Never miss a story

Get subscribed to our newsletter


×
मनोरंजन

ऑस्कर में लाइव एक्शन शॉर्ट फिल्म कैटेगरी में भारत की एंट्री को लेकर संदेह

कीथ गोम्स और उनकी टीम ने साझा किया है कि उनकी फिल्म 'शेमलेस' 93वें ऑस्कर पर लाइव एक्शन शॉर्ट फिल्म श्रेणी में आधिकारिक भारतीय एंट्री है।

ऑस्कर में शॉर्टलिस्ट फिल्मों का ऐलान 9 फरवरी को किया जाएगा। (Pixabay)

सयानी गुप्ता अभिनीत कीथ गोम्स की फिल्म ‘शेमलेस’ भारत की उन फिल्मों में से एक है, जिसे 93वें ऑस्कर के लाइव एक्शन शॉर्ट फिल्म कैटेगरी में प्रविष्ठि के लिए योग्य माना गया है। फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा मलयालम फिल्म ‘जल्लीकट्टू’ को ऑस्कर, 2021 में भारत की आधिकारिक प्रविष्टि के रूप में चयनित करने के कुछ ही दिनों बाद गोम्स और उनकी टीम ने साझा किया कि उनकी फिल्म ‘शेमलेस’ 93वें ऑस्कर पर लाइव एक्शन शॉर्ट फिल्म श्रेणी में आधिकारिक भारतीय प्रविष्टि है।

हर साल फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया की तरफ से सर्वश्रेष्ठ अंतर्राष्ट्रीय फीचर फिल्म के लिए अकादमी पुरस्कार के लिए भारतीय आधिकारिक प्रविष्टि का चयन किया जाता है।


शॉर्ट फिल्मों की बात करें, तो ऑस्कर में शामिल होने के लिए पांच भारतीय लघु फिल्में योग्य हैं।

यह भी पढ़ें – जब क्रिस कोलंबस ने किया ‘हैरी पॉटर’ के सेट पर अजीब पलों का सामना

2000 से अधिक प्रविष्टियों के साथ शॉर्ट्स टीवी ने इस महीने की शुरुआत में सर्वश्रेष्ठ भारत लघु फिल्म महोत्सव के तीसरे संस्करण की मेजबानी की थी। ज्यूरी ने इसमें विजेता के रूप में विद्या बालन द्वारा अभिनीत और सह-निर्मित शॉर्ट फिल्म ‘नटखट’ को विजेता के तौर पर चुना। इस फिल्म को ऑस्कर नामांकन के लिए योग्य माना गया। हालांकि महोत्सव के अन्य फाइनलिस्ट भी ऑस्कर की दौड़ में शामिल होने के योग्य माने गए, जिनमें गोम्स की ‘शेमलेस’, आदित्य केलगांवकर की ‘साउंड प्रूफ’, प्रत्यूषा गुप्ता की ‘सफर’ और धीरज जिंदल की फिल्म ‘ट्रैप्ड’ शामिल है।

हालांकि ऑस्कर के लिए शॉर्टलिस्ट का ऐलान 9 फरवरी को किया जाएगा और नामांकन 15 मार्च को घोषित किए जाएंगे।(आईएएनएस)

Popular

अमिताभ बच्चन के साथ बातचीत करते हुए, भारत के गोलकीपर पीआर श्रीजेश (IANS)

केबीसी यानि कोन बनेगा करोड़पति भारतीय टेलिविज़न का एक लोकप्रिय धारावाहिक है । यहा पर अक्सर ही कई सेलिब्रिटीज आते रहते है । इसी बीच केबीसी के मंच पर भारत की हॉकी टीम के गोलकीपर पीआर श्रीजेश पहुंचे । केबीसी 13' पर मेजबान अमिताभ बच्चन के साथ बातचीत करते हुए, भारत के गोलकीपर पीआर श्रीजेश 41 साल बाद हॉकी में ओलंपिक पदक जीतने को लेकर बात की। श्रीजेश ने साझा किया कि "हम इस पदक के लिए 41 साल से इंतजार कर रहे थे। साथ उन्होंने ये भी कहा की वो व्यक्तिगत रूप से, मैं 21 साल से हॉकी खेल रहे है। आगे श्रीजेश बोले मैंने साल 2000 में हॉकी खेलना शुरू किया था और तब से, मैं यह सुनकर बड़ा हुआ हूं कि हॉकी में बड़ा मुकाम हासिल किया, हॉकी में 8 गोल्ड मेडल मिले। इसलिए, हमने खेल के पीछे के इतिहास के कारण खेलना शुरू किया था। उसके बाद हॉकी एस्ट्रो टर्फ पर खेली गई, खेल बदल दिया गया और फिर हमारा पतन शुरू हो गया।"

