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इस साल की दूसरी तिमाही में भारत ने तेज़ी से चढ़ी "विकास की सीढ़ी", 8.4 फीसद रही विकास दर

इस वित्त वर्ष में जुलाई से सितंबर के बीच दूसरी तिमाही में देश की आर्थिक विकास दर 8.4 फीसदी रही।

साल 2020-21 की इसी दूसरी तिमाही में जीडीपी - 7.5 फीसदी थी। (Pixabay)

इस वित्त वर्ष(Financial Year) में जुलाई से सितंबर के बीच दूसरी तिमाही में देश की आर्थिक विकास दर(Gross Domestic Product) 8.4 फीसदी रही। जबकि पहली तिमाही में जीडीपी 20.1 फीसदी थी। वहीं, साल 2020-21 की इसी दूसरी तिमाही में जीडीपी - 7.5 फीसदी थी। सांख्यिकी कार्यालय ने ये आंकड़े जारी किए हैं।


सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय(Ministry of Statistics and Program Implementation) की ओर से कहा गया है कि वित्त वर्ष 2021-22 की दूसरी तिमाही में जीडीपी 35.73 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो पिछले साल की समान तिमाही में 32.97 लाख करोड़ रुपये थी।


एनएसओ की ओर से जारी आंकड़ों में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2021-22 की दूसरी तिमाही में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की ग्रॉस वैल्यू एडेड ग्रोथ 5.5 फीसदी रही. पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में इसमें -1.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी। कृषि क्षेत्र की जीवीए वृद्धि पिछले वर्ष की समान तिमाही में 3.0 प्रतिशत की तुलना में 4.5 प्रतिशत रही।

real estate sector, manufacturing sector, gdp कोरोना के प्रतिबन्ध हटने के बाद यह आंकड़े राहत देने वाले हैं। (Pixabay)

7.5 प्रतिशत की जीवीए वृद्धि निर्माण क्षेत्र में थी। पिछले साल अप्रैल-जुलाई तिमाही के दौरान यह -7.2 फीसदी रही थी। खनन क्षेत्र ने 15.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। इस तिमाही में बिजली, गैस, जलापूर्ति और अन्य उपयोगी सेवाओं में 8.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। पिछले साल इसी अवधि में 2.3 फीसदी की वृद्धि दर दर्ज की गई थी।

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इसी तरह व्यापार, होटल, परिवहन, संचार और प्रसारण से जुड़ी सेवाओं में 8.2 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई। इसी तरह, वित्तीय, रियल एस्टेट और पेशेवर सेवाओं में 7.2 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई।

Input-IANS ; Edited By- Saksham Nagar

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