Never miss a story

Get subscribed to our newsletter


×
देश

भारत की कुल प्रजनन दर घटकर 2 प्रतिशत हुई

सर्वेक्षण से पता चला की मध्य प्रदेश, राजस्थान, झारखंड और उत्तर प्रदेश को छोड़कर सभी चरण 2 राज्यों ने प्रजनन क्षमता का प्रतिस्थापन स्तर (2.1) हासिल कर लिया है।

भारत में प्रजनन दर घटकर 2 प्रतिशत रह गई है। (Pixabay)

भारत में राष्ट्रीय स्तर पर प्रजनन दर यानी टोटल फर्टिलिटी(Total Fertility Rate) रेट 2.2 प्रतिशत से घटकर 2 प्रतिशत रह गई है और तो और चंडीगढ़ में यह आंकड़ा 1.4 है जबकि उत्तर प्रदेश(Uttar Pradesh) में 2.4 प्रतिशत। स्वास्थ्य मंत्रालय(Health Ministry) द्वारा किये गए सर्वेक्षण में यह जानकारी सामने आई। निति आयोग(Niti Aayog) के सदस्य (स्वास्थ्य), डॉ. विनोद कुमार पॉल और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सचिव राजेश भूषण ने भारत और 14 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के लिए जनसंख्या, प्रजनन और बाल स्वास्थ्य, परिवार कल्याण, पोषण और अन्य पर प्रमुख संकेतकों की फैक्टशीट जारी की।

सर्वेक्षण से पता चला की मध्य प्रदेश, राजस्थान, झारखंड और उत्तर प्रदेश को छोड़कर सभी चरण 2 राज्यों ने प्रजनन क्षमता का प्रतिस्थापन स्तर (2.1) हासिल कर लिया है।


सर्वेक्षण में पाया गया है कि समग्र गर्भनिरोधक प्रसार दर(Contraceptive Prevalence Rate) अखिल भारतीय स्तर पर और पंजाब को छोड़कर लगभग सभी चरण 2 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 54 प्रतिशत से बढ़कर 67 प्रतिशत हो गई है। लगभग सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में गर्भ निरोधकों के आधुनिक तरीकों का उपयोग भी बढ़ा है।

total fertilty rate, Contraceptive Prevalence Rate चंडीगढ़ में एक तरफ जहां प्रजनन दर 1.4 है तो वहीं उत्तर प्रदेश में 2.4 प्रतिशत। (Wikimedia Commons)


स्वास्थ्य मंत्रालय के सर्वेक्षण के प्रमुख संकेतकों से पता चला है कि परिवार नियोजन की जरूरतों में अखिल भारतीय स्तर पर और दूसरे चरण के अधिकांश राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 13 प्रतिशत से 9 प्रतिशत की महत्वपूर्ण गिरावट देखी गई है। अंतराल की आवश्यकता जो पहले भारत में एक प्रमुख मुद्दा बनी हुई थी, झारखंड को छोड़कर सभी राज्यों में 12 प्रतिशत और अरुणाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश दोनों में 13 प्रतिशत पर घटकर 10 प्रतिशत से भी कम रह गई है।

सर्वेक्षण को रेखांकित करते हुए 12-23 महीने की आयु के बच्चों के बीच विभिन्न रोगों से बचाव के लिए पूर्ण टीकाकरण अभियान में अखिल भारतीय स्तर पर 62 प्रतिशत से 76 प्रतिशत तक पर्याप्त सुधार दर्ज किया गया है। 14 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में से 11 में 12 से 23 महीने की उम्र के तीन-चौथाई से अधिक बच्चों का पूरी तरह से टीकाकरण हुआ है और यह ओडिशा के लिए उच्चतम 90 प्रतिशत है।

यह भी पढ़ें-
उत्तर प्रदेश में धर्मान्तरण विरोधी कानून के तहत 340 लोगों के विरुद्ध मामला दर्ज

चरण 2 में जिन राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों का सर्वेक्षण किया गया, उनमें अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, छत्तीसगढ़, हरियाणा, झारखंड, मध्य प्रदेश, दिल्ली, ओडिशा, पुडुचेरी, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड हैं।

Input-IANS ; Edited By- Saksham Nagar

न्यूज़ग्राम के साथ Facebook, Twitter और Instagram पर भी जुड़ें

Popular

इंडियन स्कूल ऑफ हॉस्पिटैलिटी (ISH) [IANS]

