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जो लोग हो चुके है कोविड संक्रमित उनके लिए काल है ओमिक्रॉन!

दक्षिण अफ्रीका में शोधकर्ताओं के एक दल ने कहा कि उन्हें कुछ सबूत मिले हैं कि जो लोग एक बार कोविड से संक्रमित हो गए थे, उनकी बीटा या डेल्टा वैरिएंट की तुलना में ओमिक्रॉन वैरिएंट से दोबारा संक्रमित होने की संभावना अधिक है।


जो लोग हो चुके है कोविड संक्रमित उनके लिए काल है ओमिक्रॉन! [File Photo]

सीएनएन(CNN) की एक रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण अफ्रीका में शोधकर्ताओं के एक दल ने शोध किया है। उन्होने कहा है कि उन्हें कुछ सबूत मिले हैं कि जो लोग एक बार कोविड(Covid 19) से संक्रमित हो गए थे, उनकी बीटा(Beta) या डेल्टा वैरिएंट (delta variant)की तुलना में ओमिक्रॉन वैरिएंट(Omicron Variant) से दोबारा संक्रमित होने की संभावना अधिक है। साथ ही साथ यह भी कहा गया है कि अभी इतनी जल्दी निश्चित रूप से इस बारे में कुछ कहना तो जल्दबाजी होगी, मगर हाल ही में दूसरी बार के संक्रमण में वृद्धि ने उन्हें संकेत दिया है कि ओमिक्रॉन में लोगों को फिर से संक्रमित करने की अधिक संभावना है। दक्षिण अफ्रीका में शोधकर्ताओं के एक दल ने कहा कि

अपको बता दें, ओमिक्रॉन(Omicron Variant) की पहचान हाल ही में नवंबर महीने में की गई थी, लेकिन इसने विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और अन्य वैश्विक स्वास्थ्य अधिकारियों को चिंतित कर दिया है, जिन्होंने इसके कई म्यूटेंट बनने के कारण इसे खतरनाक बताया है। इसके बारे में बताया जा रहा है कि यह अन्य वैरिएंट की तुलना में अधिक संक्रामक तो है ही, साथ ही इसमें प्रतिरक्षा प्रणाली से बचने की क्षमता भी है।


Covid-19 Vaccine , Corona , Omicron कुछ विशेषज्ञ मान रहे हैं कि वैक्सीन की खुराक का भी ओमिक्रोन पर कोई खास प्रभाव नही हैं! [Pixabay]

इसके बारे में संदेह जताया जा रहा है कि वैक्सीन(Vaccine) की खुराक का भी इस पर(Omicron Variant) कोई खास प्रभाव नहीं पड़ने वाला है। हालांकि कई विशेषज्ञ इस बात पर विश्वास नहीं जा रहे हैं और उनका कहना है कि वैक्सीन किसी भी वैरिएंट(Variant) से कुछ सुरक्षा तो जरूर प्रदान करेगी। नए वैरिएंट को 'वैरिएंट ऑफ कंसर्न'(variant of concern) यानी चिंताजनक श्रेणी का बताया गया है।

स्टेलनबोश यूनिवर्सिटी के जूलियट पुलियम(Juliet Pulliam) ने कहा, "पिछले वैरिएंट के साथ हमारी अपेक्षाओं और अनुभव के विपरीत, अब हम पुन: संक्रमण के जोखिम में वृद्धि का अनुभव कर रहे हैं, जो हमारे पिछले अनुभव से अधिक है।" पुलियम और उनके सहयोगियों ने महामारी की शुरूआत के बाद से दक्षिण अफ्रीका में 27 लाख लोगों को कवर करते हुए संक्रमणों की रिपोर्ट को देखा है, जिसमें 35,000 से अधिक लोग कोविड-19 संक्रमण से एक से अधिक संक्रमित हुए हैं। पॉजिटिव टेस्ट वाले 27 लाख लोगों में से 35,670 संदिग्ध पुन: संक्रमित पाए गए।

एक प्रीप्रिंट में ऑनलाइन पोस्ट की गई अपनी रिपोर्ट में शोधकर्ताओं ने कहा है, "हमने कम से कम दो बार संक्रमित होने वाले 35,670 संदिग्ध मामलों की पहचान की (27 नवंबर 2021 तक), 332 व्यक्तियों में तीन बार संक्रमण और एक व्यक्ति में चार बार संदिग्ध संक्रमण की पुष्टि हुई है।" उन्होंने कहा, "जिन व्यक्तियों में एक से अधिक पुन: संक्रमण हुआ है, उनमें से 47 (14.2 प्रतिशत) ने नवंबर 2021 में अपने तीसरे संक्रमण का अनुभव किया, जो बताता है कि कई तीसरे संक्रमण मामले ओमिक्रॉन वैरिएंट से जुड़े हैं।"

