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देश

पर्यटन ने लगभग 228 मिलियन नौकरियां दी : जी. किशन रेड्डी

पर्यटन मंत्री जी. किशन रेड्डी के अनुसार फिलहाल देश के कुल रोजगार में पर्यटन क्षेत्र का योगदान लगभग 15 फीसदी है।

जी. किशन रेड्डी, पर्यटन मंत्री [Wikimedia Commons]

कोरोना महामारी के दौरान जहां लोग बेरोजगार हो रहे हैं , ऐसे समय में देश में रोजगार के नए अवसर दे रहा पर्यटन मंत्रालय। पर्यटन मंत्री जी. किशन रेड्डी (G. Kishan Reddy) के अनुसार फिलहाल देश में पर्यटन क्षेत्र का योगदान लगभग 15 फीसदी है।

पर्यटन मंत्री जी. किशन रेड्डी (G. Kishan Reddy) ने कहा, साल 2017-18, 2018-19 और 2019-20 के लिए तीसरे पर्यटन उग्रह खाते (टीएसए) के अनुसार देश के कुल रोजगार में पर्यटन क्षेत्र का योगदान लगभग 15 फीसदी है। पर्यटन के कारण लगभग 228 मिलियन नौकरियां प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों तरह से देश के लोगों ने हासिल की।


पर्यटन मंत्रालय (Ministry of Tourism) ने अपनी स्वदेश दर्शन योजना के तहत चिन्हित विषयों के आधार पर 76 परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जिसमें ग्रामीण थीम पर आधारित 2 परियोजनाएं शामिल हैं। पर्यटन की पहचान, संवर्धन और विकास मुख्य रूप से राज्य सरकार की जिम्मेदारी है।


अनुमान के अनुसार, तीसरे पर्यटन उपग्रह खाते (टीएसए) के बाद के साल 2017-18, 2018-19 और 2019-20 के लिए, देश के कुल रोजगार में पर्यटन का योगदान क्रमश: 14.78 प्रतिशत, 14.78 फीसदी और 15.34 प्रतिशत रहा।

मंत्रालय की ओर से यह जानकारी राष्ट्रीय लेखा सांख्यिकी (एनएएस) 2021, आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस) में उपलब्ध कराई गई है।


पर्यटन मंत्रालय पिछड़े क्षेत्रों में स्थित पर्यटन स्थलों सहित विभिन्न पर्यटन स्थलों का समग्र प्रचार करता है। विभिन्न गतिविधियों में घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में अभियान जारी करना, पर्यटन संबंधी कार्यक्रमों के माध्यम से प्रचार, व्यापार शो में भागीदारी, वेबिनार, टूर ऑपरेटरों और अन्य हितधारकों को समर्थन आदि शामिल हैं।
यह भी पढ़ें : उत्तर प्रदेश के बागपत में मिले 12वीं शताब्दी के प्राचीन सिक्के
गौरतलब है कि पर्यटन मंत्रालय ने पर्यटन क्षेत्र में कौशल विकास के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया है, ताकि पर्यटकों को अनिवार्य रूप से विश्व स्तरीय सेवाएं प्रदान करने के लिए अच्छी तरह से प्रशिक्षित और पेशेवर पर्यटक सुविधाप्रदाताओं का एक पूल बनाया जा सके, घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में गंतव्य के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए प्रचार किया जा सके। साथ ही रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकें। (आईएएनएस)

Input: IANS ; Edited By: Manisha Singh

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