दुनिया की अग्रणी हॉस्पिटैलिटी और पाक कला शिक्षा दिग्गजों में से एक, सॉमेट एजुकेशन (Sommet Education) ने हाल ही में देश के प्रीमियम हॉस्पिटैलिटी संस्थान, इंडियन स्कूल ऑफ हॉस्पिटैलिटी (ISH) के साथ हाथ मिलाया है। इसके साथ सॉमेट एजुकेशन की अब आईएसएच (ISH) में 51 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जो पूर्व के विशाल वैश्विक नेटवर्क में एक महत्वपूर्ण एडिशन है। रणनीतिक साझेदारी सॉमेट एजुकेशन को भारत में अपने दो प्रतिष्ठित संस्थानों को स्थापित करने की अनुमति देती है। इनमें इकोले डुकासे शामिल है, जो पाक और पेस्ट्री कला में एक विश्वव्यापी शिक्षा संदर्भ के साथ है। दूसरा लेस रोचेस है, जो दुनिया के अग्रणी हॉस्पिटैलिटी बिजनेस स्कूलों में से एक है।

इस अकादमिक गठबंधन के साथ, इकोले डुकासे का अब भारत में अपना पहला परिसर आईएसएच (ISH) में होगा, और लेस रोचेस देश में अपने स्नातक और स्नातकोत्तर आतिथ्य प्रबंधन कार्यक्रम शुरू करेगा।

Keep Reading Show less
Credit- Wikimedia Commons

भारतीय रेलवे (Wikimedia Commons)

पूर्व मध्य रेल ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देशों के बाद इसके अनुपालन में उल्लेखनीय प्रगति हासिल की है। इको स्मार्ट स्टेशन के रूप में विकसित करने के लिए पूर्व मध्य रेल के 52 चिन्हित स्टेशनों पर रेलवे बोर्ड द्वारा सुझाए गए 24 इंडिकेटर (पैरामीटर) लागू किए हैं। सभी 52 स्टेशनों ने पर्यावरण प्रबंधन के लिए एक प्रमाणन आईएसओ-14001:2015 प्राप्त किया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा निर्धारित पूर्व मध्य रेल के 52 नामांकित स्टेशनों में से 45 का संबंधित राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोडरें के लिए सहमति-से-स्थापित (सीटीई) प्रस्तावों की ऑनलाइन प्रस्तुतियां सुनिश्चित कीं।

पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी राजेष कुमार ने बताया कि पूर्व मध्य रेल के सभी 45 स्टेशनों के लिए स्थापना की सहमति के लिए एनओसी प्राप्त कर ली गई है और 32 स्टेशनों को कंसेंट-टू-ऑपरेट (सीटीओ) दी गई है। उन्होंने बताया कि इस प्रमाणीकरण ने पूर्व मध्य रेलवे को राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोडरें द्वारा निर्धारित पानी, वायु प्रदूषण नियंत्रण और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन मानदंडों की आवश्यकता को सुव्यवस्थित करने में मदद की है।

Keep Reading Show less

वायरस जनित बीमारियों की विश्व स्तरीय जांच अब गोरखपुर में भी हो सकेगा। [IANS]

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में इंसेफेलाइटिस समेत अन्य वायरस जनित बीमारियों की विश्व स्तरीय जांच शुरू हो गई है। गोरखपुर (Gorakhpur) में यह इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR)की क्षेत्रीय इकाई रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर (RMRC) के जरिए संभव हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के प्रयास से शुरू इस आरएमआरसी में नौ अत्याधुनिक लैब्स बनकर तैयार हैं। बता दें कि मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) इसका उद्घाटन करेंगे।

राज्य सरकार की ओर से मिली जानकारी के अनुसार आरएमआरसी (RMRC) की इन लैब्स के जरिये न केवल बीमारियों के वायरस की पहचान होगी बल्कि बीमारी के कारण, इलाज और रोकथाम को लेकर व्यापक स्तर पर वल्र्ड क्लास अनुसंधान भी हो सकेगा। सबसे खास बात यह भी है कि अब गोरखपुर (Gorakhpur) में ही आने वाले समय में कोरोनाकाल के वर्तमान दौर की सबसे चर्चित और सबसे डिमांडिंग जीनोम सिक्वेंसिंग (Genome Sequencing) भी हो सकेगी। यह पता चल सकेगा कि कोरोना का कौन सा वेरिएंट (Covid variant) अधिक प्रभावित कर रहा है।

Narendra Modi , PM of India, ICMR मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस RMRC का उद्घाटन करेंगे। [Wikimedia Commons]

Keep reading... Show less