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देश

दिल्ली: कोरोना में बेरोजगार हुए युवा, रोजगार बाजार पोर्टल पर ढूंढ रहे हैं नौकरी

लॉकडाउन के दौरान रोजगार बाजार पोर्टल ने व्यवसायों को डिलीवरी और उपभोक्ता सहायता के लिए कर्मचारी रखने में मदद की। जबकि अनलॉकिंग प्रक्रिया के दौरान नौकरियों में फिर से बढ़ोतरी आयी है।

वहीं रोजगार प्रदान करने वाले उद्यमी भी रोजगार की जानकारी इस पोर्टल पर डालते हैं। (सांकेतिक चित्र, Pixabay)

पिछले साल दिल्ली सरकार की ओर से रोजगार बाजार पोर्टल शुरू किया गया था। दिल्ली में विनाशकारी कोविड लहर के बाद अनलॉक प्रक्रिया के दौरान रोजगार बाजार दिल्ली के बेरोजगारों के लिए लाइफलाइन बना हुआ है। रोजगार बाजार में जून में रोजाना लगभग एक हजार नए नौकरी खोजने वालों को पंजीकृत किया गया और 300 नई नौकरियां पोस्ट की गईं। दिल्ली सरकार ने पिछले साल नौकरी खोजने वालों और नियोक्ताओं को जोड़ने के लिए रोजगार बाजार पोर्टल लॉन्च किया था। इस पोर्टल पर रोजगार ढूंढ रहे व्यक्ति अपना पंजीकरण सकते हैं। वहीं रोजगार प्रदान करने वाले उद्यमी भी रोजगार की जानकारी इस पोर्टल पर डालते हैं।

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (Deputy Chief Minister Manish Sisodia) ने कहा कि दिल्ली में कुल 34,212 नौकरी खोजने वालों को पंजीकृत किया गया है। इसके अलावा 1 से 30 जून 2021 के बीच 9,522 नई भर्तियां पोस्ट की गईं। नौकरी चाहने वालों और रोजगार देने वालों के बीच में हर दिन 2500 बार व्हाट्सएप, फोन कॉल और सीधे आवेदन के माध्यम से संपर्क हुआ है। जून में नौकरी चाहने वालों और नियोक्ताओं के बीच कुल मिलाकर 75,000 बार संपर्क हुआ है।


अनलॉकिंग प्रक्रिया के दौरान नौकरियों में फिर से बढ़ोतरी आयी है। रोजगार बाजार सभी वर्गों के लिए वन-स्टॉप पोर्टल साबित हुआ है। (Pixabay)

इसके अलावा लॉकडाउन के दौरान रोजगार बाजार पोर्टल (Delhi Government Job Portal) ने व्यवसायों को डिलीवरी और उपभोक्ता सहायता के लिए कर्मचारी रखने में मदद की। जबकि अनलॉकिंग प्रक्रिया के दौरान नौकरियों में फिर से बढ़ोतरी आयी है। रोजगार बाजार सभी वर्गों के लिए वन-स्टॉप पोर्टल साबित हुआ है। सूक्ष्म व्यवसाय से लेकर, रसोइया, दर्जी, टेक्नीशियन, एमएसएमई लेखाकार, वेब डिजाइनर, सेल्स और मार्केटिंग पर्सन से लेकर अस्पतालों तक में कर्मचारियों को नौकरी देने के लिए दिल्ली सरकार के रोजगार बाजार पर भरोसा जताया है।

यह भी पढ़ें :- युवा व्यवसायों को बढ़ाने के लिए फेसबुक, स्टेलारिस वेंचर पार्टनर्स

उपमुख्यमंत्री के मुताबिक वर्तमान में सबसे अधिक नौकरियां ग्राहक सहायता, डिलीवरी एक्जीक्यूटिव और सेल्स में हैं। रोजगार बाजार पर फुल टाइम जॉब के साथ-साथ पार्ट टाइम और वर्क फ्रॉम होम नौकरी के विकल्प भी उपलब्ध हैं। फ्रेशर्स के लिए लगभग 45 फीसदी पोस्ट उपलब्ध हैं। वहीं पुरूष-महिला के हिसाब से देखें तो कुल 41 फीसदी नौकरी उपलब्ध हैं। जिसमें से पुरुषों के लिए 36 फीसदी और महिलाओं के लिए 23 फीसदी नौकरी उपलब्ध हैं।

दिल्ली के उप मुख्यमंत्री एवं रोजगार मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि सरकार कोरोना महामारी के आर्थिक प्रभाव को लेकर सबसे ज्यादा चिंतित है। इसलिए पिछले साल बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए रोजगार बाजार पोर्टल लॉन्च किया। (आईएएनएस-SM

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डब्ल्यूएचओ यानीं विश्व स्वास्थ्य संगठन का मुख्यालय (wikimedia commons)

