दिल्ली उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने की राजस्व विभाग एवं अन्य अधिकारियों के साथ बैठक

दिल्ली के उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना ने राजस्व विभाग के कामकाज की समीक्षा के लिए बैठक की, जिसकी उन्होंने अध्यक्षता की।
दिल्ली उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने की राजस्व विभाग एवं अन्य अधिकारियों के साथ बैठक
दिल्ली उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने की राजस्व विभाग एवं अन्य अधिकारियों के साथ बैठकV.K Saxena (IANS)

दिल्ली के उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना ने राजस्व विभाग के कामकाज की समीक्षा के लिए बैठक की, जिसकी उन्होंने अध्यक्षता की। राजस्व विभाग दिल्ली के राजस्व संबंधी प्रशासन एवं भूमि संबंधी मामलों जैसे- भूमि रिकार्ड का रखरखाव, अधिग्रहण, रजिस्ट्रेशन, बिक्री आदि का कार्य करता है जो कि सीधेतौर पर दिल्ली विकास प्राधिकरण एवं दिल्ली नगर निगम से भी संबंधित हैं।

विभाग के कामकाज का DDA और MCD की नीतियों और कार्य पर सीधा असर पड़ता है। यह विभाग आपदा तथा अन्य अवसरों पर शहरवासियों को बुनियादी राहत एवं सेवाएं प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जिसमें अंतर एवं बाह्य विभागीय समन्वय की आवश्यकता होती है।

बैठक में विभाग के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा के दौरान उन्होंने अधिकारीयों निर्देश जारी किये हैं। बैठक में मुख्य सचिव, प्रधान सचिव (राजस्व)-सह मंडल आयुक्त, सभी जिलों के जिलाधिकारी एवं डीडीएमए के विशेष मुख्य कार्यकारी अधिकारी उपस्थित रहे।

इस बैठक में जारी निर्देशों के मुताबिक, विभाग को लैंड पूलिंग नीति के कार्यान्वयन के लिए एसओपी पर जल्द ही कानूनी राय लेने और 3 दिनों के भीतर की गई कार्रवाई से अवगत कराने और एक महीने के अंदर डीडीए के साथ 142 लंबित भूमि अधिग्रहण मामलों का समाधान किया जाए।

जमीन बिक्री, पंजीकरण, हस्तांतरण और म्यूटेशन के कार्यों में धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार के मामले सामने आने के परिप्रेक्ष्य में उपराज्यपाल ने विभाग को डिमार्केशन के लिए आवेदनों की आनलाईन प्रोसेस को एक महीने के अंदर चालू करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने शत्रु, ग्राम सभा और अधिग्रहित भूमि का विवरण, दिल्ली आनलाईन पंजीकरण सूचना प्रणाली भूमि पर 'निषिद्ध भूमि' के अंतर्गत जोड़ने के निर्देश दिये ताकि इसका अवैध लेन-देन रोका जा सके।

विभाग को दिल्ली आनलाईन पंजीकरण सूचना प्रणाली एवं म्यूटेशन साफ्टवेयर को जोड़ेन के निर्देश दिए गए हैं ताकि रजिस्ट्रेशन संबंधी कोई भी लेनदेन स्वत: अपडेट हो सके।

वहीं शहरीकृत गांवों में चकबंदी की कार्यवाही की कानूनी वैधता की जांच कर इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई की जाने के भी निर्देश दिए हैं।

इसके साथ ही विभाग को रेट में रीविजन तथा इसके लिए गठित विभिन्न कार्य समूहों की रिपोर्ट के साथ एक विस्तृत प्रजेंटेशन उपराज्यपाल के समक्ष प्रस्तुत करने को कहा गया है।

राजस्व विभाग को जलाशयों के पुनरूद्धार और उससे संबंधित कार्य योजना और कार्यान्वयन के लिए एक समयबद्ध खाका तैयार करने का निर्देश दिया गया है जिसकी निगरानी संबंधित जिलाधिकारी द्वारा नियमित रूप से की जाएगी।

उपराज्यपाल ने विभाग को शालीमार बाग में विकसित किए जा रहे एककृत कमांड एवं नियंत्रण केंद्र की स्थापना में तेजी लाने के लिए कहा और साथ ही इस दौरान विभिन्न विभागों के सभी नियंत्रण कक्षों को एनडीएमसी के नियंत्रण कक्ष में स्थानांतरित करने की संभावना तलाशने की सलाह भी दी।

उन्होंने आगे कोविड-19 पीड़ितों के परिवारों को अनुग्रह राशि के भुगतान के लंबित दावों को 15 दिनों के भीतर त्वरित निपटारे के निर्देश दिए हैं।

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बैठक में उपराज्यपाल ने दिल्ली में हजारों बोरवेल सील किए जाने वाले आदेश की चर्चा करते हुए निर्देश दिये कि राजस्व विभाग केंद्रीय भूजल बोर्ड द्वारा तैयार किए गए दिल्ली के भूजलीय नक्शे का अध्ययन करे और इसके आधार पर बोरवेल संबंधी वैज्ञानिक और तर्कसंगत नीति तैयार करे।

ऐसे क्षेत्र जहां भूजल स्तर अधिक है वहां पिट होल बनाकर भूजल का रिचार्ज करने की व्यवस्था की जाए और बोरवेल चालू करने की अनुमति दी जाए, ताकि शहर की पानी की आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ पर्यावरण अनुकूल तरीके से भूजल का संरक्षण एवं उसमें बढ़ोत्तरी भी सुनिश्चित की जा सके।

(आईएएनएस/AV)

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