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मनोरंजन

नेहा कक्कड़ : गायिका बनने के लिए कभी भी बुरा समय नहीं होता

नेहा कक्कड़ तेजी से 'वन वुमन इंडस्ट्री' के रूप में उभर रही हैं, जो लगातार हिट गाने दे रही हैं और वर्तमान में शीर्ष पर चल रही हैं। उनका कहना है कि इंडस्ट्री में सिंगर बनने के लिए कभी भी बुरा समय नहीं होता है।

नेहा बहुत ही कम समय में रीमिक्स की निर्विवाद रानी बन गई हैं। (wikimedia commons)

By: दुर्गा चक्रवर्ती

नेहा कक्कड़(Neha Kakkar) तेजी से ‘वन वुमन इंडस्ट्री’ के रूप में उभर रही हैं, जो लगातार हिट गाने दे रही हैं और वर्तमान में शीर्ष पर चल रही हैं। उनका कहना है कि इंडस्ट्री में सिंगर बनने के लिए कभी भी बुरा समय नहीं होता है। पिछले वर्षो में, उन्होंने बैक-टू-बैक हिट गाने दिए हैं जिसमें ‘गर्मी’, दिलबर’ और ‘ओ साकी साकी’ जैसे फिल्मी गाने शामिल हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या यह इंडस्ट्री में एक गायिका बनने का अच्छा समय है, नेहा(Neha Kakkar) ने आईएएनएस को बताया, “इंडस्ट्री में गायक होने का कभी भी बुरा समय नहीं होता है। यह मायने रखता है कि आप कितने यूनिक हैं, लेकिन सबसे बढ़कर, यह महत्वपूर्ण है कि आप एक अच्छे इंसान भी हों। संगीत उद्योग में हमारे सभी दोस्त वास्तव में अच्छे हैं और हम उनकी सफलता की कामना करते हैं।”


नेहा(Neha Kakkar) बहुत ही कम समय में रीमिक्स की निर्विवाद रानी बन गई हैं। बॉलीवुड में अपनी शुरुआत करने से पहले, नेहा और उनके भाई-बहन टोनी और सोनू कक्कड़ जागराता में गाया करते थे। नेहा ने कहा कि यह कड़ी मेहनत और ईमानदार का नतीजा है। यात्रा विनम्र रही है और यह मेरे लिए बहुत मूल्यवान है कि हम कैसे बढ़े हैं। मेरे प्रशंसक मेरी यात्रा को इसके लायक बनाते हैं।

नेहा कक्कड़ तेजी से ‘वन वुमन इंडस्ट्री’ के रूप में उभर रही हैं(wikimedia commons)

सफलता के साथ आलोचना आती है। नेहा, जिन्होंने हाल ही में गायक रोहनप्रीत सिंह से शादी की है, अक्सर सोशल मीडिया पर ट्रोल होती हैं और मीम्स और जोक्स की भी सामग्री रही हैं। वह अपने रास्ते में आने वाले नकारात्मक टिप्पणियों से ज्यादा परेशान नहीं होती हैं।

सोशल मीडिया पर हो रही भारी ट्रोलिंग से वह कैसे प्रभावित नहीं होती? इस पर नेहा कहती है कि कड़ी मेहनत करो, ईमानदार रहो, विनम्र रहो, और कभी विश्वास मत खोओ।

नेहा के लिए आगे क्या है? 33 वर्षीय गायिक ने कहा, “बहुत सी चीजें पाइपलाइन में हैं, आपको बहुत जल्द एक बड़ी घोषणा के साथ पता चल जाएगा।”

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नेहा ने हाल ही में एमएक्स टकाटक ऐप पर परफोर्मेस दी, और वह कहती हैं, “मैं बहुत खुश, उत्साहित और विनम्र हूं कि मैं टकाटक मंच लॉन्च कर रही हूं।” (आईएएनएस-PS)

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डब्ल्यूएचओ यानीं विश्व स्वास्थ्य संगठन का मुख्यालय (wikimedia commons)

पूरी दुनिया एक बार फिर कोरोना वायरस अपना पांव पसार रहा है । डब्ल्यूएचओ यानीं विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि कोरोना वायरस का जो डेल्टा कोविड वैरिएंट संक्रामक वायरस का वर्तमान में प्रमुख प्रकार है, अब यह दुनिया भर में इसका फैलाव हो चूका है । इसकी मौजूदगी 185 देशों में दर्ज की गई है। मंगलवार को अपने साप्ताहिक महामारी विज्ञान अपडेट में वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसी ने कहा, डेल्टा वैरिएंट में अब सेम्पल इकट्ठा करने की डेट जो कि 15 जून -15 सितंबर, 2021 के बीच रहेंगीं । जीआईएसएआईडी, जो एवियन इन्फ्लुएंजा डेटा साझा करने पर वैश्विक पहल के लिए है, एक ओपन-एक्सेस डेटाबेस है।

