Wednesday, November 25, 2020
Home थोड़ा हट के कोरोना की वजह चिड़ियाघर के जानवरों को नसीब हुए चैन के पल

कोरोना की वजह चिड़ियाघर के जानवरों को नसीब हुए चैन के पल

अब सोते हुए जानवरों को बेवजह कोई नहीं जगाता, इस वजह से जानवर अभी चैन से रह रहे हैं। इसका पॉजिटिव इम्पैक्ट हो सकता है- पांडेय

By- मोहम्मद शोएब

कोरोना काल में दिल्ली के चिड़ियाघर में दर्शकों की आवाजाही पर रोक लगी हुई है। लोगों के न आने से चिड़ियाघर के अंदर रह रहे जानवर पूरी तरह चैन की जिंदगी बिता रहे हैं। उनके बर्ताव में भी सकारात्मक बदलाव देखा जा रहा है। वहीं, कर्मचारियों को जानवरों की देखभाल और उनके स्वास्थ्य का ज्यादा ख्याल रखना पड़ रहा है।

चिड़ियाघर के अंदर दर्शकों की एंट्री बंद होने के बाद जनवरों को अब सुबह जल्द ही पिंजड़े से निकलने दिया जाता है। यानी जानवर इस समय प्राकृतिक वातावरण में ज्यादा समय गुजार पा रहे हैं।

दिल्ली चिड़ियाघर के निदेशक रमेश के. पांडेय ने आईएएनएस को बताया, “दर्शकों के प्रवेश की पाबंदी होने की वजह से चिड़ियाघर में इन दिनों शोर-शराबा कम है। अब सोते हुए जानवरों को बेवजह कोई नहीं जगाता। इस वजह से जानवर अभी चैन से रह रहे हैं। इसका पॉजिटिव इम्पैक्ट हो सकता है।”

Zoo in corona
जानवर इस समय प्राकृतिक वातावरण में ज्यादा समय गुजार पा रहे हैं। (सनकेटिक चित्र, Pixabay)

उन्होंने कहा, “हालांकि ये पुख्ता तौर पर साबित कर पाना थोड़ा मुश्किल होगा कि दर्शकों के न आने से जानवरों के बर्ताव में किस तरह का बदलाव आया है। इसका महज अनुमान लगाया जा सकता है।”

पांडेय ने आगे बताया, “चिड़ियाघर को एक समय के अंतराल पर सैनिटाइज किया जा रहा है। चिड़ियाघर का स्टाफ अलग-अलग पैमाने पर जानवरों के लिए काम कर रहा है। जैसे जानवरों का बाड़ा देखना, पानी, खाना, स्वास्थ्य और हाइजीन पर हम इस समय ज्यादा ध्यान दे पा रहे हैं।”

यह भी पढ़ें: झुग्गियों के बच्चे जेएनयू छात्रों से पा रहे शिक्षा

गौरतलब है कि चिड़ियाघर को लॉकडाउन से पहले ही 18 मार्च को आम जनता के लिए बंद कर दिया गया था। वायरस से बचने और रोकथाम के लिए चिड़ियाघर के अंदर मौजूद कर्मचारियों को मुंह पर मास्क लगाना और हाथों में ग्लव्स पहनना जरूरी है।

चिड़ियाघर प्रशासन ने इस समय जानवरों के पिंजड़े खुले छोड़ दिए हैं। बस उनके बाड़ों के गेट पर ताला लगा रहता है, ताकि वे जब चाहे पिंजड़े के अंदर और बाहर घूम सकते हैं।

हाल ही में बूचड़खाने बंद होने की वजह से चिड़ियाघर के अंदर ही एक बूचड़खाना बनाया गया था, जहां से जानवरों के लिए मांस की आपूर्ति की जाती थी। लेकिन पिछले 15 दिनों से पहले की तरह बाहर से ही मांस मंगाया जा रहा है।

Zoo in corona
चिड़ियाघर के जानवरों के लिए बाहर से ही मांस मंगाया जा रहा है। (सांकेतिक चित्र, Pixabay)

इस चिड़ियाघर में करीब 200 कर्मचारी कार्यरत हैं। कोविड-19 महामारी के दौरान चिड़ियाघर के स्टाफ के लिए चुनौतियां बढ़ गई हैं। समूचे चिड़ियाघर को एक निश्चित अंतराल पर सैनिटाइज किया जाता है। कर्मचारियों को मास्क और ग्लव्स पहनने के बाद ही जानवरों के पास जाना होता है। वहीं, जानवरों के घर की सफाई और स्क्रीनिंग भी की जा रही है।

चिड़ियाघर के निदेशक ने आईएएनएस को आगे बताया, “दर्शक न होने की वजह से हम एनिमल वेलफेयर पर आसानी से काम कर पा रहे हैं। बड़े जानवर जैसे हाथी, बाघ, तेंदुआ, जैगुआर इन सभी की रेगुलर स्क्रीनिंग की जा रही है।”

यह भी पढ़ें: क्या बिकरू में विकास दुबे के भूत का साया है?

