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देश

राम मंदिर आंदोलन पर डॉक्युमेंट्री रिलीज

विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो सर्कुलेट किया है, जिसमें ‘अयोध्या में राम मंदिर के लिए संघर्ष’ को दिखाया गया है। ‘श्री राम जन्मभूमि विजय गाथा’ शीर्षक वाला 13 मिनट का वीडियो अयोध्या में राम मंदिर के लिए संघर्ष की शुरुआत 1528 से शुरू होता है जब मंदिर को कथित रूप

 विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो सर्कुलेट किया है, जिसमें ‘अयोध्या में राम मंदिर के लिए संघर्ष’ को दिखाया गया है। ‘श्री राम जन्मभूमि विजय गाथा’ शीर्षक वाला 13 मिनट का वीडियो अयोध्या में राम मंदिर के लिए संघर्ष की शुरुआत 1528 से शुरू होता है जब मंदिर को कथित रूप से मुगल शासक बाबर द्वारा गिरा दिया गया था, इसमें 1992 में बाबरी मस्जिद के विध्वंस को भी दिखाया गया है और राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद 2020 में मंदिर के लिए निर्माण को भी दर्शाया गया है।

वीएचपी के प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा, “वृत्तचित्र का निर्माण अभिनेता और निर्देशक चंद्र प्रकाश द्विवेदी द्वारा किया गया है। लेकिन उन्होंने वृत्तचित्र की क्रेडिट में अपना नाम नहीं दिया है। उन्होंने इसे भगवान राम की सेवा के रूप में बनाया है।”


वीएचपी के सूत्रों ने कहा कि वृत्तचित्र अनिवार्य रूप से युवा पीढ़ी के लिए है जो शायद मंदिर आंदोलन के इतिहास से परिचित नहीं हो और जिन्हें निहित स्वार्थों द्वारा गुमराह किया जा रहा था।

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राम मंदिर के लिए 15 जनवरी से शुरू होने वाले विश्व हिंदू परिषद के फंड जुटाने के अभियान से पहले डॉक्यूमेंट्री लॉन्च की गई है।(आईएएनएस)

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प्री-एक्लेमप्सिया गर्भावस्था के 20वें सप्ताह के बाद रक्तचाप में अचानक वृद्धि है। (Unsplash)

एक नए अध्ययन के अनुसार, जो महिलाएं गर्भावस्था के दौरान कोविड संकमित होती हैं, उनमें प्री-एक्लेमप्सिया विकसित होने का काफी अधिक जोखिम होता है। यह बीमारी दुनिया भर में मातृ और शिशु मृत्यु का प्रमुख कारण है। प्री-एक्लेमप्सिया गर्भावस्था के 20वें सप्ताह के बाद रक्तचाप में अचानक वृद्धि है। अमेरिकन जर्नल ऑफ ऑब्सटेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी में प्रकाशित अध्ययन से पता चला है कि गर्भावस्था के दौरान सॉर्स कोव2 संक्रमण वाली महिलाओं में गर्भावस्था के दौरान संक्रमण के बिना प्रीक्लेम्पसिया विकसित होने की संभावना 62 प्रतिशत अधिक होती है।

वेन स्टेट यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन में आणविक प्रसूति और आनुवंशिकी के प्रोफेसर रॉबटरे रोमेरो ने कहा कि यह जुड़ाव सभी पूर्वनिर्धारित उपसमूहों में उल्लेखनीय रूप से सुसंगत था। इसके अलावा, गर्भावस्था के दौरान सॉर्स कोव 2 संक्रमण गंभीर विशेषताओं, एक्लम्पसिया और एचईएलएलपी सिंड्रोम के साथ प्री-एक्लेमप्सिया की बाधाओं में उल्लेखनीय वृद्धि के साथ जुड़ा है। एचईएलएलपी सिंड्रोम गंभीर प्री-एक्लेमप्सिया का एक रूप है जिसमें हेमोलिसिस (लाल रक्त कोशिकाओं का टूटना), ऊंचा लिवर एंजाइम और कम प्लेटलेट काउंट शामिल हैं। टीम ने पिछले 28 अध्ययनों की समीक्षा के बाद अपने निष्कर्ष प्रकाशित किए, जिसमें 790,954 गर्भवती महिलाएं शामिल थीं, जिनमें 15,524 कोविड -19 संक्रमण का निदान किया गया था।