वे मान रहे हैं कि दक्षिण अफ्रीका में मामलों में हालिया तेजी ओमिक्रॉन(Omicron Variant) के प्रसार को दर्शाती है, न कि कुछ अन्य कारक जैसे कि कमजोर प्रतिरक्षा। जिन लोगों के मामलों का वे वर्णन करते हैं उनमें वायरस अनुक्रमित या सीक्वेंस्ड नहीं हुआ है, इसलिए यह निश्चित नहीं है कि वे वास्तव में ओमिक्रॉन वैरिएंट(Omicron Variant) से संक्रमित थे या नहीं।

यह भी पढ़े - ओमिक्रॉन को देखते हुए हुआ लॉकडाउन तो पड़ेगा महंगा-डब्ल्यूएचओ

हालांकि, अधिकारियों ने कहा है कि ओमिक्रॉन वैरिएंट(Omicron Variant) अब दक्षिण अफ्रीका में प्रमुख कोरोनावायरस(corona virus) स्ट्रेन है, जो नवंबर में आनुवंशिक रूप से सीक्वेंस्ड 74 प्रतिशत नमूनों के लिए जिम्मेदार है। वैरिएंट की वास्तविक व्यापकता को निर्धारित करने के लिए अधिक संख्या में सीक्वेंसिंग चल रही है।

input : आईएएनएस ; Edited by Lakshya Gupta

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हालांकि इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी (PM Narendra Modi) ने कोविड महामारी के कारण कानूनी अभिभावक या दत्तक माता-पिता दोनों को खो चुके बच्चों का समर्थन करने के लिए पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन (PM Cares For Children) योजना की घोषणा की थी। फिलहाल पोर्टल (Portal) के सम्बंध में महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी (Smriti Irani) ने जानकारी दी है कि अब तक 5491 आवेदन आ चुके हैं, जिनमें से 3049 आवेदनों को उचित प्रक्रिया के बाद जिलाधिकारियों द्वारा अनुमोदित किया गया है और 483 आवेदन अनुमोदन के लिए लंबित हैं।

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केंद्रीय पर्यटन और संस्कृति मंत्री जी. किशन रेड्डी (G.Kishan Reddy) ने शनिवार को कहा कि भले ही गोवा (Goa) में कोविड (Covid-19) की तीसरी लहर आए या ना आए, लोगों को पर्यटन स्थलों (Tourist places) की यात्रा करनी चाहिए और आवश्यक कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए बैठकों और समारोहों में भाग लेना चाहिए। यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए रेड्डी ने यह भी कहा कि कोविड के ओमिक्रॉन वैरिएंट का प्रसार, भारत में अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों की आवाजाही के लिए एक बाधा साबित हो सकता है।

रेड्डी ने मीडियाकर्मियों से कहा, "न केवल भारत में, बल्कि दुनिया भर में पर्यटन क्षेत्र प्रभावित हुआ है। घरेलू पर्यटन अब बढ़ रहा है और लोग बड़ी संख्या में गंतव्यों की यात्रा कर रहे हैं। लेकिन आज, तीसरी लहर के बारे में बहस चल रही है।"

उन्होंने (G.Kishan Reddy) कहा, "लेकिन मैं लोगों से आग्रह करता हूं, चाहे तीसरी लहर आए या न आए, सभी को कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करना चाहिए और पर्यटन स्थलों की यात्रा करनी चाहिए। राज्य सरकारों ने भी प्रोटोकॉल का पालन करने के संबंध में अपने निर्णय लिए हैं।"

गोवा के लिए चार्टर पर्यटन उड़ानों के तत्काल भविष्य पर टिप्पणी करते हुए, (जिसे हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा अनुमति दी गई थी) रेड्डी ने कहा कि विश्व स्तर पर ओमिक्रॉन का बढ़ता प्रसार एक निराशाजनक साबित हो सकता है।

उन्होंने (G.Kishan Reddy) यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि अंतर्राष्ट्रीय क्रूज पर्यटन को एक मिशन मोड पर आगे बढ़ाया जाना चाहिए और कहा कि उनका मंत्रालय प्रधानमंत्री के एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए केंद्रीय जहाजरानी मंत्रालय के साथ काम कर रहा है।

उन्होंने कहा, "क्रूज पर्यटन सागरमाला पहल का एक हिस्सा है। हमारा जहाजरानी मंत्रालय इसे प्रोत्साहित कर रहा है। आने वाले दिनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशों के अनुसार क्रूज पर्यटन विकास को एक मिशन मोड पर लिया जाएगा।"

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