Never miss a story

Get subscribed to our newsletter


×
खेल

पिच का रोना छोड़,England को अपनी कमियों को सुधारना होगा : हुसैन

पूर्व कप्तान नासिर हुसैन ने भारत के खिलाफ दूसरे दूसरे टेस्ट के हार के बादपूर्व कप्तान नासिर हुसैन को सलाह दी है कि वे पिच को दोष देने की मानिसकता से बाहर आएं और हाल के अपने विदेशी रिकॉर्ड से प्रेरणा लेकर अंतिम दो टेस्ट मैचों में बेहतर प्रदर्शन करें।

पूर्व कप्तान नासिर हुसैन ने भारत के खिलाफ दूसरे दूसरे टेस्ट के हार के बादपूर्व कप्तान नासिर हुसैन को सलाह दी है कि वे पिच को दोष देने की मानिसकता से बाहर आएं और हाल के अपने विदेशी रिकॉर्ड से प्रेरणा लेकर अंतिम दो टेस्ट मैचों में बेहतर प्रदर्शन करें। इंग्लैंड के पूर्व खिलाड़ी डेविड लॉयड ने दूसरे टेस्ट के बाद चेन्नई पिच की आलोचना की थी। नासिर ने लॉयड की आलोचनाओं का जवाब देते हुए कहा कि हार के लिए पिच से ज्यादा इंग्लैंड के स्पिनरों को दोष देना चाहिए क्योंकि सभी ओवरों में फुल टॉस गेंद डाले।

नासिर ने स्कोई स्पोटर्स से कहा, ” उन्हें यह महसूस करने की जरूरत है कि वे घर से बाहर कितने अच्छे हैं और रविचंद्रन अश्विन और रोहित शर्मा ने इस पर बल्लेबाजी की है। मैंने पिछले पांच टेस्टों में कभी भी इंग्लिश स्पिनरों से ऐसी गेंदबाजी नहीं देखी जैसी जैक लीच और मोइन अली ने उस पहली पारी में गेंदबाजी की। हर दूसरे ओवर में फुलटॉस था। मैंने अक्षर पटेल या अश्विन को कोई पूर्ण टॉस डालते नहीं देखा। उनके पास नियंत्रण और विकेट लेने की क्षमता थी। यही वह क्षेत्र है जिस पर इंग्लैंड को काम करने की जरूरत है।”


 

उन्होंने कहा कि पिच के कारण दूसरा टेस्ट रोमांचक था। इंग्लैंड ने पहला टेस्ट 227 रनों से जीता था तो वहीं दूसरे टेस्ट में भारतीय टीम ने 317 रनों से जीत हासिल करके सीरीज में 1-1 की बराबरी हासिल कर ली है। 

यह भी पढ़ें :- कई लोगों को लंबे समय तक डिपरेशन से जूझना पड़ता है : विराट कोहली

नासिर ने कहा, ” पिच के कारण हर एक गेंद पर मेरी नजर थी। यह बहुत ही आकर्षक था। बहुत सारी चीजें चल रही थीं। अश्विन ने दूसरी पारी में 100 और रोहित शर्मा ने 160 रन बनाए। (पहली पारी में) और भारत ने इस पर 600 रन बनाए। यह बहुत ज्यादा माइंसफील्ड नहीं है अगर ये लैड्स इस पर रन बना रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि इंग्लैंड वास्तव में उस मानसिकता को नहीं रखता है कि पिच, टॉस, डीआरएस, अंपायर या इस तरह की किसी भी चीज का रोना रोए। इसके बजाय उन्हें उन डिपार्टमेंट्स में सुधार करना चाहिए जिनमें वह कमतर नजर आया। मुझे उम्मीद है कि वे ऐसा करेंगे।”
(आईएएनएस )
 

Popular

इंडियन स्कूल ऑफ हॉस्पिटैलिटी (ISH) [IANS]

