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दुनिया

डोनाल्ड ट्रम्प के बारे में चौंकाने वाला खुलासा

बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति ने 2016 और 2017 में केवल 750 डॉलर के आयकर का भुगतान किया। वहीं पिछले 15 सालों में से 10 साल में आयकर का भुगतान नहीं किया।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (VOA)

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 2016 में चुनाव लड़ने से पहले के 15 साल में से 10 साल का आयकर भुगतान नहीं किया था। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जिस साल वे राष्ट्रपति पद के लिए मैदान में आए और व्हाइट हाउस में रहने के पहले साल के दौरान उन्होंने केवल 750 डॉलर कर के तौर पर चुकाए। द हिल समाचार वेबसाइट ने बताया कि न्यूयॉर्क टाइम्स अखबार ने ट्रम्प के पिछले 20 सालों की ट्रम्प की कर संबंधी जानकारी का खुलासा किया है।

बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में द न्यूयॉर्क टाइम्स ने कहा है कि उसने राष्ट्रपति के व्यक्तिगत और ट्रम्प ऑगेर्नाइजेशनके आयकर रिटर्न की 90 के दशक से समीक्षा की। इसमें कहा गया कि राष्ट्रपति ने 2016 और 2017 में केवल 750 डॉलर के आयकर का भुगतान किया। वहीं पिछले 15 सालों में से 10 साल में आयकर का भुगतान नहीं किया। ट्रम्प ने सूचना दी कि उन्होंने जितना धन कमाया उससे अधिक का नुकसान उठाया है।


यह भो पढ़ें: एक तीर से दो निशाना लगाना चाहते हैं ट्रम्प

न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए एक बयान में ट्रम्प संगठन के वकील एलन गार्टन ने कहा कि “यदि सभी नहीं तो अधिकांश में ऐसा हुआ। पिछले एक दशक में राष्ट्रपति ट्रम्प ने संघीय सरकार को व्यक्तिगत करों के रूप में करोड़ों डॉलर का भुगतान किया है, जिसमें 2015 में उनकी उम्मीदवारी की घोषणा के बाद के भी व्यक्तिगत करों का भुगतान शामिल है।”

बाद में एक व्हाइट हाउस ब्रीफिंग के दौरान ट्रम्प ने आरोप से इनकार करते हुए रिपोर्ट को ‘पूरी तरह से नकली’ बताया।

व्हाइट हाउस ब्रीफिंग के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प। (VOA)

बीबीसी ने राष्ट्रपति के हवाले से कहा, “मैंने करों का भुगतान किया है और आप यह खुद देखेंगे। अभी मेरे टैक्स रिटर्न का ऑडिट चल रहा है।”

उन्होंने कहा, “आईआरएस (इंटरनल रेवेन्यू सर्विस) का मेरे साथ व्यवहार अच्छा नहीं है, वे मेरे साथ बहुत बुरा व्यवहार करते हैं।”

बता दें कि ट्रम्प को अपने व्यवसाय संबंधी दस्तावेजों को साझा करने से इनकार करने के कारण कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है।

यह भी पढ़ें: अधिकांश भारतीय राष्ट्रपति चुनाव में कर रहे बाइडन का समर्थन, ट्रंप ने भी बनाई बढ़त

वह पहले अमेरिकी राष्ट्रपति हैं, जिन्होंने 1970 के दशक के बाद से अपना टैक्स रिटर्न सार्वजनिक नहीं किया है, वैसे कानूनी तौर पर ऐसा करना अनिवार्य नहीं है।

इस बीच डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जो बाइडेन के अभियान ने इस रिपोर्ट को लेकर ट्रम्प पर हमला बोला है। इसके अलावा डेमोक्रेट्स ने भी सोशल मीडिया के जरिए ट्रम्प के इस व्यवहार की आलोचना की है।(आईएएनएस)

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इंडियन स्कूल ऑफ हॉस्पिटैलिटी (ISH) [IANS]

