Never miss a story

Get subscribed to our newsletter


×
स्वास्थ्य

बहती नाक और गले में खराश से सच में कोरोना हो सकता है- अध्ययन

हाल ही में हुए एक अध्ययन के बाद पता चला है की पूर्ण टीकाकरण करा चुके व्यक्तियों में से एक तिहाई लोग जिन्हे सर्दी-ज़ुखाम जैसे लक्षण थे , वे सच कोविड-19 से संक्रमित हो सकते हैं।

एक अध्ययन में पता चला की सर्दी-ज़ुखाम वाले व्यक्तियों को भी कोरोना हो सकता है। (Pixabay)

हाल ही में हुए एक अध्ययन(Study) के बाद पता चला है की पूर्ण टीकाकरण करा चुके व्यक्तियों में से एक तिहाई लोग जिन्हे सर्दी-ज़ुखाम जैसे लक्षण थे , वे सच कोविड-19(Covid-19) से संक्रमित हो सकते हैं। एक समाचार वेबसाइट ने बताया की किंग्स कॉलेज लंदन के प्रोफेसर टीम स्पेक्टर के मुताबिक, सर्दी, गले में खराश या नाक बहने जैसे लक्षण वाले व्यक्तियों को खुद को तब तक आइसोलेट कर लेना चाहिए जब तक उनके अंदर नेगेटिव लक्षण न दिखने लगें।

उन्होंने बताया की लोगों को नाक की गंध चले जाना, खांसी और जुखाम का इंतज़ार नहीं करना चाहिए। स्पेक्टर ने आगे कहा की हमने अध्ययन के बाद पाया है की 4 लोग जिन्हे सर्दी-जुखाम के लक्षण थे उनमे से 1 व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव पाया गया।


उन्होंने एक ब्रिटिश रेडियो एजेंसी को बताया कि यूके को इस बारे में जागरूक होना चाहिए कि हम किसका परीक्षण कर रहे हैं, और 'ठंड जैसे लक्षणों वाले लोगों को आइसोलेट करना चाहिए।

covid-19, sour throat can cause corona इस अध्ययन के बाद अब हमें कोरोना से और सावधान हो जाने की ज़रूरत है।


प्रोफेसर स्पेक्टर ने कहा कि ओमिक्रोन के प्रसार को रोकने के लिए लोगों को कुछ दिनों के लिए घर पर रहना चाहिए, अगर उनमें सर्दी के कोई लक्षण दिखाई देते हैं।

उन्होंने कहा, "इसलिए हमें ऐसे लोगों को वास्तव में लोगों को कार्यालय में नहीं आने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए, अगर वे अस्वस्थ महसूस कर रहे हैं तो वह क्रिसमस पार्टी में न जाएं। एक टेस्ट करवाएं और फिर, जब लक्षण कम हो जाएं, तो वे बाहर आ सकते हैं।"

रिपोर्ट में कहा गया है कि वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि ओमिक्रॉन अधिक गंभीर लक्षण पैदा नहीं करेगा और टीकों द्वारा प्रदान की जाने वाली टी-सेल प्रतिरक्षा गंभीर बीमारी को रोक देगी। टी-कोशिकाएं एक प्रकार की श्वेत रक्त कोशिकाएं हैं जो कोविड को मारती हैं।

यह भी पढ़ें-
नरेंद्र मोदी का बिना नाम लिए सपा पर हमला, कहा- आज के समय में लाल टोपी का मतलब सिर्फ लाल बत्ती है

हालांकि, इसमें कुछ सप्ताह का समय लग सकता है क्योंकि यह देखने के लिए परीक्षण चल रहे हैं कि ओमिक्रॉन ने टीकों से प्रतिरक्षा को कितनी अच्छी तरह विकसित किया है।

Input-IANS; Edited By- Saksham Nagar

न्यूज़ग्राम के साथ Facebook, Twitter और Instagram पर भी जुड़ें

Popular

'संभावित रूप से हानिकारक' कंटेंट की विजिबिलिटी को कम करेगा इंस्टाग्राम (Wikimedia Commons)