दुनिया की अग्रणी हॉस्पिटैलिटी और पाक कला शिक्षा दिग्गजों में से एक, सॉमेट एजुकेशन (Sommet Education) ने हाल ही में देश के प्रीमियम हॉस्पिटैलिटी संस्थान, इंडियन स्कूल ऑफ हॉस्पिटैलिटी (ISH) के साथ हाथ मिलाया है। इसके साथ सॉमेट एजुकेशन की अब आईएसएच (ISH) में 51 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जो पूर्व के विशाल वैश्विक नेटवर्क में एक महत्वपूर्ण एडिशन है। रणनीतिक साझेदारी सॉमेट एजुकेशन को भारत में अपने दो प्रतिष्ठित संस्थानों को स्थापित करने की अनुमति देती है। इनमें इकोले डुकासे शामिल है, जो पाक और पेस्ट्री कला में एक विश्वव्यापी शिक्षा संदर्भ के साथ है। दूसरा लेस रोचेस है, जो दुनिया के अग्रणी हॉस्पिटैलिटी बिजनेस स्कूलों में से एक है।

इस अकादमिक गठबंधन के साथ, इकोले डुकासे का अब भारत में अपना पहला परिसर आईएसएच (ISH) में होगा, और लेस रोचेस देश में अपने स्नातक और स्नातकोत्तर आतिथ्य प्रबंधन कार्यक्रम शुरू करेगा।

Keep Reading Show less
Credit- Wikimedia Commons

भारतीय रेलवे (Wikimedia Commons)

पूर्व मध्य रेल ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देशों के बाद इसके अनुपालन में उल्लेखनीय प्रगति हासिल की है। इको स्मार्ट स्टेशन के रूप में विकसित करने के लिए पूर्व मध्य रेल के 52 चिन्हित स्टेशनों पर रेलवे बोर्ड द्वारा सुझाए गए 24 इंडिकेटर (पैरामीटर) लागू किए हैं। सभी 52 स्टेशनों ने पर्यावरण प्रबंधन के लिए एक प्रमाणन आईएसओ-14001:2015 प्राप्त किया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा निर्धारित पूर्व मध्य रेल के 52 नामांकित स्टेशनों में से 45 का संबंधित राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोडरें के लिए सहमति-से-स्थापित (सीटीई) प्रस्तावों की ऑनलाइन प्रस्तुतियां सुनिश्चित कीं।

पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी राजेष कुमार ने बताया कि पूर्व मध्य रेल के सभी 45 स्टेशनों के लिए स्थापना की सहमति के लिए एनओसी प्राप्त कर ली गई है और 32 स्टेशनों को कंसेंट-टू-ऑपरेट (सीटीओ) दी गई है। उन्होंने बताया कि इस प्रमाणीकरण ने पूर्व मध्य रेलवे को राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोडरें द्वारा निर्धारित पानी, वायु प्रदूषण नियंत्रण और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन मानदंडों की आवश्यकता को सुव्यवस्थित करने में मदद की है।

Keep Reading Show less

वायरस जनित बीमारियों की विश्व स्तरीय जांच अब गोरखपुर में भी हो सकेगा। [IANS]

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में इंसेफेलाइटिस समेत अन्य वायरस जनित बीमारियों की विश्व स्तरीय जांच शुरू हो गई है। गोरखपुर (Gorakhpur) में यह इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR)की क्षेत्रीय इकाई रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर (RMRC) के जरिए संभव हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के प्रयास से शुरू इस आरएमआरसी में नौ अत्याधुनिक लैब्स बनकर तैयार हैं। बता दें कि मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) इसका उद्घाटन करेंगे।

राज्य सरकार की ओर से मिली जानकारी के अनुसार आरएमआरसी (RMRC) की इन लैब्स के जरिये न केवल बीमारियों के वायरस की पहचान होगी बल्कि बीमारी के कारण, इलाज और रोकथाम को लेकर व्यापक स्तर पर वल्र्ड क्लास अनुसंधान भी हो सकेगा। सबसे खास बात यह भी है कि अब गोरखपुर (Gorakhpur) में ही आने वाले समय में कोरोनाकाल के वर्तमान दौर की सबसे चर्चित और सबसे डिमांडिंग जीनोम सिक्वेंसिंग (Genome Sequencing) भी हो सकेगी। यह पता चल सकेगा कि कोरोना का कौन सा वेरिएंट (Covid variant) अधिक प्रभावित कर रहा है।

Narendra Modi , PM of India, ICMR मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस RMRC का उद्घाटन करेंगे। [Wikimedia Commons]

Keep reading... Show less