गर्भावस्था के दौरान संक्रमण के बिना प्रीक्लेम्पसिया विकसित होने की संभावना 62 प्रतिशत अधिक होती है। (Unsplash)

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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद।(PIB)

राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने बुधवार को दोहराया कि भारत सामूहिक स्वास्थ्य और आर्थिक कल्याण सुनिश्चित करने के लिए Covid-19 महामारी के खिलाफ एक निर्णायक और समन्वित प्रतिक्रिया देने के वैश्विक प्रयासों में सबसे आगे रहा है। कोविंद ने यह भी कहा कि दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान के तहत भारतीयों को अब तक 80 करोड़ से अधिक खुराक मिल चुकी है।

राष्ट्रपति भवन से एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बुधवार को एक आभासी समारोह में आइसलैंड, गाम्बिया गणराज्य, स्पेन, ब्रुनेई दारुस्सलाम और श्रीलंका के लोकतांत्रिक गणराज्य के राजदूतों/उच्चायुक्तों से परिचय पत्र स्वीकार किए।

अपना परिचय पत्र प्रस्तुत करने वाले राजदूत निम्न हैं : महामहिम गुडनी ब्रैगसन, आइसलैंड के राजदूत, महामहिम मुस्तफा जवारा, गाम्बिया गणराज्य के उच्चायुक्त, महामहिम जोस मारिया रिडाओ डोमिंगुएज, स्पेन के राजदूत, महामहिम दातो अलैहुद्दीन मोहम्मद ताहा, ब्रुनेई दारुस्सलाम के उच्चायुक्त, महामहिम अशोक मिलिंडा मोरागोडा, श्रीलंका के लोकतांत्रिक समाजवादी गणराज्य के उच्चायुक्त।


इस अवसर पर अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने इन सभी राजदूतों को उनकी नियुक्ति पर बधाई दी और उन्हें भारत में एक सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भारत के इन सभी पांच देशों के साथ घनिष्ठ संबंध हैं और भारत इनके साथ शांति, समृद्धि का एक समन्वित दृष्टिकोण साझा करता है।

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भारत का खूबसूरत क्षेत्र कोडाईकनाल।(Unsplash)

भारत के तमिलनाडु राज्य में स्थित कोडाईकनाल एक पर्वतीय नगर है। यह समुद्र तल 2133 मी. की ऊंचाई पर पिलानी नामक पहाड़ पे बसा हैं। ये अपनी प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण से सब को मनमोहित कर देता है । खूबसूरत प्राकृतिक दृश्य के कारण इसे भारत का स्विट्जरलैंड भी कहा जाता हैं। यहां पर घूमने का मजा तब बढ़ जाता है, जब मानसून दस्तक देता है, क्योंकि इस समय यहां के झरने वादियां और भी खूबसूरत हो जाते हैं। यहां कुरिंजी नामक एक फूल है जो कि 12 वर्षों में खिलता है, जिससे यहां की पहाड़ियों में सुंदरता और निखरती है और इसकी महक मदहोश कर देने वाली होती है। कोडाईकनाल में प्रकृति की सुंदरता अपने तमाम रूपों में नजर आती है। विशाल चट्टान , शांत झील ,फलों के बगीचे और यहां के हरे भरे दृश्य अपनी सुंदरता की कहानियां व्यक्त करते हैं। मानसून में यह जगह जन्नत सी नजर आती है। यहां पर लोग पिकनिक मनाने , घूमने फिरने , या हनीमून के लिए आते हैं।

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