जब बॉलीवुड के विलेन का असली डाकुओं से पाला पड़ा, बंदूक देख कांप गए फिल्म स्टार्स

एक ऐसा डरावना वाकया बॉलीवुड के विलेन स्टार्स के साथ हुआ, जब वो बिहार में शूटिंग कर रहे थे। इस बात का खुलासा खुद अभिनेता यशपाल शर्मा ने किया।
तस्वीर में एक तरफ बंदूक, दूसरी ओर बॉलीवुड अभिनेता
बिहार में असली गुंडों के बीच फंस गए बॉलीवुड के विलेन अभिनेता X
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Summary

  • द कपिल शर्मा शो (2 अप्रैल 2022) में यशपाल शर्मा ने बिहार में शूल की शूटिंग का डरावना किस्सा बताया

  • UP Bihar Loot Le गाने की शूटिंग के दौरान असली गुंडे और 20 से ज्यादा पिस्टल सामने आ गई थीं

  • गाना शूल (1999) का आइकॉनिक सॉन्ग है, जिसमें शिल्पा शेट्टी नजर आई थीं

बॉलीवुड में जब बात विलेन का किरदार निभाने वाले की हो, तो आपके दिमाग में रंजीत, प्रेम चोपड़ा और प्राण जैसे दिग्गज अभिनेताओं की छवि बनेगी। फिर दौर बदला और फिर अमरीश पुरी, आशीष विद्यार्थी और मुकेश ऋषि जैसे अभिनेताओं का जमाना आया लेकिन किसने सोचा था कि बड़े पर्दे पर खौफनाक विलेन का किरदार निभाने वाले अभिनेता ही असल ज़िन्दगी में डाकुओं के बीच फंस जाएंगे।

वो गाना तो आप सभी ने सुना होगा ना, 'अल्लाह बचाए मेरी जान, रज़िया गुंडों में फंस गई।' कुछ ऐसा ही वाकया हुआ, बॉलीवुड के स्टार्स के साथ जो फिल्मों में विलेन की भूमिका निभाते हैं। एक समय ऐसा आया, जब वो खुद असली गुंडों के बीच फंस गए। इस बात का खुलासा खुद अभिनेता यशपाल शर्मा (Yashpal Sharma) ने किया। जो उन्होंने बताया, उसे सुनकर आपके भी रौंगटे खड़े हो जाएंगे। आइये जानते हैं, पूरा मामला?

असली गुंडों के बीच फंसे बॉलीवुड के विलेन

जिस घटना की हम बात कर रहे हैं, वो 2 अप्रैल 2022 की है, जब 'द कपिल शर्मा शो' (The Kapil Sharma Show) में विलेन का किरदार निभाने वाले अभिनेता आए थे। इस शो में यशपाल शर्मा, मुकेश ऋषि, आशीष विद्यार्थी और अभिमन्यु सिंह जैसे दिग्गज कलाकार आए थे। इस दौरान शो के होस्ट कपिल शर्मा सबसे मजेदार सवाल कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने एक रोचक सवाल सभी अभिनेताओं से किया कि आपने इतने सारे बदमाशों वाले रोल किए हैं, तो क्या आप कभी असली में बदमाशों के बीच फंसे हैं। इसका जवाब यशपाल शर्मा ने दिया।

उन्होंने हँसते हुए कहा कि ये घटना बिहार के मोतिहारी की है, जब वहां 'शूल' फिल्म की शूटिंग चल रही थी। इस फिल्म में मनोज वाजपेयी (Manoj Bajpayee) थे और 'यूपी बिहार लूट ले' वाला गाना शूट किया जा रहा था। यशपाल शर्मा आगे बताते हैं कि जब ये गाना खत्म होता है, तो आखिर में मनोज वाजपेयी की एंट्री होती है और वो गोली चलाते हैं लेकिन जो बंदूक उस समय उनके पास थी, वो काफी ज्यादा मॉडर्न थी।

