

उत्तर प्रदेश के शहर बरेली से निकलकर अपने दम पर मिस वर्ल्ड का खिताब जीतना प्रियंका चोपड़ा (Priyanka Chopra) के लिए आसान नहीं था। वे भारत की पांचवीं भारतीय थीं, जिन्होंने ये टाइटल जीता था। इसी साल लारा दत्ता ने भी मिस यूनिवर्स का खिताब जीता और दीया मिर्जा मिस एशिया पैसिफिक बनी थीं। मिस वर्ल्ड का खिताब जीतने से पहले प्रियंका ने पूछे सवाल का शानदार जवाब सभी लोगों का दिल जीत लिया था। उनसे पूछा गया कि आपके लिए दुनिया की सबसे प्रेरणादायक जीवित महिला कौन हैं और क्यों। इस सवाल का जवाब देते हुए प्रियंका चोपड़ा ने जवाब दिया-मदर टेरेसा।
उन्होंने कहा था कि वे बहुत सारे लोगों को एडमायर करती हैं, लेकिन मदर टेरेसा उनके लिए प्रेरणा का स्त्रोत रही हैं, क्योंकि उन्होंने अपने दम पर बहुत कुछ हासिल किया। उन्होंने अपनी दयालुता के कारण भारत के लोगों के लिए बहुत कुछ किया है। भले ही टेक्निकली प्रियंका चोपड़ा ने जवाब गलत दिया, क्योंकि साल 2000 से पहले ही मदर टेरेसा का निधन हो चुका था, फिर भी मिस वर्ल्ड (Miss World) का खिताब जीतने से प्रियंका को कोई नहीं रोक पाया।
मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता के दौरान भी प्रियंका को टू-पीस पहनने के लिए कहा गया था, लेकिन एक्ट्रेस ने प्रोफेशनल तरीके से मना करते हुए वो कपड़े पहने जिनमें वे कम्फर्टेबल थीं। इस बात का जिक्र मधु चोपड़ा ने किया था कि प्रतियोगिता में ऑर्गैनाइजर ने एक्ट्रेस पर टू-पीस पहनने का दबाव बनाया था, लेकिन बिना किसी तरह के नखरे दिखाए प्रियंका चोपड़ा ने वही पहना जो उन्हें अच्छा लगा।
मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता जीतने के बाद साउथ सिनेमा और बॉलीवुड के दरवाजे प्रियंका के लिए खुल गए। साल 2002 में उन्होंने साउथ फिल्म "थमिजन" में विजय के साथ काम किया। बॉलीवुड में कदम एक्ट्रेस ने साल 2003 में फिल्म "द हीरो: लव स्टोरी ऑफ अ स्पाई" से रखा। बहुत कम लोग जानते हैं कि पहली बार शूटिंग के दौरान प्रियंका सेट पर जानकर रोती थीं, क्योंकि मेकअप मैन उनके चेहरे पर ढेर सारा मेकअप कर देते थे और वो भी खुद को पहचान नहीं पाती थीं। उन्होंने एक इंटरव्यू में खुलासा किया था कि पहले सेट पर उन्हें लंबे डायलॉग बोलने में भी परेशानी होती थी और कैसे काम करना है, ये भी नहीं आता था। ऐसे में मैं सेट पर रोना शुरू कर देती थीं।
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