पूरी दुनिया एक बार फिर कोरोना वायरस अपना पांव पसार रहा है । डब्ल्यूएचओ यानीं विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि कोरोना वायरस का जो डेल्टा कोविड वैरिएंट संक्रामक वायरस का वर्तमान में प्रमुख प्रकार है, अब यह दुनिया भर में इसका फैलाव हो चूका है । इसकी मौजूदगी 185 देशों में दर्ज की गई है। मंगलवार को अपने साप्ताहिक महामारी विज्ञान अपडेट में वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसी ने कहा, डेल्टा वैरिएंट में अब सेम्पल इकट्ठा करने की डेट जो कि 15 जून -15 सितंबर, 2021 के बीच रहेंगीं । जीआईएसएआईडी, जो एवियन इन्फ्लुएंजा डेटा साझा करने पर वैश्विक पहल के लिए है, एक ओपन-एक्सेस डेटाबेस है।

मारिया वान केरखोव जो विश्व स्वास्थ्य संगठन में कोविड-19 पर तकनीकी के नेतृत्व प्रभारी हैं , उन्होंने डब्ल्यूएचओ सोशल मीडिया लाइव से बातचीत करते हुए कहा कि , वर्तमान में कोरोना के अलग अलग टाइप अल्फा, बीटा और गामा का प्रतिशत एक से भी कम चल रहा है। इसका मतलब यह है कि वास्तव में अब दुनिया भर में कोरोना का डेल्टा वैरिएंट ही चल रहा है।

\u0915\u094b\u0930\u094b\u0928\u093e \u0935\u093e\u092f\u0930\u0938 कोरोना का डेल्टा वैरिएंट हाल के दिनों में दुनियाभर में कहर बरपाया है (pixabay)

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ऑस्ट्रेलिया का नक्शा (Wikimedia Commons)

ऑस्ट्रेलिया की शार्क प्रजातियों पर एक खतरा आ गया है। वहाँ 10 प्रतिशत से अधिक शार्क प्रजाति विलुप्त होने ही वाली है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय पर्यावरण विज्ञान कार्यक्रम (एनईएसपी) समुद्री जैव विविधता हब ने सभी ऑस्ट्रेलियाई शार्क, किरणों और घोस्ट शार्क (चिमेरा) के विलुप्त होने का मूल्यांकन प्रकाशित किया है।


ऑस्ट्रेलिया दुनिया की कार्टिलाजिनस मछली प्रजातियों के एक चौथाई से अधिक का घर है, इसमें 182 शार्क, 132 किरणें और 14 चिमेरे ऑस्ट्रेलियाई जलमार्ग में हैं। पीटर काइन जो चार्ल्स डार्विन विश्वविद्यालय (सीडीयू) के एक वरिष्ठ शोधकर्ता है और रिपोर्ट के प्रमुख लेखक है उन्होंने कहा कि तुरंत कार्रवाई की जरूरत है। पीटर काइन कहा, "ऑस्ट्रेलिया का जोखिम 37 प्रतिशत के वैश्विक स्तर से काफी कम है। यह उन 39 ऑस्ट्रेलियाई प्रजातियों के लिए चिंता का विषय है, जिनके विलुप्त होने का खतरा बढ़ गया है।"

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ब्रिटेन में पढ़ने के लिए राज्य छात्रवृत्ति मिली 6 आदिवासी छात्रों को।(Unsplash)

भारत के झारखंड राज्य में कुछ छात्रों का भविष्य उज्व्वल होने जा रहा है । क्योंकि झारखंड राज्य में छह छात्रों को राज्य के छात्रवृत्ति कार्यक्रम के तहत विदेश में मुफ्त उच्च शिक्षा मिलने जा रही है। राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कल्याण मंत्री चंपई सोरेन राजधानी रांची में गुरुवार कोआयोजित होने वाले एक कार्यक्रम में छात्रवृत्ति योजना मारंग गोमके जयपाल सिंह मुंडा के तहत लाभार्थियों छात्रोंऔर उनके अभिभावकों को सम्मानित करने जा रहे है।

आप को बता दे की यह योजना राज्य सरकार द्वारा यूके और आयरलैंड में उच्च अध्ययन करने हेतु अनुसूचित जनजातियों के छात्रों के लिए शुरू की गई है। छात्रवृत्ति के पुरस्कार प्राप्त करने वाले छात्रों को विविध खर्चो के साथ-साथ ट्यूशन फीस भी पूरी तरह मिलेगी । इस योजना के अनुसार झारखंड राज्य में हर साल अनुसूचित जनजाति से 10 छात्रों का चयन किया जाएगा।

सितंबर में ब्रिटेन के 5 विभिन्न विश्वविद्यालयों में अपना अध्ययन कार्यक्रम शुरू करंगे 6 छात्र जिनको को चुना गया हैं।

अगर बात करे चयनित छात्रों की सूचि के बारे में तो इसमें से हरक्यूलिस सिंह मुंडा जो कि "यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन " के "स्कूल ऑफ ओरिएंटल एंड अफ्रीकन स्टडीज" से एमए करने जा रहे हैं। "मुर्मू यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ लंदन" से छात्र अजितेश आर्किटेक्चर में एमए करने जा रहे हैं। और वंहीआकांक्षा मेरी "लॉफबोरो विश्वविद्यालय" में जलवायु परिवर्तन, विज्ञान और प्रबंधन में एमएससी करेंगी, जबकि दिनेश भगत ससेक्स विश्वविद्यालय में जलवायु परिवर्तन, विकास और नीति में एमएससी करेंगे।

\u0938\u094d\u091f\u0942\u0921\u0947\u0902\u091f विश्वविद्यालय में पढ़ते हुए छात्र (pixabay)

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