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स्वास्थ्य

मॉडर्ना को भारत में चौथी वैक्सीन के तौर पर मिली मंजूरी, अगली पंक्ति में फाइजर का नाम

केंद्र ने Moderna COVID-19 vaccine को भारतीय बाजार में उतारने को लेकर अपनी मंजूरी दे दी है और इसके साथ ही अब फाइजर वैक्सीन अगली पंक्ति में है।

भारत में मॉडेर्ना के आपात इस्तेमाल को मिली मंजूरी।(Wikimedia Commons)

केंद्र ने मंगलवार को Moderna COVID-19 vaccine को भारतीय बाजार में उतारने को लेकर अपनी मंजूरी दे दी है और इसके साथ ही अब फाइजर वैक्सीन अगली पंक्ति में है। कोरोना को हराने के लिए देश को Moderna के तौर पर अब चौथी वैक्सीन मिलने जा रही है। इससे पहले सीरम इंस्टीट्यूट की कोविशील्ड(Covishield), भारत बायोटेक की कोवैक्सीन(Covaxin) और रूस की स्पूतनिक वी(Sputnik-V) को भारत में लोगों को दिए जाने के लिए मंजूरी मिल चुकी है। वहीं अब मंगलवार को Moderna के टीके को भी मंजूरी दे दी गई। यही नहीं जल्दी ही भारत को फाइजर का टीका भी मिल सकता है।

नीति आयोग के सदस्य वी. के. पॉल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह घोषणा करते हुए कहा कि मॉडर्ना को नई दवा के तौर पर अनुमति दी गई है, जो पहली अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकसित कोविड वैक्सीन है। पॉल ने हालांकि स्पष्ट किया कि नई दवा की अनुमति आपातकालीन उपयोग के लिए है और Moderna दो खुराक के साथ दी जाएगी। उन्होने कहा, हमारे पास अभी कोवैक्सिन, कोविशील्ड, स्पूतनिक-वी और मॉडर्ना वैक्सीन उपलब्ध हैं। जल्दी ही हम फाइजर से भी टीके के लिए डील फाइनल कर लेंगे।


मॉडर्ना वैक्सीन का प्रवेश एक महत्वपूर्ण कदम

इसके अलावा डीसीजीआई ने मुंबई स्थित दवा कंपनी कंपनी सिप्ला को भारत में मॉडर्ना वैक्सीन(Moderna Vaccine) के आयात की मंजूरी दे दी है। सिप्ला ने एक दिन पहले ही अमेरिकी वैक्सीन के भारत में आयात और उसकी मार्केटिंग की अनुमति मांगी थी। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं पर टीके के असर को लेकर भी उन्होंने भ्रम को दूर किया। अधिक से अधिक लोगों को जल्द से जल्द टीका लगाने के लिए भारत के त्वरित टीकाकरण अभियान के बीच मॉडर्ना वैक्सीन का प्रवेश एक महत्वपूर्ण कदम है। महामारी की संभावित तीसरी लहर की आशंकाओं को दूर करने के अलावा, नई दवा निस्संदेह आपूर्ति बाधाओं को बेहतर बनाने में मदद करेगी।

यह भी पढ़ें: कोविशील्ड, कोवैक्सीन अल्फा-बीटा-गामा-डेल्टा वैरिएंट के खिलाफ कारगर : डीजी-आईसीएमआर

बता दें कि मॉडर्ना की वैक्सीन मैसेंजर आरएनए पर निर्भर करती है, जो कोशिकाओं को कोरोना वायरस के खिलाफ इम्यूनिटी तैयार करने के लिए प्रोग्राम करते हैं। इस वैक्सीन को लेकर किए गए क्लिनिकल परीक्षण के परिणाम बताते हैं कि ये वैक्सीन कोरोना संक्रमण के लक्षणों वाले मामलों के खिलाफ 90 फीसदी से ज्यादा कारगर है। इससे पहले दिन में जॉनसन एंड जॉनसन ने कहा था कि वह देश में अपने सिंगल-शॉट कोविड-19 वैक्सीन के वितरण में तेजी लाने के तरीकों का पता लगाने के लिए भारत सरकार के साथ बातचीत कर रही है। पिछले 24 घंटों में भारत ने 52,76,457 लोगों को वैक्सीन की खुराक दी है, जिसके बाद अब तक कुल 31.90 करोड़ (32,90,29,510) वैक्सीन की खुराक दी जा चुकी है।(आईएएनएस-SHM)

