कुरान से 26 आयतों को हटाने की मांग, सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर!

कुरान में 26 ऐसे आयतें हैं जो आतंकवाद, मार-काट और दुनिया में इस्लाम को जिहाद के लिए उकसा रहे हैं, यह मानना है उप्र शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष सैयद वसीम रिज़वी का।
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कुरान की 26 आयतें दे रही हैं आतंकवाद और अलगाव को बढ़ावा।(Pexel)

कुरान(Quran) में 26 ऐसे आयतें हैं जो आतंकवाद(terrorism), मार-काट और दुनिया में इस्लाम(Islam) को जिहाद के लिए उकसा रहे हैं, यह मानना है उप्र शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष सैयद वसीम रिज़वी(Syed Waseem Rizvi) का। जिन्होंने गुरूवार को सर्वोच्च न्यायालय(Supreme Court) में कुरान(Quran) के ऐसे 26 आयतें हटाने की मांग कर याचिका दायर की है। जिसपर सुनवाई होना बाकि है। सैयद रिज़वी(Syed Waseem Rizvi) का कहना है कि इन आयतों को कुरान(Quran) में उन तीन खलीफाओं द्वारा जोड़ा गया था जिन्होंने इस्लाम(Islam) के विस्तार का अभियान चलाया था। और सभी गैर-इस्लामिक देशों में अपना दबदबा बढ़ाया था। रिज़वी यह भी कहना है कि तीसरे खलीफा के वक्त 300 अलग-अलग लोगों द्वारा लिखे गए कुरान(Quran) प्रचलन में थे। 

रिजवी(Syed Waseem Rizvi) ने याचिका में लिखा है कि "मोहम्मद के बाद पहला खलीफा हजरत अबू बक्र, दूसरा खलीफा हजरत उमर और तीसरा यानी हजरत उस्मान ने मोहम्मद के मौखिक उपदेशों के आधार पर कुरान(Quran) को एक किताब के रूप में जारी किया।" और इसे समय दर समय बदला गया है। रिजवी(Syed Waseem Rizvi) का मानना है कि इन आयतों को गलत तरीकों से समझाकर इस्लामिक कट्टरता(Islamic Extremism) को बढ़ावा दिया जा रहा और आज के युवाओं को इन्ही का हवाला देकर आतंकवाद(terrorism) की तरफ ढकेला जा रहा है।

Supreme Court
सर्वोच्च न्यायालय में सैयद रिजवी ने दायर की याचिका।(फाइल फोटो)

इस याचिका के बाद सैयद रिज़वी(Syed Waseem Rizvi), मौलानाओं और इस्लाम हितैषियों के निशाने पर आ गए हैं। फतवे और आलोचनाओं का अम्बार लग पड़ा है। इस्लामिक धर्मगुरु हसनैन जाफरी डंपी इन सबसे कोसों आगे बढ़कर रिज़वी(Syed Waseem Rizvi) के सर काट कर लाने वाले को 20 हजार रुपए देने का वादा भी कर चुके हैं। इनाम के बाद भी वह प्रशासन से रिज़वी(Syed Waseem Rizvi) की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।

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किन्तु वह धर्मगुरु है और इस्लाम(Islam) से ताल्लुक रखता है इसलिए उनका यह कहना आम बात है। क्योंकि हमने यह कई बार देखा है कि इस्लाम(Islam) में सुधार चाहने वाले का या तो सर चाहिए या धर्म निकाला। सैयद रिज़वी(Syed Waseem Rizvi) एक मीडिया चैनल से बात करते हुए यह पहले ही साफ़ कर चुके हैं कि वह न तो कुरान(Quran) शरीफ पर रोक लगवाना चाहते हैं और न ही उन 26 आयतों के इलावा कुरान पर सवाल खड़ा कर रहे हैं। वह केवल उन 26 आयतों को हटाने की मांग कर रहे हैं जो आतंकवाद और गलत तरीके से इस्लाम के विस्तार के लिए जिम्मेदार है।

जिहाद और काफिर शब्द यह कौन सा शांतिप्रिय धर्म इस्तेमाल करता है? बहरहाल यह मामला अभी सर्वोच्च न्यायालय(Supreme Court) में है और इस याचिका पर चर्चा होना बाकि है। किन्तु सैयद रिज़वी(Syed Waseem Rizvi) के इस याचिका ने नई चर्चा को जन्म दे दिया है।(SHM)