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देश

मुंबई, उपनगरों में बिजली गुल, जनजीवन बुरी तरह प्रभावित

बिजली आपूर्ति बाधित होने का अन्य प्रभाव पानी की आपूर्ति नहीं होना, कुछ इमारतों में लोगों का लिफ्ट में फंस जाना, आदि के तौर पर देखने को मिला।

ग्रिड फेल होने से मुंबई में बिजली गुल, नागरिकों को करना पड़ रहा है दिक्क्त का सामना। (Pixabay)

मुंबई और मुंबई महानगर के ठाणे, रायगढ़ और पालघर में ग्रिड फेल होने के कारण सोमवार को बिजली गुल होने का असर लोगों के दैनिक जीवन पर देखने को मिला। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

वितरकों में से एक बेस्ट ने कहा कि टाटा की इनकमिंग इलेक्ट्रिक सप्लाई विफल होने के कारण सुबह 10.15 बजे के आसपास बिजली की आपूर्ति बाधित हुई।


बिजली अपूर्ति बाधित होने का असर मुंबई – मध्य रेलवे और पश्चिम रेलवे पर पड़ा और बड़ी संख्या में यात्री इन ट्रेनों में फंसे हुए हैं।

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कई स्थानों पर यात्री उतर गए और पास के उपनगरीय रेलवे स्टेशन की ओर जाने लगे।

बीएमसी के एक प्रवक्ता ने कहा कि कलवा, ठाणे में टाटा पावर की सेंट्रल ग्रिड फेल होने के कारण बिजली गुल हुई और बहाली में लगभग एक घंटा लग सकता है।

पश्चिम रेलवे के प्रवक्ता सुमित ठाकुर ने कहा कि टाटा पावर कंपनी की ग्रिड फेल होने के कारण 10.05 बजे ट्रैक्शन पॉवर में रुकावट के मद्देनजर चर्चगेट और बोरिवली के बीच की सेवाएं बंद हैं। बिजली सप्लाई शुरू होते ही इसे फिर से शुरू कर दिया जाएगा।

हालांकि, एमएसईटीसीएल से बिजली की आपूर्ति वसई रोड पर उपलब्ध थी।

चर्चगेट-बोरीवली सेक्शन में सेवाएं शुरू करने के लिए भी प्रयास चल रहे थे। यात्रियों से अनुरोध किया गया कि वे घबराएं नहीं और सामाजिक दूरी बनाए रखें।

बिजली आपूर्ति बाधित होने का अन्य प्रभाव पानी की आपूर्ति नहीं होना, कुछ इमारतों में लोगों का लिफ्ट में फंस जाना, आदि के तौर पर देखने को मिला।(आईएएनएस)

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अब आपको विस्तार से पूरी घटना बताते हैं। शुक्रवार को सिंधु बॉर्डर पर 35 साल के युवक जिसका नाम लखबीर सिंह है उसका मृत शव मिला। वह एक दलित मजदूर था। लखबीर सिंह की हत्या इतनी बर्बरता से की गई थी कि उसका एक हाथ और एक पैर कटा हुआ पाया गया और सबसे जरूरी बात यह की शव संयुक्त किसान मोर्चा के मंच के पास से मिला था। जिस कारण किसान आंदोलन और किसान नेताओ का कटघरे में खड़े होना तो तय हैं।

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