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में बात करते हुए योगी ने तारीफ की (wikimedia commons )

हमारा देश भारत अनेकता में एकता वाला देश है । हमारे यंहा कई धर्म जाती के लोग एक साथ रहते है , जो इसे दुनिया में सबसे अलग श्रेणी में ला कर खड़ा करता है । योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं । उन्होंने एक बयान में कहा कि नई थ्योरी में पता चला है कि पूरे देश का डीएनए एक है। यहां आर्य-द्रविण का विवाद झूठा और बेबुनियाद रहा है। भारत का डीएनए एक है इसलिए भारत एक है। साथ ही उन्होंने कहा की दुनिया की तमाम जातियां अपने मूल में ही धीरे धीरे समाप्त होती जा रही हैं , जबकि हमारे भारत देश में फलफूल रही हैं। भारत ने ही पूरी दुनिया को वसुधैव कुटुंबकम का भाव दिया है इसलिए हमारा देश श्रेष्ठ है। आप को बता दे कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की व राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की पुण्यतिथि पर आयोजित एक श्रद्धांजलि समारोह का शुरुआत करने गये थे। आयोजन के पहले दिन मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी ऐसा भारतीय नहीं होगा जिसे अपने पवित्र ग्रन्थों वेद, पुराण, उपनिषद, रामायण, महाभारत आदि की जानकारी न हो। हर भारतीय परम्परागत रूप से इन कथाओं ,कहनियोंको सुनते हुए, समझते हए और उनसे प्रेरित होते हुए आगे बढ़ता है।

साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे यंहा के कोई भी वेद पुराण हो या ग्रंथ हो इनमे कही भी नहीं कहा गया की हम बहार से आये थे । हमारे ऐतिहासिक ग्रन्थों में जो आर्य शब्द है वह श्रेष्ठ के लिए और अनार्य शब्द का प्रयोग दुराचारी के लिए कहा गया है। मुख्यमंत्री योगी ने रामायण का उदाहरण भी दिया योगी ने कहा कि रामायण में माता सीता ने प्रभु श्रीराम की आर्यपुत्र कहकर संबोधित किया है। लेकिन , कुटिल अंग्रेजों ने और कई वामपंथी इतिहासकारों के माध्यम से हमारे इतिहास की किताबो में यह लिखवाया गया कि आर्य बाहर से आए थे । ऐसे ज्ञान से नागरिकों को सच केसे मालूम चलेगा और ईसका परिणाम देश लंबे समय से भुगतता रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में बात करते हुए योगी ने कहा कि , आज इसी वजह से मोदी जी को एक भारत-श्रेष्ठ भारत का आह्वान करना पड़ा। आज मोदी जी के विरोध के पीछे एक ही बात है। साथ ही वो विपक्ष पर जम के बरसे। उन्होंने मोदी जी के बारे में आगे कहा कि उनके नेतृत्व में अयोध्या में पांच सौ वर्ष पुराने विवाद का समाधान हुआ है। यह विवाद खत्म होने से जिनके खाने-कमाने का जरिया बंद हो गया है तो उन्हें अच्छा कैसे लगेगा।

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अल्जाइमर रोग एक मानसिक विकार है। (unsplash)

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Wikimedia Commons)

शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) सम्मेलन को संम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चरमपंथ और कट्टरपंथ की चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए एससीओ द्वारा एक खाका विकसित करने का आह्वान किया। 21वीं बैठक को संम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मध्य एशिया में अमन के लिए सबसे बड़ी चुनौती है विश्वास की कमी।

इसके अलावा, पीएम मोदी ने विश्व के नेताओं से यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि मानवीय सहायता अफगानिस्तान तक निर्बाध रूप से पहुंचे। मोदी ने कहा, "अगर हम इतिहास में पीछे मुड़कर देखें, तो हम पाएंगे कि मध्य एशिया उदारवादी, प्रगतिशील संस्कृतियों और मूल्यों का केंद्र रहा है।
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