जब अभिनेता अमिताभ बच्चन ने एस्ट्रो टर्फ के बारे में अधिक पूछा, तो उन्होंने खुल के बताया।"इस पर अमिताभ बच्चन ने एस्ट्रो टर्फ पर खेलते समय कठिनाई के स्तर को समझने की कोशिश की। इसे समझाते हुए श्रीजेश कहते हैं कि "हां, बहुत कुछ, क्योंकि एस्ट्रो टर्फ एक कृत्रिम घास है जिसमें हम पानी डालते हैं और खेलते हैं। प्राकृतिक घास पर खेलना खेल शैली से बिल्कुल अलग है। "

इस घास के बारे में आगे कहते हुए श्रीजेश ने यह भी कहा कि "पहले सभी खिलाड़ी केवल घास के मैदान पर खेलते थे, उस पर प्रशिक्षण लेते थे और यहां तक कि घास के मैदान पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी खेलते थे। आजकल यह हो गया है कि बच्चे घास के मैदान पर खेलना शुरू करते हैं और बाद में एस्ट्रो टर्फ पर हॉकी खेलनी पड़ती है। जिसके कारण बहुत समय लगता है। यहा पर एस्ट्रो टर्फ पर खेलने के लिए एक अलग तरह का प्रशिक्षण होता है, साथ ही इस्तेमाल की जाने वाली हॉकी स्टिक भी अलग होती है।" सब कुछ बदल जाता है ।

Keep Reading Show less

कोहली ने आज ट्विटर के जरिए एक बयान में इसकी घोषणा की। (IANS)

वर्तमान में भारतीय क्रिकेट टीम के सबसे बड़े खिलाड़ी और कप्तान विराट कोहली ने गुरूवार को घोषणा की कि वह इस साल अक्टूबर-नवंबर में होने वाले टी20 विश्व कप के बाद टी20 प्रारूप की कप्तानी छोड़ेंगे। उनका ये एलान करोड़ो दिलो को धक्का देने वाला था क्योंकि कोहली को हर कोई कप्तान के रूप में देखना चाहता है । कई दिनों से चल रहे संशय पर विराम लगाते हुए कोहली ने आज ट्विटर के जरिए एक बयान में इसकी घोषणा की। कोहली ने बताया कि वह इस साल अक्टूबर-नवंबर में होने वाले टी20 विश्व कप के बाद टी20 के कप्तानी पद को छोड़ देंगे।

ट्वीट के जरिए उन्होंने इस यात्रा के दौरान उनका साथ देने के लिए सभी का धन्यवाद दिया। कोहली ने बताया कि उन्होंने यह फैसला अपने वर्कलोड को मैनेज करने के लिए लिया है। उनका वर्कलोड बढ़ गया था ।

Keep Reading Show less

मंगल ग्रह की सतह (Wikimedia Commons)

मंगल ग्रह पर घर बनाने का सपना हकीकत में बदल सकता हैं। वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष यात्रियों के खून, पसीने और आँसुओ की मदद से कंक्रीट जैसी सामग्री बनाई है, जिसकी वजह से यह संभव हो सकता है। मंगल ग्रह पर छोटी सी निर्माण सामग्री लेकर जाना भी काफी महंगा साबित हो सकता है। इसलिए उन संसाधनों का उपयोग करना होगा जो कि साइट पर प्राप्त कर सकते हैं।

मैनचेस्टर विश्वविद्यालय के अध्ययन में यह पता लगा है कि मानव रक्त से एक प्रोटीन, मूत्र, पसीने या आँसू से एक यौगिक के साथ संयुक्त, नकली चंद्रमा या मंगल की मिट्टी को एक साथ चिपका सकता है ताकि साधारण कंक्रीट की तुलना में मजबूत सामग्री का उत्पादन किया जा सके, जो अतिरिक्त-स्थलीय वातावरण में निर्माण कार्य के लिए पूरी तरह से अनुकूल हो।

Keep reading... Show less