मेटा(Meta) के स्वामित्व वाला फोटो-शेयरिंग प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम (Instagram) अपने ऐप में 'संभावित रूप से हानिकारक' कंटेंट को कम दिखाई देने के लिए नए कदम उठा रहा है। एनगैजेट की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने कहा कि यूजर्स के फीड और स्टोरीज में पोस्ट करने के तरीके को सशक्त करने वाला एल्गोरिदम अब ऐसे कंटेंट को प्राथमिकता देगा, जिसमें 'बदमाशी, अभद्र भाषा या हिंसा भड़काने वाली सामग्री हो सकती है।'

इंस्टाग्राम के नियम पहले से ही इस प्रकार की अधिकांश सामग्री को प्रतिबंधित करते हैं, जबकि परिवर्तन सीमा रेखा पोस्ट या कंटेंट को प्रभावित कर सकता है जो अभी तक ऐप के मॉडरेटर तक नहीं पहुंची है। कंपनी ने एक अपडेट में बताया, "यह समझने के लिए कि क्या कोई चीज हमारे नियमों को तोड़ सकती है, हम चीजों को देखेंगे जैसे कि कैप्शन एक कैप्शन के समान है जो पहले हमारे नियमों को तोड़ता था।"

Keep Reading Show less

सरकार ने यह करके बिल्कुल सही कदम उठाया है, अमर जवान ज्योति अस्थाई थी: जेबीएस यादव (Wikimedia Commons)

दिल्ली इंडिया गेट पर जलने वाली अमर जवान ज्योति का नेशनल वॉर मेमोरियल में विलय हो गया, सरकार के इस फैसले को डेप्युटी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ से 2005 में रिटायर्ड हुए लेफ्टिनेंट जनरल जेबीएस यादव ने इसे बिल्कुल सही ठहराया है। दरअसल इंडिया गेट पर पिछले 50 साल से अमर जवान ज्योति जल रही है। वहीं 25 फरवरी, 2019 को नेशनल वॉर मेमोरियल में अमर जवान ज्योति प्रज्वलित की गई थी।

साल 1971 का भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान सिलीगुड़ी कॉरिडोर पर हिंदुस्तानी सेना को कमांड कर रहे, लेफ्टिनेंट जनरल जेबीएस यादव ने आईएएनएस को बताया कि, सरकार ने यह करके बिल्कुल सही कदम उठाया है, अमर जवान ज्योति अस्थाई थी। उस वक्त हमारे पास नेशनल वॉर मेमोरियल नहीं था और अंग्रेजों का बना हुआ था। फिर इसमें बदलाव करके अमर जवान ज्योति लगाई गई थी।

Keep Reading Show less

नेताजी भारतीय लोगों के दिलों में थे, हैं और आगे भी रहेंगे। ( Wikimedia Commons )

नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती समारोह पराक्रम दिवस के अंग के तौर पर आयोजित एक वेबिनार में जर्मनी से शामिल हुईं नेताजी सुभाष चंद्र बोस की बेटी डॉ. अनीता बोस फाफ ने कहा कि नेताजी के पास भारत की वित्तीय और आर्थिक मजबूती के लिए एक विजन था और भारत को आजादी मिलने से पहले ही उन्होंने एक योजना आयोग का गठन कर लिया था।

जर्मनी से इस वेबिनार को संबोधित करते हुए डॉ. अनीता बोस फाफ ने कहा कि नेताजी भारतीय लोगों के दिलों में थे, हैं और आगे भी रहेंगे। उन्होंने कहा कि हालांकि उनके पिता एक धर्मनिष्ठ हिंदू थे लेकिन उनके मन में सभी धर्मों के लिए सम्मान था। उनके पिता ने एक ऐसे भारत की कल्पना की थी जहां सभी धर्म के लोग शांतिपूर्वक सह-अस्तित्व में रहते हों। उन्होंने कहा कि नेताजी लैंगिक समानता के हिमायती थे। उनका दृष्टिकोण एक ऐसे राष्ट्र का निर्माण करना था जहां पुरुषों और महिलाओं को न केवल समान अधिकार हों, बल्कि वे समान कर्तव्यों का पालन भी कर सकें।

Keep reading... Show less