उन्होंने कहा कि कोरोना काल में सेहत के नजरिये से लोगों की सुरक्षा जितनी जरूरी है, उतना ही जानवरों की सुरक्षा भी महत्वपूर्ण है। इनमें कोरोना के अलावा अन्य बीमारियां भी होती हैं, जिनका हमें ध्यान रखना होता है। ये भी गौर करना जरूरी होता है कि इंसानों या जानवरों की वजह से एक-दूसरे में कहीं कोई संक्रमण न फैले।

Zoo in corona
जानवरों को अन्य बिमारियों से बचाने के लिए पूरी तयारी में है चिड़ियाघर प्रबंधन। (सांकेतिक चित्र, Pixabay)

पांडेय ने बताया कि चिड़ियाघर का स्टाफ सुबह 6 से रात 12 बजे तक काम करता है। चिड़ियाघर के अंदर हर चीज पर नजर रखी जाती है। जिस तरह एक मां अपने बच्चे का ख्याल रखती है, उसी तरह हमें इन जानवरों का ध्यान रखना होता है। हम लोगों के लिए हर दिन एक नई चुनौती होती है।

उन्होंने कहा, “भविष्य में सरकार द्वारा अगर चिड़ियाघर को खोलने का आदेश और दिशा-निर्देश आते हैं तो उनका पालन किया जाएगा। हम कोशिश करेंगे कि ज्यादा से ज्यादा चीजें ऑनलाइन हो सकें। वहीं, हम यह भी ध्यान रखेंगे कि दो कर्मचारियों के बीच उचित दूरी बनी रही ।”

निदेशक के कहा, “चिड़ियाघर का उद्देश्य राजस्व कमाना नहीं, बल्कि लोगों को जानवरों के बारे में शिक्षा देना है। जो बच्चा किताबों में टाइगर की तस्वीर देखता है और जब यहां आकर उसे जीता-जागता देखता है तो उसके बारे में ज्याद जान पाता है।”(आईएएनएस)

POST AUTHOR

न्यूज़ग्राम डेस्क
संवाददाता, न्यूज़ग्राम हिन्दी

जुड़े रहें

6,018FansLike
0FollowersFollow
173FollowersFollow

सबसे लोकप्रिय

धर्म निरपेक्षता के नाम पर हिन्दुओ को सालों से बेवकूफ़ बनाया गया है: मारिया वर्थ

यह आर्टिक्ल मारिया वर्थ के ब्लॉग पर छपे अंग्रेज़ी लेख के मुख्य अंशों का हिन्दी अनुवाद है।

विज्ञापनों पर पानी की तरह पैसे बहा रही केजरीवाल सरकार, कपिल मिश्रा ने लगाया आरोप

पिछले 3 महीनों से भारत, कोरोना के खिलाफ जंग लड़ रहा है। इन बीते तीन महीनों में, हम लगातार राज्य सरकारों की...

गाय के चमड़े को रक्षाबंधन से जोड़ने कि कोशिश में था PETA इंडिया, विरोध होने पर साँप से की लेखक शेफाली वैद्य कि तुलना

आज ट्वीटर पर मचे एक बवाल में PETA इंडिया का हिन्दू घृणा खुल कर सबके सामने आ गया है। ये बात...

भारत का इमरान को करारा जवाब, दिखाया आईना

भारत ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान द्वारा संयुक्त राष्ट्र महासभा में दिए गए भाषण पर आईना दिखाते हुए करारा जवाब दिया...

क्या अमनातुल्लाह खान द्वारा लिया गया ‘दान’, दंगों में खर्च हुए पैसों की रिकवरी थी? बड़ा सवाल!

फरवरी महीने में हुए दिल दहला देने वाले हिन्दू विरोधी दंगों को लेकर दिल्ली पुलिस आक्रमक रूप से लगातार कार्यवाही कर रही...

दिल्ली दंगा करवाने में ‘आप’ पार्षद ताहिर हुसैन ने खर्च किए 1.3 करोड़ रूपए: चार्जशीट

इस साल फरवरी में हुए हिन्दू विरोधी दिल्ली दंगों को लेकर आज दिल्ली पुलिस ने कड़कड़डूमा कोर्ट में चार्ज शीट दाखिल किया।...

जब इन्दिरा गांधी ने प्रोटोकॉल तोड़ मुग़ल आक्रमणकारी बाबर को दी थी श्रद्धांजलि

ये बात तब की है जब इन्दिरा गांधी भारत की प्रधानमंत्री हुआ करती थी। वर्ष 1969 में इन्दिरा गांधी काबुल, अफ़ग़ानिस्तान के...

रियाज़ नाइकू को ‘शिक्षक’ बताने वाले मीडिया संस्थानो के ‘आतंकी सोच’ का पूरा सच

कौन है रियाज़ नायकू? कश्मीर के आतंकवादी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन का आतंकी कमांडर बुरहान वाणी 2016 में ...

हाल की टिप्पणी