दुनिया की अग्रणी हॉस्पिटैलिटी और पाक कला शिक्षा दिग्गजों में से एक, सॉमेट एजुकेशन (Sommet Education) ने हाल ही में देश के प्रीमियम हॉस्पिटैलिटी संस्थान, इंडियन स्कूल ऑफ हॉस्पिटैलिटी (ISH) के साथ हाथ मिलाया है। इसके साथ सॉमेट एजुकेशन की अब आईएसएच (ISH) में 51 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जो पूर्व के विशाल वैश्विक नेटवर्क में एक महत्वपूर्ण एडिशन है। रणनीतिक साझेदारी सॉमेट एजुकेशन को भारत में अपने दो प्रतिष्ठित संस्थानों को स्थापित करने की अनुमति देती है। इनमें इकोले डुकासे शामिल है, जो पाक और पेस्ट्री कला में एक विश्वव्यापी शिक्षा संदर्भ के साथ है। दूसरा लेस रोचेस है, जो दुनिया के अग्रणी हॉस्पिटैलिटी बिजनेस स्कूलों में से एक है।

इस अकादमिक गठबंधन के साथ, इकोले डुकासे का अब भारत में अपना पहला परिसर आईएसएच (ISH) में होगा, और लेस रोचेस देश में अपने स्नातक और स्नातकोत्तर आतिथ्य प्रबंधन कार्यक्रम शुरू करेगा।

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Credit- Wikimedia Commons

भारतीय रेलवे (Wikimedia Commons)

पूर्व मध्य रेल ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देशों के बाद इसके अनुपालन में उल्लेखनीय प्रगति हासिल की है। इको स्मार्ट स्टेशन के रूप में विकसित करने के लिए पूर्व मध्य रेल के 52 चिन्हित स्टेशनों पर रेलवे बोर्ड द्वारा सुझाए गए 24 इंडिकेटर (पैरामीटर) लागू किए हैं। सभी 52 स्टेशनों ने पर्यावरण प्रबंधन के लिए एक प्रमाणन आईएसओ-14001:2015 प्राप्त किया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा निर्धारित पूर्व मध्य रेल के 52 नामांकित स्टेशनों में से 45 का संबंधित राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोडरें के लिए सहमति-से-स्थापित (सीटीई) प्रस्तावों की ऑनलाइन प्रस्तुतियां सुनिश्चित कीं।

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वायरस जनित बीमारियों की विश्व स्तरीय जांच अब गोरखपुर में भी हो सकेगा। [IANS]

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में इंसेफेलाइटिस समेत अन्य वायरस जनित बीमारियों की विश्व स्तरीय जांच शुरू हो गई है। गोरखपुर (Gorakhpur) में यह इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR)की क्षेत्रीय इकाई रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर (RMRC) के जरिए संभव हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के प्रयास से शुरू इस आरएमआरसी में नौ अत्याधुनिक लैब्स बनकर तैयार हैं। बता दें कि मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) इसका उद्घाटन करेंगे।

राज्य सरकार की ओर से मिली जानकारी के अनुसार आरएमआरसी (RMRC) की इन लैब्स के जरिये न केवल बीमारियों के वायरस की पहचान होगी बल्कि बीमारी के कारण, इलाज और रोकथाम को लेकर व्यापक स्तर पर वल्र्ड क्लास अनुसंधान भी हो सकेगा। सबसे खास बात यह भी है कि अब गोरखपुर (Gorakhpur) में ही आने वाले समय में कोरोनाकाल के वर्तमान दौर की सबसे चर्चित और सबसे डिमांडिंग जीनोम सिक्वेंसिंग (Genome Sequencing) भी हो सकेगी। यह पता चल सकेगा कि कोरोना का कौन सा वेरिएंट (Covid variant) अधिक प्रभावित कर रहा है।

Narendra Modi , PM of India, ICMR मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस RMRC का उद्घाटन करेंगे। [Wikimedia Commons]

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