यशपाल फिर कहते हैं कि उन्होंने तुरंत ये पूछा कि बिहार के गांव में कौन इतना मॉडर्न बंदूक देता है। किसी के पास देसी बंदूक है। उस समय ठंड का मौसम था। सबने कंबल ओढ़ रखे थे। सबने अचानक कहा कि ये चलेगी क्या? उस समय कम से कम 20 पिस्टल्स हमारे सामने आ गई। ये देखने के बाद हमलोग काफी डर गए और सोचा की एक्टिंग भाड़ में गया, बस भगवान किसी तरह यहाँ से बचा ले।

आइकॉनिक है 'यूपी बिहार लूटने' वाला गाना

गौरतलब है कि शूल (Shool) फिल्म का 'यूपी बिहार लूट ले' काफी आइकॉनिक (Iconic) गाना है। आज भी यूपी-बिहार की सड़कों पर जिनकी उम्र कम से कम 40-50 से ऊपर है, वो 'दिलवालों के दिल का करार लूटने, मैं आयी हूँ यूपी-बिहार लूटने' गुनगुनाते मिल जाएंगे। इस गाने में शिल्पा शेट्टी थीं, और ये गाना काफी सुपरहिट साबित हुआ। आज भी ये गाना किसी पार्टी या शादी में सुना जा सकता है।

वहीं, नवंबर 2023 में इस गाने पर बात करते हुए, शिल्पा शेट्टी (Shilpa Shetty) ने कहा कि ‘शूल’ फिल्म का गाना ‘मैं आई हूं यूपी बिहार लूटने’ शूट करने में उन्हें सबसे ज्यादा मजा आया। कोरियोग्राफर अहमद खान (Ahmed Khan) ने उन्हें बस नेचुरल तरीके से नाचने को कहा था, इसलिए कोई रटा-रटाया डांस नहीं था।

शिल्पा ने यह भी बताया कि इस आइटम सॉन्ग (Item Song) के लिए उनका घाघरा शूट के लिए फ्लाइट पकड़ने से सिर्फ 2 घंटे पहले तैयार किया गया था और उस पर सिलाई की जगह चीजें चिपकाई गई थीं।

शिल्पा ने यह भी बताया कि ‘धड़कन’ के डायरेक्टर धर्मेश दर्शन इस आइटम सॉन्ग (Item Song) के खिलाफ थे, क्योंकि उन्हें लगा कि यह उनके किरदार ‘अंजलि’ की क्लासी इमेज (Classy Image) से मेल नहीं खाता, लेकिन शिल्पा को खुशी है कि उन्होंने यह गाना किया, जिससे वे वापस चर्चा में आ गईं।

क्या थी शूल फिल्म की कहानी?

आपको बता दें कि शूल (Shool) साल 1999 में रिलीज हुई थी और इसमें मनोज बाजपेयी ने एक ईमानदार पुलिस इंस्पेक्टर समर प्रताप सिंह का किरदार निभाया था। उनका ट्रांसफर बिहार के मोतिहारी जिले में होता है, जहाँ उसका सामना एक क्रूर बाहुबली नेता बच्चू यादव (सयाजी शिंदे) से होता है।

समर प्रताप कानून के रास्ते पर चलकर बच्चू यादव के अपराधों को रोकना चाहता है, लेकिन पूरा सिस्टम और उसके अपने विभाग के लोग भ्रष्ट होते हैं। इस लड़ाई की कीमत भी समर को चुकानी पड़ती है। वो अपनी बेटी और पत्नी (रवीना टंडन) को खो देता है।

अंत में, जब समर सिस्टम से हार जाता है और सब कुछ खो देता है, तो वो विधानसभा (Assembly) में घुसकर बच्चू यादव को मार डालता है। यह फिल्म राजनीति के अपराधीकरण और एक ईमानदार आदमी की लाचारी को दिखाती है।

तस्वीर में एक तरफ बंदूक, दूसरी ओर बॉलीवुड अभिनेता
मुझे उन सभी फिल्मों को पूरा करना है जिनके लिए मैं प्रतिबद्ध हूँ : Manoj Bajpai

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