा पैसे बहाए जाने को लेकर सवाल उठते रहे हैं, लेकिन केजरीवाल सरकार, इन सवालों को निरंतर नज़रअंदाज़ करती आई है। 

इसे भी पढ़ें: विज्ञापनों पर पानी की तरह पैसे बहा रही केजरीवाल सरकार, कपिल मिश्रा ने लगाया आरोप

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पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने स्लीपर सेल्स के ज़रिये दिल्ली में लगवाई आईईडी- रिपोर्ट (Wikimedia Commons)

एक सूत्र ने कहा कि आरडीएक्स-आधारित इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED), जो 14 जनवरी को पूर्वी दिल्ली के गाजीपुर फूल बाजार में पाया गया था और उसमें "एबीसीडी स्विच" और एक प्रोग्राम करने योग्य टाइमर डिवाइस होने का संदेह था।

कश्मीर और अफगानिस्तान में सक्रिय जिहादी आतंकवादियों द्वारा लगाए गए आईईडी में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किए जाने वाले इन स्विच का पाकिस्तान(Pakistan) सबसे बड़ा निर्माता है। सूत्र ने कहा कि इन फोर-वे स्विच और टाइमर का उपयोग करके विस्फोट का समय कुछ मिनटों से लेकर छह महीने तक के लिए सेट किया जा सकता है।

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दक्षिणी दिल्ली नगर निगम(South Delhi Municipal Corporation) में भाजपा के मुनिरका वार्ड से पार्षद भगत सिंह टोकस ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द(Ramnath Kovind) को एक पत्र लिखकर राष्ट्रपति भवन(Rashtrapati Bhavan) में स्थित मुगल गार्डन का नाम बदल कर पूर्व राष्ट्रपति मिसाइल मैन डाक्टर अब्दुल कलाम वाटिका(Abdul Kalam Vatika) के नाम पर रखने की मांग की है। निगम पार्षद भगत सिंह टोकस ने राष्ट्रपति को भेजे अपने पत्र में लिखा है, मुगल काल में मुगलों द्वारा पूरे भारत में जिस प्रकार से आक्रमण किए गए और देश को लूटा था। वहीं देशभर में मुगल आक्रांताओं के नाम से लोगों में रोष हैं। जिन्होंने भारत की संस्कृति को खत्म करने का प्रयास किया उनको प्रचारित न किया जाए।

rastrapati bhavan, mughal garden राष्ट्रपति भवन स्थित मुगल गार्डन (Wikimedia Commons)

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