पाकिस्तान में बढ़ रही आर्थिक अनिश्चितता से चिंतित अंतरराष्ट्रीय निवेशक

स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान के भंडार के साथ पाकिस्तान पेमेंट बैलेंस की गंभीर स्थिति का सामना कर रहा है
पाकिस्तान
पाकिस्तानIANS

डिफ़ॉल्ट से पाकिस्तान (Pakistan) के संप्रभु ऋण का बीमा करने की लागत 13 साल के उच्च स्तर पर आ गई, क्योंकि रेटिंग में गिरावट और ऋण पुनर्गठन की अटकलों ने अंतरराष्ट्रीय निवेशकों (International investors) के बीच अपने बॉन्ड्स (Bonds) दायित्वों को पूरा करने की क्षमता के बारे में चिंता जताई है। द न्यूज ने आरिफ हबीब लिमिटेड के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया, 24 अक्टूबर को पाकिस्तान का बेंचमार्क पांच वर्षीय क्रेडिट डिफ़ॉल्ट स्वैप (सीडीएस) दिन-प्रतिदिन 3,071 आधार अंक बढ़कर 52.8 प्रतिशत हो गया, जो नवंबर 2009 के बाद से उच्चतम स्तर है।

पाकिस्तान के डॉलर मूल्यवर्ग (dollar denomination) के बॉन्ड्स पर प्रतिफल में वृद्धि जारी रही। इससे पता चलता कि निवेशक चिंतित हैं कि देश क्रेडिट धारकों (credit holders) को 1 बिलियन डॉलर चुकाने के अपने दायित्व से चूक सकता है।

संसद भवन
संसद भवनWikimedia

सीडीएस और बॉन्ड की प्रतिफल में वृद्धि के कारणों के बारे में बताते हुए, केंद्रीय बैंक (Central Bank) के एक पूर्व गवर्नर ने कहा कि इसके लिए कई कारक जिम्मेदार है।

एक महीने से भी कम समय के इम्पोर्ट्स (Imports) को कवर करने वाले स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (State Bank of Pakistan) के भंडार के साथ देश पेमेंट बैलेंस की (Payment balance) गंभीर स्थिति का सामना कर रहा है। इसके अलावा, न केवल आर्थिक 'अनिश्चितता' है, बल्कि घरेलू अस्थिरता भी है, जो पूंजी बाजार के लिए सही नहीं है।

द न्यूज ने बताया, अन्य कारकों में मूडीज (Moody's) और फिच (Fitch) द्वारा हाल ही में डाउनग्रेड, ब्याज दरों में वैश्विक वृद्धि, विशेष रूप से फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) और समग्र भू-राजनीतिक अशांति और आपूर्ति श्रृंखला व्यवधान शामिल हैं जो कमोडिटी फ्यूचर्स मार्किट (Commodity futures Market) को प्रभावित करते हैं और आयात बिल (import bill) पर अधिक दबाव डालते हैं।

पाकिस्तान
गांधी परिवार से जुड़े 2 गैर-सरकारी संगठन का एफसीआरए लाइसेंस रद्द

उन्होंने कहा, आपके सामने वर्तमान में कई ऐसे लोग है, जो संभावित डिफ़ॉल्ट की अफवाहों को बढ़ावा देते हैं। मुझे व्यक्तिगत रूप से विश्वास है कि ऐसा नहीं होगा।

आईएएनएस/RS

Related Stories

No stories found.
hindi.newsgram.com