मारिया वान केरखोव जो विश्व स्वास्थ्य संगठन में कोविड-19 पर तकनीकी के नेतृत्व प्रभारी हैं , उन्होंने डब्ल्यूएचओ सोशल मीडिया लाइव से बातचीत करते हुए कहा कि , वर्तमान में कोरोना के अलग अलग टाइप अल्फा, बीटा और गामा का प्रतिशत एक से भी कम चल रहा है। इसका मतलब यह है कि वास्तव में अब दुनिया भर में कोरोना का डेल्टा वैरिएंट ही चल रहा है।

\u0915\u094b\u0930\u094b\u0928\u093e \u0935\u093e\u092f\u0930\u0938 कोरोना का डेल्टा वैरिएंट हाल के दिनों में दुनियाभर में कहर बरपाया है (pixabay)

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ऑस्ट्रेलिया का नक्शा (Wikimedia Commons)

ऑस्ट्रेलिया की शार्क प्रजातियों पर एक खतरा आ गया है। वहाँ 10 प्रतिशत से अधिक शार्क प्रजाति विलुप्त होने ही वाली है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय पर्यावरण विज्ञान कार्यक्रम (एनईएसपी) समुद्री जैव विविधता हब ने सभी ऑस्ट्रेलियाई शार्क, किरणों और घोस्ट शार्क (चिमेरा) के विलुप्त होने का मूल्यांकन प्रकाशित किया है।


ऑस्ट्रेलिया दुनिया की कार्टिलाजिनस मछली प्रजातियों के एक चौथाई से अधिक का घर है, इसमें 182 शार्क, 132 किरणें और 14 चिमेरे ऑस्ट्रेलियाई जलमार्ग में हैं। पीटर काइन जो चार्ल्स डार्विन विश्वविद्यालय (सीडीयू) के एक वरिष्ठ शोधकर्ता है और रिपोर्ट के प्रमुख लेखक है उन्होंने कहा कि तुरंत कार्रवाई की जरूरत है। पीटर काइन कहा, "ऑस्ट्रेलिया का जोखिम 37 प्रतिशत के वैश्विक स्तर से काफी कम है। यह उन 39 ऑस्ट्रेलियाई प्रजातियों के लिए चिंता का विषय है, जिनके विलुप्त होने का खतरा बढ़ गया है।"

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ब्रिटेन में पढ़ने के लिए राज्य छात्रवृत्ति मिली 6 आदिवासी छात्रों को।(Unsplash)

भारत के झारखंड राज्य में कुछ छात्रों का भविष्य उज्व्वल होने जा रहा है । क्योंकि झारखंड राज्य में छह छात्रों को राज्य के छात्रवृत्ति कार्यक्रम के तहत विदेश में मुफ्त उच्च शिक्षा मिलने जा रही है। राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कल्याण मंत्री चंपई सोरेन राजधानी रांची में गुरुवार कोआयोजित होने वाले एक कार्यक्रम में छात्रवृत्ति योजना मारंग गोमके जयपाल सिंह मुंडा के तहत लाभार्थियों छात्रोंऔर उनके अभिभावकों को सम्मानित करने जा रहे है।

आप को बता दे की यह योजना राज्य सरकार द्वारा यूके और आयरलैंड में उच्च अध्ययन करने हेतु अनुसूचित जनजातियों के छात्रों के लिए शुरू की गई है। छात्रवृत्ति के पुरस्कार प्राप्त करने वाले छात्रों को विविध खर्चो के साथ-साथ ट्यूशन फीस भी पूरी तरह मिलेगी । इस योजना के अनुसार झारखंड राज्य में हर साल अनुसूचित जनजाति से 10 छात्रों का चयन किया जाएगा।

सितंबर में ब्रिटेन के 5 विभिन्न विश्वविद्यालयों में अपना अध्ययन कार्यक्रम शुरू करंगे 6 छात्र जिनको को चुना गया हैं।

अगर बात करे चयनित छात्रों की सूचि के बारे में तो इसमें से हरक्यूलिस सिंह मुंडा जो कि "यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन " के "स्कूल ऑफ ओरिएंटल एंड अफ्रीकन स्टडीज" से एमए करने जा रहे हैं। "मुर्मू यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ लंदन" से छात्र अजितेश आर्किटेक्चर में एमए करने जा रहे हैं। और वंहीआकांक्षा मेरी "लॉफबोरो विश्वविद्यालय" में जलवायु परिवर्तन, विज्ञान और प्रबंधन में एमएससी करेंगी, जबकि दिनेश भगत ससेक्स विश्वविद्यालय में जलवायु परिवर्तन, विकास और नीति में एमएससी करेंगे।

\u0938\u094d\u091f\u0942\u0921\u0947\u0902\u091f विश्वविद्यालय में पढ़ते हुए छात्र (pixabay)

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